
लापता मलेशियाई विमान के हिन्द महासागर के दक्षिणी हिस्से में दुर्घटनाग्रस्त होने की पुष्टि के बाद अब खोजकर्ता उसके ब्लैक बॉक्स की तलाश में जुट गए हैं ताकि उसके दुर्घटनाग्रस्त होने के कारण का पता चल सके।
मलेशिया के प्रधानमंत्री नजीब रजाक ने सोमवार को नए उपग्रह डेटा का हवाला देते हुए कहा कि पिछले 17 दिनों से लापता विमान ‘मलेशिया एयरलाइंस जेट’ दक्षिणी हिन्द महासागर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया और इसमें कोई जिंदा नहीं बचा। इस विमान में हादसे के वक्त पांच भारतीयों सहित 239 लोग सवार थे। इस बारे में यात्रियों के परिजनों को भी सूचना दे दी गई है।
मलेशियाई एयरलाइंस 370 लापता होने के 17 दिनों तक उसके दुर्घटनाग्रस्त होने की पुष्टि का इंतजार करने के बाद अब खोजकर्ता ब्लैक बॉक्स को उसकी बैट्री समाप्त होने से पहले खोजने में लग गए हैं।
कानूनन ब्लैक बॉक्स को किसी दुर्घटना के कम से कम 30 दिन बाद तक ऐसे संकेत भेजने चाहिए, जिससे उसकी स्थिति का पता चल सके। यद्यपि विशेषज्ञों का कहना है कि विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के समय बैट्री की ताकत के आधार पर ब्लैक बॉक्स से ऐसे संकेत 15 दिन या उसके बाद तक निकलने जारी रह सकते हैं। ब्लैक बॉक्स नहीं मिलने पर जांचकर्ताओं के लिए यह निश्चित तौर पर कहना वस्तुत: असंभव होगा कि दुर्घटना किस कारण से हुई। विमान का कुछ मलबा संभवत: मिल गया है।
विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के दो सप्ताह बीत जाने के बाद भी विमान की स्थिति का अभी भी पता नहीं है। यद्यपि प्रशासन का कहना है कि एक ब्रिटिश उपग्रह कंपनी ने हिन्द महासागर में उसकी आखिरी स्थिति का पता लगाया है जहां कई देश विमान का मलबा खोज रहे थे।
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