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This Article is From Apr 20, 2015

लावारिस पड़ी है देश की पहली मारुति 800 कार, राष्ट्रीय विरासत बनाने की मांग


नई दिल्ली : भारत में 'जनता की कार' के नाम से मशहूर मारुति 800 का प्रोडक्शन अब भले ही बंद हो गया है, लेकिन आज भी यह कई भारतीयों के दिल में बसता है। हालांकि देश में बनी सबसे पहली मारुति 800 आज लावारिस हालत में पड़ी है।


करीब 32 साल पहले दिल्ली के रहने वाले हरपाल सिंह को लकी ड्रॉ के जरिये यह पहली मारुति 800 कार मिली थी। 14 दिसंबर, 1983 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने खुद इसकी चाबी सौंपी थी। हरपाल अब इस दुनिया में नहीं रहे और उनकी यह कार नई दिल्ली के ग्रीन पार्क स्थित उनके बंद मकान के सामने लावारिस हालत में खड़ी है।

इंडियन एयरलाइंस के पूर्व कर्मचारी रहे हरपाल सिंह का साल 2010 में निधन हो गया था, जबकि इसके दो साल बाद उनकी पत्नी भी चल बसीं। उनकी दो बेटियां, जो कि दक्षिण दिल्ली में रहती हैं, इस कार के रखरखाव में खुद को अक्षम पा रही हैं।


परिवार के सदस्यों का इस कार से भावनात्मक जुड़ाव है। उनका कहना है कि वे इस कार को कबाड़ में तब्दील होते हुए नहीं देख सकते। परिवार के सदस्यों की मांग है कि इस कार को किसी म्यूजियम में रख देना चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ियां भी 'जनता की पहली कार' का दीदार कर सकें।

हरपाल सिंह के दामाद तेजिंदर अहलूवालिया ने इस कार की निर्माता कंपनी से इस कार के संरक्षण के लिए कदम उठाने की अपील की है। उन्होंने कहा, 'हम चाहते हैं कि इस कार को इसके निर्माता अपने साथ ले जाएं और इसका सही से रख-रखाव करें। इसके बदले में हम उनसे किसी प्रकार का आर्थिक लाभ नहीं चाहते। हम सिर्फ इतना चाहते हैं कि वे लोगों को जब इस कार को दिखाएं तो यह भी बताएं कि इस मारुति कार के मालिक सरदार हरपाल सिंह थे।'

इस कार के बारे में याद करते हुए हरपाल सिंह की बेटी गोविंदर पाल कौर ने कहा, 'जब हमें यह कार मिली थी तो हम अपने आपको काफी खुशकिस्मत समझते थे। यह हमारे मध्यवर्गिय परिवार के लिए बहुत बड़ी बात थी। इस कार की चाभी प्रधानमंत्री ने थमाई तो हमें लगा कि हमारे उपर ईश्वर की विशेष कृपा है।'

मारुति मोटर्स लिमिटेड ने 1981 में सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन के साथ एक जॉइंट वेंचर बनाया था, क्योंकि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी देश के लोगों को एक अफोर्डेबल छोटी कार गिफ्ट करना चाहती थीं।

इस कार की कहानी मीडिया में आने के बाद कई लोगों ने इस कार की मरम्मत करान और इसे खरीदने में रुचि दिखाई है। वहीं मारुति सुजुकी के प्रवक्ता ने भी कहा है कि अगर परिवार वाले इस कार को वापस बेचना चाहते हैं, तो कंपनी उनसे बात करने को तैयार है।

प्रवक्ता ने कहा, 'वाकई यह कार बेहद खास है। हरपाल सिंह ने इसे बेहद अच्छी तरह से रखा है। अगर परिवार चाहते हैं कि हम इसे वापस खरीद लें, तो हम उनसे बातचीत करने को तैयार हैं।'

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