
वाशिंगटन:
अमेरिकी उप-राष्ट्रपति जो. बाइडेन के बेटे ब्यू बाइडेन की दिमागी कैंसर से लड़ते हुए मौत हो गई है। 46 वर्षीय ब्यू कई सालों से इस बीमारी से जूझ रहे थे।
ब्यू अमेरिकी उप-राष्ट्रपति के सबसे बड़े बेटे थे और पारिवार के उभरते हुए सितारे थे। कैंसर की बीमारी के कारण उन्हें हाल में बेथेसडा में वाल्टर रीड नेशनल मिलिट्रि मेडिकल सेंटर में भर्ती कराया गया था, बहरहाल उनके पिता ने कैंसर से उनकी जंग को बेहद निजी बनाए रखा।
उप-राष्ट्रपति बाइडेन ने बीती रात जारी एक बयान में कहा, 'पूरा बाइडेन परिवार दुखी है। हम जानते हैं कि ब्यू का साहस हम सभी में खासकर उनकी बहादुर पत्नी हेली और दो विलक्षण बच्चों नताली तथा हंटर के बीच जिंदा रहेगा।'
बयान के अनुसार, 'ब्यू ने मेरे पिता के उस कथन को साकार किया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि कोई भी माता-पिता सफल तभी होता है जब उसके बच्चे उससे भी बेहतर करते हैं।' उप-राष्ट्रपति के परिवार के शब्दों में : ब्यू बाइडेन बेहद असाधारण, एक उम्दा व्यक्ति थे जिनके बारे में हममें से कोई भी कभी, कभी भी जान सकता था।
अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने एक बयान में कहा, 'मिशेल और मैं आज रात शोक में रहेंगे। ब्यू बाइडेन हमारे दोस्त थे। उनका प्यारा परिवार - हेली, नताली और हंटर - हमारे भी दोस्त हैं तथा जो एवं जिल बाइडेन भी हमारे अच्छे दोस्तों में से हैं।'
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, 'अपने पिता की तरह ब्यू भी एक अच्छे, बड़े दिलवाले, निष्ठावान कैथलिक और बेहद विश्वासी व्यक्ति थे। वह हमेशा ही हमारे दिलों में जिंदा रहेंगे।' साल 2008 में डेनवर में डेमोक्रेटिक नेशनल कन्वेंशन में अपने पिता के बारे में भावनात्मक परिचय देकर ब्यू राष्ट्रीय राजनीति के सितारे बन गए थे। इसी रात अमेरिका के उप-राष्ट्रपति पद के लिए बाइडेन का नामांकन स्वीकृत किया गया था।
एक महीने से भी कम समय बाद ही ब्यू को एक साल की सेवा के लिए इराक तैनात किया गया था। ब्यू को 'ब्रॉन्ज स्टार' पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। ब्यू को 2016 में प्रांत के अगले गर्वनर पद की दौड़ में सबसे आगे माना जा रहा था, लेकिन अगस्त 2013 में उन्हें कैंसर की बीमारी के कारण इलाज के लिए दुनिया के सबसे नामचीन केंद्रों में से एक एमडी एंडरसन कैंसर सेंटर, ह्यूस्टन में भर्ती कराया गया।
ब्यू अमेरिकी उप-राष्ट्रपति के सबसे बड़े बेटे थे और पारिवार के उभरते हुए सितारे थे। कैंसर की बीमारी के कारण उन्हें हाल में बेथेसडा में वाल्टर रीड नेशनल मिलिट्रि मेडिकल सेंटर में भर्ती कराया गया था, बहरहाल उनके पिता ने कैंसर से उनकी जंग को बेहद निजी बनाए रखा।
उप-राष्ट्रपति बाइडेन ने बीती रात जारी एक बयान में कहा, 'पूरा बाइडेन परिवार दुखी है। हम जानते हैं कि ब्यू का साहस हम सभी में खासकर उनकी बहादुर पत्नी हेली और दो विलक्षण बच्चों नताली तथा हंटर के बीच जिंदा रहेगा।'
बयान के अनुसार, 'ब्यू ने मेरे पिता के उस कथन को साकार किया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि कोई भी माता-पिता सफल तभी होता है जब उसके बच्चे उससे भी बेहतर करते हैं।' उप-राष्ट्रपति के परिवार के शब्दों में : ब्यू बाइडेन बेहद असाधारण, एक उम्दा व्यक्ति थे जिनके बारे में हममें से कोई भी कभी, कभी भी जान सकता था।
अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने एक बयान में कहा, 'मिशेल और मैं आज रात शोक में रहेंगे। ब्यू बाइडेन हमारे दोस्त थे। उनका प्यारा परिवार - हेली, नताली और हंटर - हमारे भी दोस्त हैं तथा जो एवं जिल बाइडेन भी हमारे अच्छे दोस्तों में से हैं।'
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, 'अपने पिता की तरह ब्यू भी एक अच्छे, बड़े दिलवाले, निष्ठावान कैथलिक और बेहद विश्वासी व्यक्ति थे। वह हमेशा ही हमारे दिलों में जिंदा रहेंगे।' साल 2008 में डेनवर में डेमोक्रेटिक नेशनल कन्वेंशन में अपने पिता के बारे में भावनात्मक परिचय देकर ब्यू राष्ट्रीय राजनीति के सितारे बन गए थे। इसी रात अमेरिका के उप-राष्ट्रपति पद के लिए बाइडेन का नामांकन स्वीकृत किया गया था।
एक महीने से भी कम समय बाद ही ब्यू को एक साल की सेवा के लिए इराक तैनात किया गया था। ब्यू को 'ब्रॉन्ज स्टार' पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। ब्यू को 2016 में प्रांत के अगले गर्वनर पद की दौड़ में सबसे आगे माना जा रहा था, लेकिन अगस्त 2013 में उन्हें कैंसर की बीमारी के कारण इलाज के लिए दुनिया के सबसे नामचीन केंद्रों में से एक एमडी एंडरसन कैंसर सेंटर, ह्यूस्टन में भर्ती कराया गया।