काठमांडू:
दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (दक्षेस) के देशों ने अपने बीच वीजा की अनिवार्यता खत्म करने के मुद्दे पर मंगलवार को वार्ता शुरू की। वार्ता का आयोजन दक्षेस के काठमांडू स्थित सचिवालय में हुआ।
दक्षेस देशों की वीजा खत्म करने की योजना 1992 से ही चल रही है। इसके नेताओं ने 1988 के इस्लामाबाद शिखर सम्मेलन में सदस्य देशों के बीच आम जनता के संपर्क की जरूरत को महसूस करके इस योजना को शुरू करने पर विचार किया था। उन्होंने फैसला किया था कि कुछ श्रेणियों के लोगों को विशेष यात्रा दस्तावेज पर यात्रा करने की अनुमति होगी और उन्हें वीजा की आवश्यकता नहीं होगी।
वर्तमान में इस सूची में 24 श्रेणियां हैं। इनमें उच्च न्यायालयों के न्यायाधीश, सांसद, वरिष्ठ अधिकारी, व्यापारी, पत्रकार और खिलाड़ी शामिल हैं।
पहले भी भारत और पाकिस्तान सुरक्षा कारणों को लेकर वीजा अनिवार्यता खत्म करने पर चिंता जाहिर कर चुके हैं।
दक्षेस देशों की वीजा खत्म करने की योजना 1992 से ही चल रही है। इसके नेताओं ने 1988 के इस्लामाबाद शिखर सम्मेलन में सदस्य देशों के बीच आम जनता के संपर्क की जरूरत को महसूस करके इस योजना को शुरू करने पर विचार किया था। उन्होंने फैसला किया था कि कुछ श्रेणियों के लोगों को विशेष यात्रा दस्तावेज पर यात्रा करने की अनुमति होगी और उन्हें वीजा की आवश्यकता नहीं होगी।
वर्तमान में इस सूची में 24 श्रेणियां हैं। इनमें उच्च न्यायालयों के न्यायाधीश, सांसद, वरिष्ठ अधिकारी, व्यापारी, पत्रकार और खिलाड़ी शामिल हैं।
पहले भी भारत और पाकिस्तान सुरक्षा कारणों को लेकर वीजा अनिवार्यता खत्म करने पर चिंता जाहिर कर चुके हैं।