
इस्लामाबाद:
भारत पाक सीमा पर सरहद पार से संघर्ष विराम उल्लंघन का सिलसिला आज भी जारी रहा। पाकिस्तानी रेंजर्स ने शुक्रवार को जम्मू जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास असैन्य इलाकों और सीमा चौकियों पर भारी गोलाबारी की, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई। इसके बाद बीएसएफ ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें पाकिस्तान के कम से कम आठ असैन्य नागरिकों की मौत हो गई। इसे लकेर पाकिस्तान ने भारतीय उच्चायुक्त टीसीए राघवन को तलब कर इस कथित संघर्ष विराम उल्लंघन को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया।
सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान के विदेश सचिव ऐजाज अहमद चौधरी ने राघवन को बुलाया और उनसे कहा कि भारतीय पक्ष की ओर से आज किया गया संघर्ष विराम का उल्लंघन स्वीकार्य नहीं है। चौधरी ने राघवन को विरोध पत्र भी सौंपा। राघवन के साथ उप उच्चायुत जेपी सिंह भी थे।
विदेश कार्यालय ने एक बयान में कहा, 'असैन्य नागरिकों को जानबूझकर निशाना बनाने के भारत की प्रवृत्ति की निंदा करते हुए पाकिस्तान एलओसी और कामकाजी सीमा पर लगातार बनी हुए विषम स्थिति पर गहरी चिंता प्रकट करता है।' पाकिस्तान का दावा है कि सियालकोट के पास हरपाल और चपरार क्षेत्र में भारतीय पक्ष की ओर से कथित गोलीबारी में छह नागरिक मारे गए और 22 महिलाओं समेत 47 अन्य घायल हो गए।
बाद में सैन्य प्रवक्ता मेजर जनरल असीम सलीम बाजवा ने कहा कि मृतक संख्या आठ हो गई है. जिसमें एक महिला और एक बच्चा शामिल है। विदेश कार्यालय ने कहा, 'भारत सरकार से तत्काल संघर्ष विराम उल्लंघन को रोकने का आग्रह किया गया था और एलओसी तथा कामकाजी सीमा पर अमन चैन की बहाली के मकसद से 2003 के संघर्ष विराम समझौते का पालन करने को कहा गया।'
इससे पहले प्राप्त खबरों के मुताबिक, पाकिस्तानी रेंजर्स ने जम्मू जिले के आरएस पुरा और अरनिया सेक्टरों में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास असैन्य इलाकों और सीमा चौकियों पर भारी गोलाबारी की, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई और 17 अन्य घायल हो गए। इसके बाद ही बीएसएफ ने जवाबी कार्रवाई की।
गोलाबारी की विस्तृत जानकारी देते हुए बीएसएफ के एक प्रवक्ता ने बताया कि 'पाकिस्तानी रेंजर्स ने बिना किसी वजह से गोलाबारी की। उन्होंने बताया कि गोलाबारी और गोलीबारी में तीन नागरिकों की मौत हो गई, 17 अन्य जख्मी हो गए। इनमें से चार की हालत गंभीर है। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आर. एस. पुरा सेक्टर में दो लोगों और अरनिया सेक्टर में एक व्यक्ति की मौत हुई।
सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान के विदेश सचिव ऐजाज अहमद चौधरी ने राघवन को बुलाया और उनसे कहा कि भारतीय पक्ष की ओर से आज किया गया संघर्ष विराम का उल्लंघन स्वीकार्य नहीं है। चौधरी ने राघवन को विरोध पत्र भी सौंपा। राघवन के साथ उप उच्चायुत जेपी सिंह भी थे।
विदेश कार्यालय ने एक बयान में कहा, 'असैन्य नागरिकों को जानबूझकर निशाना बनाने के भारत की प्रवृत्ति की निंदा करते हुए पाकिस्तान एलओसी और कामकाजी सीमा पर लगातार बनी हुए विषम स्थिति पर गहरी चिंता प्रकट करता है।' पाकिस्तान का दावा है कि सियालकोट के पास हरपाल और चपरार क्षेत्र में भारतीय पक्ष की ओर से कथित गोलीबारी में छह नागरिक मारे गए और 22 महिलाओं समेत 47 अन्य घायल हो गए।
बाद में सैन्य प्रवक्ता मेजर जनरल असीम सलीम बाजवा ने कहा कि मृतक संख्या आठ हो गई है. जिसमें एक महिला और एक बच्चा शामिल है। विदेश कार्यालय ने कहा, 'भारत सरकार से तत्काल संघर्ष विराम उल्लंघन को रोकने का आग्रह किया गया था और एलओसी तथा कामकाजी सीमा पर अमन चैन की बहाली के मकसद से 2003 के संघर्ष विराम समझौते का पालन करने को कहा गया।'
इससे पहले प्राप्त खबरों के मुताबिक, पाकिस्तानी रेंजर्स ने जम्मू जिले के आरएस पुरा और अरनिया सेक्टरों में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास असैन्य इलाकों और सीमा चौकियों पर भारी गोलाबारी की, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई और 17 अन्य घायल हो गए। इसके बाद ही बीएसएफ ने जवाबी कार्रवाई की।
गोलाबारी की विस्तृत जानकारी देते हुए बीएसएफ के एक प्रवक्ता ने बताया कि 'पाकिस्तानी रेंजर्स ने बिना किसी वजह से गोलाबारी की। उन्होंने बताया कि गोलाबारी और गोलीबारी में तीन नागरिकों की मौत हो गई, 17 अन्य जख्मी हो गए। इनमें से चार की हालत गंभीर है। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आर. एस. पुरा सेक्टर में दो लोगों और अरनिया सेक्टर में एक व्यक्ति की मौत हुई।
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