
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपने हालिया इंटरव्यू में कहा है कि अगर जनलोकपाल बिल पास नहीं हुआ तो मैं इस्तीफा दे दूंगा। आइए जानें कि 'आप' के जनलोकपाल पर विवाद क्यों है?
-विधानसभा की कार्यवाही से जुड़े 1993 के नियमानुसार, इस तरह के बिल को पास करने के लिए केन्द्र की मंजूरी जरूरी है।
-2002 के गृहमंत्रालय के आदेश में कहा गया है कि दिल्ली सरकार को किसी भी नए कानून के प्रस्ताव को उप−राज्यपाल को भेजना होगा, जिसे उप−राज्यपाल गृह मंत्रालय को भेजेंगे।
-दिल्ली जन−लोकपाल बिल को राष्ट्रपति की मंजूरी जरूरी है।
-'आप' सरकार ने विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर केन्द्र की अनदेखी की है।
-दिल्ली केन्द्र शासित प्रदेश है और संविधान की धारा 239 A के मुताबिक, संसद का फैसला विधानसभा पर लागू होगा।
-संसद पहले ही लोकपाल बिल पास कर चुकी है और राज्य सरकार मौजूदा कानून से अलग कोई बिल नहीं ला सकती।
-संविधान के जानकारों के मुताबिक, आप का कदम असंवैधानिक है, क्योंकि दिल्ली के पास पहले से लोकायुक्त है।
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