Viral News: आजकल की शादी में दिखावा आम हो गया है. बारात में लग्जरी कार, बैंड-बाजा और ढेर सारी रस्मों पर अंधाधुंध पैसा खर्च करते हैं. लेकिन एक कपल ने अपनी शादी में इन सबसे हटकर एकदम अलग किया है. कपल ने शादी में दिखावे और फिजूलखर्ची को ना कह दिया. न कोई बारात, न ही दूल्हे-दुल्हन के लिए लग्जरी कार और न ही वीडियोग्राफी या फोटोग्राफी के लिए कैमरा की व्यवस्था की गई. बस कपल ने मेहमानों के खाने-पीने पर ही सारे पैसे लुटा दिए.
सितंबर में शादी की रखी थी पार्टी
यह कहानी है कि चीन के झेजियांग प्रांत की है. निंगबो निवासी दुल्हन 'झू' और ताइझोउ के रहने वाले दूल्हे 'वांग' ने सितंबर में अपने-अपने गृहनगरों में शादी का जश्न मनाया. दोनों ने सिर्फ मेहमानों के लिए अच्छे खाने पर करीब 11 लाख रुपये खर्च कर दिए हैं. कपल ने शादी को बेहद सादा रखा, मगर मेहमानों के लिए शानदार दावत सजाई और गिफ्ट में कैश दिए. अब उनकी अनोखी शादी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है.
शादी में न कोई दोस्त, न ही दुल्हन की सहेली
उनकी शादी में कोई 'ग्रूम्समैन' (दूल्हे के साथी) या 'ब्राइड्समेड' (दुल्हन की सहेलियां) भी नहीं थे. नतीजतन शादी में होने वाली वह रस्म भी नहीं हुई, जिसमें दूल्हे के साथी नए जोड़े और दुल्हन पक्ष के लोगों के साथ मज़ाक-मस्ती या शरारतें करते हैं.
South China Morning Post के अनुसार, झू और वांग ने अपनी शादी की दावत में कोई कंजूसी नहीं की. झू ने सैकड़ों मेहमानों को दावत के लिए बुलाया, जिसमें 45 मेजें (टेबल) लगाई गई थीं. उन्होंने महंगे सीफूड और अन्य शानदार व्यंजनों पर 70,000 युआन (लगभग 11,000 अमेरिकी डॉलर) खर्च किए.
चीन में शादी में मेहमानों को उपहार के तौर पर सिगरेट देने का चलन है, लेकिन झू ने सिगरेट के बजाय मेहमानों को लाल लिफाफे दिए, जिनमें से प्रत्येक में 200 से 300 युआन थे. उनका मानना था कि उनके मेहमानों में से बहुत कम लोग ही सिगरेट पीते हैं.
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आमतौर पर शादी में नए जोड़े के माता-पिता आशीर्वाद देने के लिए भाषण देते हैं, लेकिन झू के पिता ने अपना भाषण केवल 41 सेकंड में पूरा कर लिया. उन्होंने मेहमानों के आने के लिए उनका धन्यवाद किया और उम्मीद जताई कि उन्हें खाना पसंद आया होगा.
झू ने बताया कि वह और उनके पति दोनों ही इंट्रोवर्ट (Introvert) स्वभाव के हैं और उन्हें बहुत अधिक भीड़-भाड़ या शोर-शराबे वाली जगहें पसंद नहीं हैं. साथ ही, वे अपने रिश्तेदारों या दोस्तों को किसी तरह की परेशानी में भी नहीं डालना चाहते थे.
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