सद्गुरु
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Sant Ki Seekh: आध्यात्मिकता और भौतिकवाद एक ही सिक्के के दो पक्ष हैं
Bhautik Aur Adhyatmik: अध्यात्म और भौतिकवाद जीवन के दो ऐसे विपरीत दृष्टिकोण हैं, जिसमें एक का संबंध आत्मा से तो दूसरे का इंद्रिय सुख से है. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या इनके बीच कोई संतुलन बनाया जा सकता है? क्या इन दोनों का लक्ष्य एक हो सकता है? विस्तार से बता रहे हैं जाने-माने आध्यात्मिक गुरु, योगी, लेखक और विचारक सद्गुरु.
- जुलाई 15, 2026 07:03 am IST
- Written by: सद्गुरु
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Anxiety is not reality: चिंता वास्तविकता नहीं तो आखिर क्या है? जानें इसे दूर करने का उपाय
Chinta Kyon Hoti Hai: चिंता क्या होती है? इससे जीवन में क्या बदलाव आते हैं? जिस चिंता को चिता के समान माना जाता है, उसके दुष्परिणाम से बचने के लिए मनुष्य को आखिर क्या करना चाहिए, विस्तार से बता रहे हैं जाने-माने आध्यात्मिक गुरु, योगी, लेखक और विचारक सद्गुरु.
- जुलाई 08, 2026 07:05 am IST
- Written by: सद्गुरु
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Sant Ki Seekh: रिश्ते, खुशी और व्यक्तिगत विकास - एक योगी की सलाह
जीवन में तमाम तरह के रिश्तों के बीच इंसान कभी अपेक्षा तो कभी उपेक्षा करता है. आखिर क्या कारण है कि आत्मीय रिश्तों में भी एक समय बाद वह खुशी नजर नहीं आती जो जुड़ाव के समय हुआ करती थी. किसी भी इंसानी रिश्ते की मजबूती का आधार क्या है, संत की सीख में बता रहे हैं जाने-माने योगी सद्गुरु.
- जुलाई 01, 2026 06:58 am IST
- Written by: सद्गुरु
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Sant Ki Seekh: 'मिड लाइफ क्राइसिस' क्या आपको सता रहा है?
40 की उम्र के आसपास का दौर उम्र का वह पड़ाव है, जब कई बार इंसान को जीवन में खालीपन का अहसास होता है। मिड लाइफ क्राइसिस का हल आखिर है क्या? इसी जिज्ञासा को शांत किया सद्गुरु ने।
- जून 24, 2026 09:39 am IST
- Written by: सद्गुरु
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Learn to be Alone: जीवन में अकेले बैठना इतना मुश्किल क्यों लगता है?
जीवन में बगैर किसी काम के अकेले बैठकर दिन बिताना आखिर मुश्किल क्यों लगता है? क्या इस मुश्किल भरे समय में भी कुछ सीखा जा सकता है? अकेले में समय बिताने से जुड़ी समस्याएं और उनका बेहतर समाधान जानने के लिए जरूर पढ़ें सद्गुरु की सीख.
- जून 21, 2026 14:06 pm IST
- Written by: सद्गुरु
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महाशिवरात्रि - शिव की महान रात्रि
योग संस्कृति में, शिव के दो पहलू विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं. "शिव" शब्द का शाब्दिक अर्थ है "वह जो नहीं है." आज, आधुनिक विज्ञान हमें यह साबित कर रहा है कि सब कुछ शून्य से आता है और शून्य में ही चला जाता है.
- मार्च 06, 2024 18:28 pm IST
- सद्गुरु
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निर्माण रामराज्य का : क्या है रामराज्य...?
एक ऐसा लीडर, जो लोगों की भलाई के लिए अपनी व्यक्तिगत ख़ुशी को किनारे रख देते हैं, वह हैं राम. जनकल्याण के लिए अपनी निजी इच्छाओं को त्यागने के लिए तैयार हैं, वह हैं राम. जो हर तरह की बुराइयों का समाधान समभाव और शालीनता से करते हैं, वह हैं राम. जो कानून का शासन या धर्म की स्थापना के लिए कोई भी कीमत चुकाने को तैयार हैं, वह हैं राम. खुद को बेहतर बनाने की निरंतर चेष्टा, ताकि अपने जीवन के हर पल में बेहतर सेवा दे सकें, वह हैं राम.
- जनवरी 22, 2024 11:19 am IST
- सद्गुरु