प्रियदर्शन
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धुरंधर के मुक़ाबले इक्कीस
अगर उन्माद के बीच विवेक की आवाज़ सुननी हो तो ‘इक्कीस’ भी देखें. सच तो यह है कि इस फिल्म की नाकामी हमारे विवेक की भी नाकामी है.
- जनवरी 22, 2026 17:57 pm IST
- Written by: प्रियदर्शन
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ईरानी लड़कियों के सीने में जलती है एक आग
ईरान में लड़कियों अपने दमन और उत्पीड़न की परवाह किए बिना, अपने कटे होंठों से बहते लहू के साथ मोर्चे पर हैं, ईरान को बदलने की बात कर रही हैं. वैसे ईरान में लड़कियों की यह जुझारू भूमिका नई नहीं है.
- जनवरी 12, 2026 10:47 am IST
- Written by: प्रियदर्शन
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क्या नेताओं का अहंकार इस दुनिया को नष्ट कर देगा?
दूसरे विश्वयुद्ध के बाद जो नई विश्व-व्यवस्था बनी थी, वह दो ध्रुवों में बंटी हुई एक शीतयुद्ध लड़ती रही. लेकिन सोवियत संघ के पतन के बाद अमेरिका के एकाधिकार की छुपी हुई कोशिशें अब बिल्कुल स्पष्ट घोषणाओं में बदल चुकी हैं.
- जनवरी 14, 2026 20:52 pm IST
- Written by: प्रियदर्शन
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दिल्ली बुक फेयर में लाखों नई किताबें, AI और इंटरनेट पर दुनिया भर के कंटेंट के बावजूद कैसे टिकी हैं पुस्तकें
किताबों ने हमें देखना सिखाया है. किताबें ख़ूब ख़रीदें. यह अनुभव आम है कि हम जितनी किताबें ख़रीदते हैं, उतनी पढ़ नहीं पाते. लेकिन किताबों का घर में होना आश्वस्त करता है कि किसी भी दिन हम चाहें तो उन्हें पलटेंगे. किताबें भी हमें अपनी आलमारियों से देखती रहती हैं.
- जनवरी 12, 2026 21:34 pm IST
- प्रियदर्शन
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स्मृतिशेष ज्ञानरंजन: हिंदी की ऊष्मा और ऊर्जा का एक स्रोत चला गया
वरिष्ठ हिंदी साहित्यकार ज्ञानरंजन का आज 89 साल की उम्र में निधन हो गया. उन्हें उनकी कहानियों के साथ-साथ 'पहल' नाम की साहित्य पत्रिका के संपादन के लिए भी याद किया जाएगा.
- जनवरी 08, 2026 17:22 pm IST
- Written by: प्रियदर्शन
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वेनेजुएला पर हमला: न ड्रग्स, न तेल, डॉलर से बैर ने मादुरो को लगवाई हथकड़ी? सद्दाम से गद्दाफी तक यही कहानी
अमेरिका की इस दादागीरी के खिलाफ दुनिया खड़ी नहीं होगी तो उसे और भी अलग-अलग रूपों में झेलने को मजबूर होगी. दूसरे देशों के साथ कारोबार में मनमाने टैरिफ, अमेरिका के वीजा नियमों में मनचाहे बदलाव आदि इसी दादागीरी के अन्य रूप हैं.
- जनवरी 05, 2026 17:21 pm IST
- Written by: प्रियदर्शन, Edited by: प्रभांशु रंजन
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21वीं सदी के 25 साल, कितने कमाल-कितने मलाल
वैसे इन पच्चीस वर्षों में जितने त्वरित बदलाव दिख रहे हैं, उतने ही ज़िद्दी ठहराव भी नज़र आ रहे हैं. जिन बीमारियों को हम उन्नीसवीं सदी में ख़त्म मान ले रहे थे, वे इक्कीसवीं सदी में प्रगट हो रही हैं. जिन बहसों को बीती सदी में बीत जाना चाहिए था, वे नई धमक के साथ मौजूद हैं.
- जनवरी 02, 2026 18:56 pm IST
- Written by: प्रियदर्शन
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विनोद कुमार शुक्ल नहीं रहे... दीवार से देह निकल गई, शब्दों की खिड़की से रोशनी आती रहेगी
विनोद कुमार शुक्ल लिख और छप तो सातवें दशक से रहे थे और अपनी सहज प्रयोगशीलता के साथ रचनाकर्म को बरत रहे थे, लेकिन कीर्ति संभवतः उन्हें कुछ देर से मिली. सत्तर और अस्सी के दशक बहुत ऊंची आवाज़ में सुनाई पड़ने वाली जनपक्षधर कविताओं के थे जिनके बड़े नायक नागार्जुन, त्रिलोचन और केदारनाथ अग्रवाल जैसे कवि थे.
