- बस्ते को देखते ही समझ में आ जाता है कि यह किस वर्ग से संबंधित
- राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में 200 बैग बांटे गए
- बैग पर एससी-एसटी योजना लिखे होने से इस वर्ग के विद्यार्थी नाराज
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मंदसौर:
मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले के एक सरकारी कॉलेज में अनुसूचित जाति-जनजाति के विद्यार्थियों को ऐसे बस्ते (बैग) बांटे गए, जिस पर सरकार की एससी-एसटी योजना का जिक्र है. इस बस्ते को देखते ही यह समझ में आ जाता है कि यह किस वर्ग से संबंधित है.
जानकारी के अनुसार, राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में पिछले दिनों अनुसूचित जाति वर्ग और अनुसूचित जनजाति वर्ग के कुल 200 विद्यार्थियों को बैग बांटे गए. इन बस्तों में रखकर पठ्न-पाठ्न की सामग्री भी दी गई. काले रंग के पीठ पर टांगने वाले इस बैग पर सफेद रंग के पेंट से महाविद्यालय के नाम के साथ एससी-एसटी योजना लिखा हुआ है.
महाविद्यालय के प्राचार्य बीआर नालव्या ने गुरुवार को चर्चा करते हुए कहा कि 'यह बैग सरकार की अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों की योजना के तहत बांटे गए हैं, इसी के चलते इस बैग पर एससी, एसटी स्कीम लिखा गया है. इसके अलावा कोई अन्य कारण नहीं है.' उन्होंने आगे कहा कि अगर इस योजना का जिक्र किया जाना ठीक नहीं होगा तो आगे चलकर बैग पर योजना का जिक्र नहीं किया जाएगा.
बैग पर एससी-एसटी योजना लिखे होने से इस वर्ग के विद्यार्थियों में खासी नाराजगी है. उनका कहना है कि जैसे ही वे यह बैग पीठ पर टांग कर निकलते हैं, लोग उन्हें दूसरी नजरों से देखने लगते हैं.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
जानकारी के अनुसार, राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में पिछले दिनों अनुसूचित जाति वर्ग और अनुसूचित जनजाति वर्ग के कुल 200 विद्यार्थियों को बैग बांटे गए. इन बस्तों में रखकर पठ्न-पाठ्न की सामग्री भी दी गई. काले रंग के पीठ पर टांगने वाले इस बैग पर सफेद रंग के पेंट से महाविद्यालय के नाम के साथ एससी-एसटी योजना लिखा हुआ है.
महाविद्यालय के प्राचार्य बीआर नालव्या ने गुरुवार को चर्चा करते हुए कहा कि 'यह बैग सरकार की अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों की योजना के तहत बांटे गए हैं, इसी के चलते इस बैग पर एससी, एसटी स्कीम लिखा गया है. इसके अलावा कोई अन्य कारण नहीं है.' उन्होंने आगे कहा कि अगर इस योजना का जिक्र किया जाना ठीक नहीं होगा तो आगे चलकर बैग पर योजना का जिक्र नहीं किया जाएगा.
बैग पर एससी-एसटी योजना लिखे होने से इस वर्ग के विद्यार्थियों में खासी नाराजगी है. उनका कहना है कि जैसे ही वे यह बैग पीठ पर टांग कर निकलते हैं, लोग उन्हें दूसरी नजरों से देखने लगते हैं.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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