आज भारत एक ग्लोबल पावर बनना चाहता है, न सिर्फ सैन्य ताकत बल्कि आर्थिक ताकत का भी. भारत एक बार फिर दक्षिण एशिया के समंदरों का शेर बनना चाहता है, जहां कभी राजेंद्र चोल की यहां धाक थी. भारत के इस मिशन में चोल साम्राज्य से कई चीजें सीखी जा सकती है.
चोल साम्राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था अत्यंत विकसित थी. राजा सर्वोच्च शासक था, लेकिन स्थानीय स्तर पर गांवों को स्वायत्तता दी गई थी. गांवों में ग्राम सभाएं प्रशासनिक और सामाजिक मामलों का प्रबंधन किया करती थीं.
मस्क का मंगल पर शहर बसाने के सपनें की यह कहानी हकिकत में अब कितनी आगे बढ़ गई है, इसका अंदाजा आप इस बात से भी लगा सकते हैं कि अंतर्राष्ट्रिय पटल पर अब मंगल को लेकर दंगल भी शुरु हो चुका है. बिल्कुल उस मुहावरे की तर्ज पर की गांव बसा नहीं लुटेरे आ धमके.
मार्च 04, 2025 20:20 pm IST
Reported by: विष्णु शंकर, Edited by: आलोक कुमार ठाकुर