- दिसंबर 23, 2025 20:52 pm IST
- प्रियदर्शन
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धुरंधर ने कमाया नाम, लेकिन होमबाउंड, धड़क 2 समेत इन 5 फिल्मों का भी बेहतरीन काम
यह सच है कि इस साल सिनेमाघरों में उन फिल्मों की धूम रही जिनमें बहुत ऊंची आवाज़ में प्रेम, राष्ट्रवाद या अतीत का मोह दिखता है. ‘धुरंधर’, ‘छावां’ या ‘सैयारा’ जैसी फिल्मों की कामयाबी यही बताती है
- दिसंबर 19, 2025 12:58 pm IST
- Written by: प्रियदर्शन, Edited by: रोज़ी पंवार
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धुरंधर की 10 बड़ी कमियां: रणवीर की ब्लॉकबस्टर में कहां हुई चूक?
मेजर इकबाल बताता है कि 1972 में उसने जिया उल हक का भाषण सुना था कि भारत को हजार जख्म देंगे. लेकिन क्या 1972 में जिया उल हक ऐसी हैसियत में थे कि उनका ऐसा कोई बयान सुना जा सके? यह जुल्फ़िकार अली भुट्टो का था. यह चूक कैसे हुई?
- दिसंबर 17, 2025 19:51 pm IST
- Written by: प्रियदर्शन, Edited by: आनंद कश्यप
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स्टीरियोटाइप की पटरी पर बुलेट ट्रेन की स्पीड से भागती धुरंधर से मुझे कुछ शिकायतें हैं
'धुरंधर' एक एजेंडा फिल्म है. हालांकि इसमें कोई बुरी बात नहीं. हर फिल्म का एक लक्ष्य होता है, एक एजेंडा होता है. उसे ईमानदारी से उस पर खरा उतरना होता है.
- दिसंबर 16, 2025 20:46 pm IST
- Written by: प्रियदर्शन, Edited by: उर्वशी नौटियाल
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पीपली लाइव निर्देशक की एक और फिल्म- सुकूनदेह, जो रूह तक उतरती है
अब पंद्रह साल की खामोशी के बाद उस फिल्म की निर्देशक अनुषा रिजवी एक नई फिल्म लेकर आई हैं- 'द ग्रेट शम्सुद्दीन फैमिली'.
- दिसंबर 16, 2025 19:32 pm IST
- Written by: प्रियदर्शन, Edited by: आनंद कश्यप
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क्या ऐसी खामोश विदाई के हकदार थे धर्मेंद्र?
लेकिन आज जब क़ायदे से धर्मेंद्र के निधन की घोषणा की जानी थी, तब मीडिया को बिल्कुल अटकल लगाने के लिए छोड़ दिया गया.
- नवंबर 24, 2025 14:49 pm IST
- Written by: प्रियदर्शन
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साल 2025 का शब्द पैरासोशल- कितना सोशल कितना ऐंटी सोशल?
कैंब्रिज डिक्शनरी ने मंगलवार को घोषणा की कि ‘पैरासोशल‘ को ‘वर्ड ऑफ द ईयर-2025’ घोषित किया गया है जिसका अभिप्राय होता है कि व्यक्ति किसी ऐसे प्रसिद्ध व्यक्ति के साथ जुड़ाव या उससे संबंधित होना महससू करता है, जिसे वह नहीं जानता.
- नवंबर 19, 2025 00:49 am IST
- Reported by: प्रियदर्शन, Edited by: शुभम उपाध्याय
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बिहार में मंडल और कमंडल का मेल, नीतीश-मोदी ने कैसे किया ये सियासी खेल
बिहार चुनाव का एक संदेश ये है कि 30 बरस पहले लालू यादव ने सामाजिक न्याय की राजनीति का जो मुहावरा बनाया था, वह अब नहीं चलने वाला है. यादव-मुसलमान वाले एमवाई जैसे समीकरणों की काट भी खोजी जा चुकी है.
- नवंबर 15, 2025 09:34 am IST
- Reported by: प्रियदर्शन, Edited by: तिलकराज