
उत्तर कोरियाई तानाशाह किम जोंग उन (फाइल फोटो)
हगात्ना (गुआम):
उत्तर कोरिया गुआम द्वीप पर चार मिसाइलें दागने की धमकी से पीछे हटता दिखाई दे रहा है जिससे प्रशासनिक रूप से अमेरिका के अधीनस्थ इस क्षेत्र के अधिकारियों ने आज राहत की सांस ली और यहां खुशी का माहौल है. लेफ्टिनेंट गवर्नर रे टोनोरियो ने कहा, ''यहां ऐसा कोई संकेत नहीं दिख रहा है कि निकट भविष्य या दूरस्थ भविष्य में कोई मिसाइल हमला होगा जैसा कि हम सुन रहे थे.'' गुआम होमलैंड सिक्योरिटी के जॉर्ज शाफॉरस ने उन रिपोर्टों को खारिज किया कि उपग्रह से भेजी गई तस्वीरों में उत्तर कोरिया संभावित प्रक्षेपण करने के लिए मिसाइल की तैनाती करते दिख रहा है. उन्होंने कहा कि उनका मानना है कि यह मंगलवार को उत्तर कोरिया के स्वतंत्रता दिवस समारोह के मौके पर ''केवल शक्ति प्रदर्शन'' था.
उत्तर कोरिया का संकट खत्म करने में भारत निभा सकता है भूमिका: अमेरिका
उन्होंने कहा, ''यह सिर्फ एक चाल है. आज कोरियाई प्रायद्वीप के लिए बड़ा दिन है. यह उनका स्वतंत्रता दिवस है. उत्तर कोरिया की निर्णय लेने के तौर पर संकेतवाद का इस्तेमाल करने की प्रवृत्ति रही है. हम इस बात से खुश हैं कि किम जोंग उन ने अपने कदम पीछे खींच लिए.'' सीएनएन की एक खबर के मुताबिक, अमेरिका के खुफिया उपग्रहों ने उत्तर कोरिया के एक मोबाइल मिसाइल लॉन्चर का पता लगाया था जिससे यह संकेत मिल रहे थे कि संभावित प्रक्षेपण के लिए तैयारियां की जा रही हैं.
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उत्तर कोरिया की आधिकारिक कोरियन सेन्ट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) ने कहा कि किम ने गुआम के समीप मिसाइल दागने की योजना का विश्लेषण किया लेकिन तुरंत हमला करने की ओर कोई कदम नहीं उठाया. इसके बाद से गुआम में तनाव कम होना शुरू हो गया. टोनोरियो ने कहा कि किम बढ़ा चढ़ाकर दिए गए अपने कुछ बयानों से पीछे हटते दिख रहे हैं. उन्होंने कहा, ''हम खुश है कि उन्होंने अपनी योजनाओं पर विचार किया और गुआम पर तुरंत कोई हमला नहीं करेंगे.'' उत्तर कोरिया ने पिछले महीने दो अंतमर्हाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया था जिसकी जद में अमेरिका का मुख्य भूभाग भी आ रहा था. इन परीक्षणों के बाद से क्षेत्र में तनाव बढ़ गया था.
अमेरिका की चेतावनी
इन परीक्षणों पर प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उत्तर कोरिया को चेतावनी दी थी कि उसे ''ऐसे विध्वंस का सामना करना पड़ेगा जो दुनिया ने कभी नहीं देखा होगा.'' इसके बाद उत्तर कोरिया ने गुआम की ओर मिसाइलें दागने की योजना को अंतिम रूप देने के लिए अगस्त के मध्य की समय सीमा तय की थी. बहरहाल, गुआम में तनाव कम हो गया है. गुआम में अमेरिका के दो बड़े सैन्य प्रतिष्ठान हैं और 6,000 से ज्यादा सैनिक तैनात हैं. टोनोरिया ने कहा कि खतरे के स्तर में कोई बदलाव नहीं हुआ है. उन्होंने कहा, ''मुझे लगता है कि बयानबाजी एक बात है लेकिन एक देश या एक द्वीप के तौर पर खतरा बना हुआ है, हम इसके लिए तैयार रहने वाले हैं.''
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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उन्होंने कहा, ''यह सिर्फ एक चाल है. आज कोरियाई प्रायद्वीप के लिए बड़ा दिन है. यह उनका स्वतंत्रता दिवस है. उत्तर कोरिया की निर्णय लेने के तौर पर संकेतवाद का इस्तेमाल करने की प्रवृत्ति रही है. हम इस बात से खुश हैं कि किम जोंग उन ने अपने कदम पीछे खींच लिए.'' सीएनएन की एक खबर के मुताबिक, अमेरिका के खुफिया उपग्रहों ने उत्तर कोरिया के एक मोबाइल मिसाइल लॉन्चर का पता लगाया था जिससे यह संकेत मिल रहे थे कि संभावित प्रक्षेपण के लिए तैयारियां की जा रही हैं.
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उत्तर कोरिया की आधिकारिक कोरियन सेन्ट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) ने कहा कि किम ने गुआम के समीप मिसाइल दागने की योजना का विश्लेषण किया लेकिन तुरंत हमला करने की ओर कोई कदम नहीं उठाया. इसके बाद से गुआम में तनाव कम होना शुरू हो गया. टोनोरियो ने कहा कि किम बढ़ा चढ़ाकर दिए गए अपने कुछ बयानों से पीछे हटते दिख रहे हैं. उन्होंने कहा, ''हम खुश है कि उन्होंने अपनी योजनाओं पर विचार किया और गुआम पर तुरंत कोई हमला नहीं करेंगे.'' उत्तर कोरिया ने पिछले महीने दो अंतमर्हाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया था जिसकी जद में अमेरिका का मुख्य भूभाग भी आ रहा था. इन परीक्षणों के बाद से क्षेत्र में तनाव बढ़ गया था.
अमेरिका की चेतावनी
इन परीक्षणों पर प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उत्तर कोरिया को चेतावनी दी थी कि उसे ''ऐसे विध्वंस का सामना करना पड़ेगा जो दुनिया ने कभी नहीं देखा होगा.'' इसके बाद उत्तर कोरिया ने गुआम की ओर मिसाइलें दागने की योजना को अंतिम रूप देने के लिए अगस्त के मध्य की समय सीमा तय की थी. बहरहाल, गुआम में तनाव कम हो गया है. गुआम में अमेरिका के दो बड़े सैन्य प्रतिष्ठान हैं और 6,000 से ज्यादा सैनिक तैनात हैं. टोनोरिया ने कहा कि खतरे के स्तर में कोई बदलाव नहीं हुआ है. उन्होंने कहा, ''मुझे लगता है कि बयानबाजी एक बात है लेकिन एक देश या एक द्वीप के तौर पर खतरा बना हुआ है, हम इसके लिए तैयार रहने वाले हैं.''
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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