मुंबई के दहिसर निवासी कैप्टन वीरेंद्र विश्वकर्मा और उनके 33 साथी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास समंदर में बुरी तरह फंस गए हैं। उनके जहाज पर 36 लाख गैस सिलेंडरों जितनी एलपीजी लदी है और ठीक सिर के ऊपर से मिसाइलें और ड्रोन गुजर रहे हैं। कुवैत से गुजरात आ रहे इस जहाज को 28 फरवरी से लगे समुद्री प्रतिबंधों के कारण रोक दिया गया है। परिवार खौफ में है और जहाज पर सिर्फ 60 दिन का राशन बचा है। अब सभी की उम्मीदें भारतीय नौसेना पर टिकी हैं कि वह जल्द से जल्द इन 34 भारतीयों को सुरक्षित वापस लाए। जानिए समंदर के बीचों-बीच जिंदगी और मौत से जंग लड़ रहे इन नाविकों की पूरी कहानी।