
यह तो बहुत से लोग जानते हैं कि लहसुन खाने का स्वाद बढ़ाने के साथ-साथ स्वास्थ्यवर्धक भी होता है। एक नए अध्ययन में यह पता चला है कि अंकुरित लहसुन या अंकुर फूटे हुए पुराने लहसुन में ताजे लहसुन की अपेक्षा एंटीऑक्सीडेंट गतिविधि अधिक होती है, जो दिल की सेहत के लिए बहुत लाभदायक होता है।
लोग हजारों वर्षों से लहसुन का प्रयोग चिकित्सा में करते आ रहे हैं।
अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ लोवा के मुख्य शोधकर्ता जॉन्ग सैंग किम ने बताया, आज भी लोग लहसुन का स्वास्थ्य संबंधी लाभ उठा रहे हैं। यह आम तौर पर कहा जाता है कि लहसुन या लहसुन पूरक पदार्थ खाने से कोलेस्ट्रॉल, रक्तचाप और दिल की बीमारियों के खतरे को प्राकृतिक तौर पर कम किया जा सकता है।
अंकुरित लहसुन से मिलने वाले फायदे पर हालांकि अधिक गौर नहीं किया गया है।
विभिन्न अध्ययनों के मुताबिक, जब बीज से अंकुरण निकलता है तो वे कई नए यौगिक बनाते हैं, जो छोटे पौधों को रोगाणुओं से बचाते हैं। किम की टीम ने तर्क दिया बात पुराने लहसुन में अंकुरण होने पर भी हो सकता है।
अन्य शोधों में पता चला है कि अंकुरित फलियों और अनाजों में एंटीऑक्सीडेंट गतिविधि बढ़ जाती है, इसलिए टीम ने यह जानने की कोशिश की क्या लहसुन में भी यही बात लागू होती है।
उन्होंने पाया कि लहसुन के पांच दिनों वाले अंकुरण में एंटीऑक्सीडेंट गतिविधि ताजे लहसुन की अपेक्षा कहीं ज्यादा होती है।
यहां तक कि इस अंकुरित लहसुन के अर्क ने प्रयोगशाला में भी क्षतिग्रस्त कोशिकाओं की रक्षा की।
अध्ययन के नतीजे का प्रकाशन शोध पत्रिका जर्नल ऑफ एग्रीकल्चरल एंड फूड केमिस्ट्री में किया गया, जिसमें किम ने बताया, अंकुरण, लहुसन की एंटीऑक्सीडेंट क्षमता को बढ़ाने का उपयोगी तरीका हो सकता है।
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