विज्ञापन
This Article is From Sep 14, 2015

कांग्रेस, आरजेडी और जेडीयू गठबंधन ने 'बिहार ट्रेन' पर चुनाव आयोग से की बीजेपी की शिकायत

कांग्रेस, आरजेडी और जेडीयू गठबंधन ने 'बिहार ट्रेन' पर चुनाव आयोग से की बीजेपी की शिकायत
खास ट्रेन से उतरे लोग (फाइल फोटो)
नई दिल्ली: कांग्रेस, आरजेडी और जेडीयू गठबंधन ने चुनाव आयोग से शिकायत की है कि बीजेपी बिहार में बड़े पैमाने पर चुनावी आचार संहिता का उल्लंघन कर रही है। वो बिहार से नौजवानों को ट्रेनों में भर-भर कर घुमा-फिरा रही है। इन ट्रेनों का ख़र्च का बड़ा हिस्सा भी सरकारी ख़ज़ाने से आ रहा है।

गठबंधन का आरोप है कि चुनाव के वक़्त इस तरह से वोटरों को घुमाना न सिर्फ उन्हें घूस देने जैसा है बल्कि इसमें केन्द्र सरकार के पैसों का भी इस्तेमाल हो रहा है।

जेडीयू का आरोप
जेडीयू के राज्यसभा सांसद पवन वर्मा ने एनडीटीवी से बात करते हुए कहा कि आज सुबह 10 बजे हम चुनाव आयुक्त से मिले और उन्हें बताया कि इस पूरी ट्रेन की सवारी में 60 प्रतिशत रियायत रेल मंत्रालय की तरफ़ से दी जा रही है।

एनजीओ की आड़ में चल रहा काम
कांग्रेस-आरजेडी-जेडीयू गठबंधन का आरोप है कि पटना से रायपुर, मुंबई, भोपाल और जयपुर जो चार ट्रेनें बुक की गई उसे एक एनजीओ की आड़ में किया गया। जबकि ये पूरी तरह से बीजेपी की रणनीति है और इसमें सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग हुआ है। सबकुछ वोटरों को लुभाने के लिए किया जा रहा है।

पोटेंशियल बूथ वर्कल हैं ये लोग
बिहार कांग्रेस के प्रभारी सीपी जोशी का कहना है कि ये लोग पोटेंशियल बूथ वर्कर हैं जो लौट कर बीजेपी के लिए काम करेंगे। चुनाव आयोग को की गई लिखित शिकायत में ट्रेन बुक करने वाले शरद जोशी को आरएसएस से जुड़ा बताया गया है। 9 से 17 सितंबर तक चलने वाली इन ट्रेनों को तुरंत रद्द कर इन्हें मिली रियायत पर जाँच बिठाने और बीजेपी के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग की गई है।

आईए समझें क्या है ये बिहार ट्रेन
उल्लेखनीय है कि बिहार में चुनावों की तारीखों के ऐलान के साथ ही हर पार्टी ने अपनी पूरी ताकत झोंकनी शुरू कर दी है। बीजेपी बिहार में चुनाव जीतने के लिए हरसंभव कोशिश कर रही है। एक तरफ देश के दूसरे शहरों में रहने वाले बिहार के लोगों से अपील की जा रही है कि वो अब अपने घर लौटें, क्योंकि राज्य में अब विकास होगा। वहीं वह बिहार से ट्रेन के जरिये कुछ लोगों को बीजेपी शासित राज्यों में ले जाया जा रहा है ताकि वो लौटकर बता सकें कि वहां किस तरह का विकास हुआ है।

इसके लिए बकायदा एक स्पेशल ट्रेन चलाई गई है, जो बिहार के अलग-अलग जिलों से युवाओं को मुंबई व अन्य शहरों में लेकर जा रही है। इस ट्रेन में लोगों के लिए खास इंतजाम किए गए हैं। लोगों को खाने के पैकेट, पीने का पानी और दूसरी जरूरी चीजें दी जा रही हैं।

14 डिब्बे की इस ट्रेन में बिहार के अलग-अलग इलाकों से युवाओं को लिया गया है। ट्रेन में कई वॉलेंटियर थे, जो इनकी देखरेख कर रहे थे। मीडिया से बात करने की मनाही भी कर रहे थे और ये बता रहे थे कि ये टूर एक एनजीओ ने आयोजित किया है, बीजेपी ने नहीं। लेकिन मुगलसराय स्टेशन पर जैसे ही गाड़ी रुकी स्थानीय बीजेपी के कार्यकर्ता इनके लिए खाने के पैकेट और पानी जैसी दूसरी चीजें पहुंचाने लगे थे। बता दें कि यात्री भी यही बता रहे थे कि वो बीजेपी शासित राज्य में उसका मॉडल देखने जा रहे हैं।

बिहार का चुनाव हर पार्टी के लिए बहुत अहम है। यही वजह है कि एक-एक वोट की खातिर मशक्कत की जा रही है। बीजेपी इस बात को बखूबी समझती है, लिहाजा उसके अपने मज़बूत संगठन इस तरह की ट्रेनों से बिहार के युवाओं को उन इलाकों में लेकर जा रही है, जहां उन्हें विकास का मॉडल दिखा सके और जब ये लौटकर आए तो अपने इलाके में ये बता सके कि बीजेपी शासित प्रदेशों में किस तरह का काम होता है। यानी ये साफ है कि बिहार का चुनाव सिर्फ बिहार में नहीं, बल्कि उन उन प्रदेशों में भी लड़ा जा रहा है, जहां बिहार के लोग रह रहे हैं।

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
बिहार ट्रेन, बीजेपी ट्रेन, बिहार चुनाव 2015, Bihar Polls 2015, BJP Train, Bihar Train, Election Commission, चुनाव आयोग, एनडीए, कांग्रेस जेडीयू आरजेडी, Congress, JDU RJD