बीजिंग:
अमेरिका ने कहा कि कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव की स्थिति ‘नाजुक मोड़’ पर पहुंच गई है और उसने चीन से कहा कि अपने करीबी सहयोगी उत्तर कोरिया पर परमाणु युद्ध की धमकियां वापस लेने का दबाव बनाने के लिए अपनी नीतियों में कुछ ‘कठोरता’ लाए।
अमेरिका के विदेश मंत्री जॉन केरी ने चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग से कहा, ‘श्रीमान राष्ट्रपति, कुछ चुनौतिपूर्ण मुद्दों के साथ यह वास्तव में बेहद नाजुक मोड़ है।’ उन्होंने कहा, ‘कोरियाई प्रायद्वीप का मुद्दा, ईरान और परमाणु हथियार की चुनौती, सीरिया और मध्य एशिया और दुनिया की अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन की जरूरत है।’
विदेश मंत्री के तौर पर पहली बार चीन के दौरे पर आए केरी ने उत्तर कोरिया के खिलाफ सक्रिय कदम उठाने के लिए चीन के नए नेतृत्व पर जोर दिया। हाल के सप्ताह में उत्तर कोरिया ने अमेरिका और दक्षिण कोरिया के खिलाफ परमाणु युद्ध शुरू करने की धमकी दी थी।
चीन आने से पहले केरी ने दक्षिण कोरिया में कहा था कि प्योंगयांग का करीबी सहयोगी होने के कारण बीजिंग को किम जोंग-उन की सरकार के साथ कुछ छूट प्राप्त है।
उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया के साथ ‘युद्ध की स्थित’ होने का दावा करते हुए चेतावनी दी कि हवाई और गुआम स्थिति अमेरिकी शिविरों को निशाना बनाया जा सकता है जो बाद में ‘पूर्ण रूपेण परमाणु युद्ध’ में बदल सकता है।
केरी ने कहा कि अमेरिका की तरह चीन भी प्रायद्वीप का परमाणु नि:शस्त्रीकरण चाहता है। उन्होंने कहा, ‘अगर यही आपकी नीति है तो आपको इसमें कुछ कड़ाई लाने की जरूरत है।’ उन्होंने शी के साथ अपनी बैठक को ‘रचनात्मक और अग्रमुखी’ बताया।
चीन के राष्ट्रपति शी ने कहा कि दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं को अमेरिका-चीन के नए संबंधों की दिशा में काम करना चाहिए और साथ मिलकर गंभीर मुद्दों को सुलझाना चाहिए।
अमेरिका के विदेश मंत्री जॉन केरी ने चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग से कहा, ‘श्रीमान राष्ट्रपति, कुछ चुनौतिपूर्ण मुद्दों के साथ यह वास्तव में बेहद नाजुक मोड़ है।’ उन्होंने कहा, ‘कोरियाई प्रायद्वीप का मुद्दा, ईरान और परमाणु हथियार की चुनौती, सीरिया और मध्य एशिया और दुनिया की अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन की जरूरत है।’
विदेश मंत्री के तौर पर पहली बार चीन के दौरे पर आए केरी ने उत्तर कोरिया के खिलाफ सक्रिय कदम उठाने के लिए चीन के नए नेतृत्व पर जोर दिया। हाल के सप्ताह में उत्तर कोरिया ने अमेरिका और दक्षिण कोरिया के खिलाफ परमाणु युद्ध शुरू करने की धमकी दी थी।
चीन आने से पहले केरी ने दक्षिण कोरिया में कहा था कि प्योंगयांग का करीबी सहयोगी होने के कारण बीजिंग को किम जोंग-उन की सरकार के साथ कुछ छूट प्राप्त है।
उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया के साथ ‘युद्ध की स्थित’ होने का दावा करते हुए चेतावनी दी कि हवाई और गुआम स्थिति अमेरिकी शिविरों को निशाना बनाया जा सकता है जो बाद में ‘पूर्ण रूपेण परमाणु युद्ध’ में बदल सकता है।
केरी ने कहा कि अमेरिका की तरह चीन भी प्रायद्वीप का परमाणु नि:शस्त्रीकरण चाहता है। उन्होंने कहा, ‘अगर यही आपकी नीति है तो आपको इसमें कुछ कड़ाई लाने की जरूरत है।’ उन्होंने शी के साथ अपनी बैठक को ‘रचनात्मक और अग्रमुखी’ बताया।
चीन के राष्ट्रपति शी ने कहा कि दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं को अमेरिका-चीन के नए संबंधों की दिशा में काम करना चाहिए और साथ मिलकर गंभीर मुद्दों को सुलझाना चाहिए।
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