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This Article is From Aug 08, 2017

अब पिघलने के डर से जल्दी-जल्दी नहीं खानी पड़ेगी आइसक्रीम

कंटेनर से आइसक्रीम निकालने और उसे किसी बाउल या कोन पर रखने के बाद ही वह पिघलने लगती है, जिसके कारण लोगों को इसे जल्दी-जल्दी खाना पड़ता है.

अब पिघलने के डर से जल्दी-जल्दी नहीं खानी पड़ेगी आइसक्रीम
आइसक्रीम अब जल्दी-जल्दी नहीं खानी पड़ेगी
तोक्यो: आइसक्रीम का नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है, लेकिन पिघलने के डर से आइसक्रीम जल्दी-जल्दी खानी पड़ती है. अब आप आराम से लुत्फ उठाते हुए आइसक्रीम खा सकते हैं और वह पिघलेगी भी नहीं. जापान में वैज्ञानिकों ने आइसक्रीम पूरी खाने से पहले उसे पिघलने से रोकने का ‘कूल’ हल निकाला है. कंटेनर से आइसक्रीम निकालने और उसे किसी बाउल या कोन पर रखने के बाद ही वह पिघलने लगती है, जिसके कारण लोगों को इसे जल्दी-जल्दी खाना पड़ता है.

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जापान में कनज़ावा विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने आइसक्रीम का मेल्टिंग प्वाइंट बढ़ाकर उसका आकार बरकरार रखने का तरीका खोज लिया है. मेल्टिंग प्वाइंट वह तापमान होता है जिस पर कोई ठोस पदार्थ द्रव में पिघलने लगता है.

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‘द टाइम्स’ की खबर के मुताबिक, आइसक्रीम बिना पिघले कमरे के तापमान में तीन घंटे तक रखी जा सकती है. शोधकर्ताओं ने आइसक्रीम का टेस्ट करने के लिए पांच मिनट तक इस पर हेयर ड्रायर चलाया और वह अपने आकार में ही रही. वैज्ञानिकों ने स्ट्रॉबेरी से निकलने वाले पॉलीफिनोल द्रव के साथ मिलाकर यह आइसक्रीम बनाई है.

खबर में कनज़ावा विश्वविद्यालय की प्रोफेसर तोमिहिसा ओता के हवाले से कहा गया है, पॉलीफिनोल द्रव में ऐसे गुण होते हैं, जिससे पानी और तेल को अलग करना मुश्किल हो जाता है. उन्होंने कहा, इस द्रव वाली आइसक्रीम लंबे समय तक अपने मूल आकार में बने रहेगी और जल्दी नहीं पिघलेगी. यह अनोखी आइसक्रीम चॉकलेट, वनीला और स्ट्रॉबेरी फ्लेवर में उपलब्ध है.

(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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