
जापान में चार पैरों वाले रोबोट के चाल-ढाल में बदलाव को सफलतापूर्वक प्रदर्शित किया. तस्वीर: प्रतीकात्मक
टोक्यो:
वैज्ञानिकों ने पहली बार चार पैरों वाला एक ऐसा रोबोट विकसित किया है जो गति बदलने पर अपने आप ही अपनी चाल-ढाल बदल सकता है. इस वैज्ञानिक तरक्की से विविध प्रकार के एप्लिकेशन आ सकते हैं जैसे आपदाकारी क्षेत्रों में काम करने वाले अनुकूलित पैर वाले रोबोट, उपयोगकर्ता के अनुकूल वाले पैर वाले मनोरंजन रोबोट, कंप्यूटर ग्राफिक्स एनीमेशन के लिए स्वचालित गति सृजक अल्गोरिद्म आदि. अब तक जिस तरह से गति में बदलाव से ये चतुष्पाद अपनी चाल-ढाल बदलते थे-जैसे टहलना, दौड़ना और उछलना करते थे, उसे ठीक से नहीं समझा जा सका था.
जापान के टोहोकू विश्वविद्यालय के अनुसंधानकर्ताओं ने इस चतुष्पाद की चाल-ढाल में बदलाव को सफलतापूर्वक प्रदर्शित किया.
उन्होंने विकेंद्रीकृत नियंत्रण योजना के माध्यम से यह हासिल किया. इसके लिए सामान्य स्थानीय नियम का इस्तेमाल किया गया जिसमें एक पैर दूसरे पैर पर बोझ को भांपकर शरीर को सहारा देता है.
इसके अलावा उन्होंने इसकी पुष्टि की कि रोबोट के चाल-ढाल पैटर्न का उर्जा कार्यकुशलता प्रोफाइल घोड़ों के प्रोफाइल से मिलता है.
अनुसंधानकर्ताओं ने कहा कि इस अनुसंधान से इस प्रणाली की बेहतर समझ पैदा होने की संभावना है कि कैसे चतुष्पाद गति बदलने पर कार्यकुशलता से अपना चाल-ढाल बदल सकता है.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
जापान के टोहोकू विश्वविद्यालय के अनुसंधानकर्ताओं ने इस चतुष्पाद की चाल-ढाल में बदलाव को सफलतापूर्वक प्रदर्शित किया.
उन्होंने विकेंद्रीकृत नियंत्रण योजना के माध्यम से यह हासिल किया. इसके लिए सामान्य स्थानीय नियम का इस्तेमाल किया गया जिसमें एक पैर दूसरे पैर पर बोझ को भांपकर शरीर को सहारा देता है.
इसके अलावा उन्होंने इसकी पुष्टि की कि रोबोट के चाल-ढाल पैटर्न का उर्जा कार्यकुशलता प्रोफाइल घोड़ों के प्रोफाइल से मिलता है.
अनुसंधानकर्ताओं ने कहा कि इस अनुसंधान से इस प्रणाली की बेहतर समझ पैदा होने की संभावना है कि कैसे चतुष्पाद गति बदलने पर कार्यकुशलता से अपना चाल-ढाल बदल सकता है.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)