
मायावती ने सपा-कांग्रेस के चुनावी गठजोड़ को नापाक गठबंधन बताया
लखनऊ:
उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख मायावाती ने समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के गठबंधन को स्वार्थ की राजनीति का परिणाम करार दिया. गठबंधन पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि दिल मिले न मिले, हाथ मिलाते रहिए.
बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि यह सपा और कांग्रेस की स्वार्थपूर्ण राजनीति का परिणाम है और परोक्ष रूप से गरीब विरोधी और पूंजीपति परस्त भाजपा को फायदा पहुंचाने की साजिश है. उन्होंने कहा, 'घोषित तौर पर हालांकि यह गठबंधन भाजपा को सत्ता में आने से रोकने की नीयत से किया गया बताया गया है. मगर सच्चाई यह है कि यह एक नापाक गठबंधन है और भाजपा की शह पर किया गया है, जिसका मकसद बसपा को बहुमत पाने से रोकना है.
मायावती ने कहा, 'सब जानते हैं कि सपा का नेतृत्व सीबीआई के मार्फत भाजपा के शिकंजे में है. खुद मुलायम सिंह सार्वजनिक तौर पर यह कह चुके हैं. सपा सरकार में काम कम और अपराध और सांप्रदायिक दंगे ज्यादा बोलते रहे हैं, फिर भी कांग्रेस मुंह की खाने को तैयार है, इसे अवसरवाद की राजनीति नहीं तो क्या कहा जाए.' मायावती ने कहा कि कांग्रेस सपा सरकार के दागी चेहरे और मुखिया के आगे घुटने टेककर गठबंधन कर रही है.
मायावती ने जनता से इस तरह के स्वार्थपूर्ण एवं अवसरवादी गठबंधन से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि राज्य में काम नहीं हुआ, बल्कि अपराध और सांप्रदायिक दंगों का बोलबाला रहा. (इनपुट एजेंसियों से)
बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि यह सपा और कांग्रेस की स्वार्थपूर्ण राजनीति का परिणाम है और परोक्ष रूप से गरीब विरोधी और पूंजीपति परस्त भाजपा को फायदा पहुंचाने की साजिश है. उन्होंने कहा, 'घोषित तौर पर हालांकि यह गठबंधन भाजपा को सत्ता में आने से रोकने की नीयत से किया गया बताया गया है. मगर सच्चाई यह है कि यह एक नापाक गठबंधन है और भाजपा की शह पर किया गया है, जिसका मकसद बसपा को बहुमत पाने से रोकना है.
मायावती ने कहा, 'सब जानते हैं कि सपा का नेतृत्व सीबीआई के मार्फत भाजपा के शिकंजे में है. खुद मुलायम सिंह सार्वजनिक तौर पर यह कह चुके हैं. सपा सरकार में काम कम और अपराध और सांप्रदायिक दंगे ज्यादा बोलते रहे हैं, फिर भी कांग्रेस मुंह की खाने को तैयार है, इसे अवसरवाद की राजनीति नहीं तो क्या कहा जाए.' मायावती ने कहा कि कांग्रेस सपा सरकार के दागी चेहरे और मुखिया के आगे घुटने टेककर गठबंधन कर रही है.
मायावती ने जनता से इस तरह के स्वार्थपूर्ण एवं अवसरवादी गठबंधन से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि राज्य में काम नहीं हुआ, बल्कि अपराध और सांप्रदायिक दंगों का बोलबाला रहा. (इनपुट एजेंसियों से)
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