इजरायल और फिलिस्तीनी संगठन (Israel Palestine Conflict) हमास (Hamas) के जंग के 12वें दिन अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन बुधवार को तेल अवीव पहुंचे. बाइडेन ने इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) से मुलाकात की. जो बाइडेन का दौरा ऐसे वक्त पर हुआ जब गाजा के अस्पताल पर हुए हमले से अरब दुनिया गम और गुस्से से भरी हुई है. अम्मान से बेरूत तक प्रदर्शन हो रहे हैं. इजरायल में प्रधानमंत्री नेतन्याहू से मुलाकात के बाद बाइडेन (Joe Biden) ने फिर दोहराया कि अमेरिका की तरफ से इजरायल को हर तरह की मदद मिलेगी.
हालांकि, इजरायल पहुंचने से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन अपने कई दोस्तों को फिलहाल खो चुके हैं. अमेरिका के लिए ये बड़ी शर्मिंदगी है. जो बाइडेन का इरादा अपने दौरे में दोनों पक्षों के साथ बैठकर मीटिंग करने का था. लेकिन जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला 2, फिलिस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास और इजिप्ट के राष्ट्रपति अब्देल फतेह अल-सिसी ने अमेरिकी राष्ट्रपति से मिलने से इनकार कर दिया है. इस तरह ईमानदार मध्यस्थ दिखने की अमेरिकी राष्ट्रपति की कोशिश फिलहाल परवान नहीं चढ़ पाई.
-
जिस शशि थरूर को सुनती है पूरी दुनिया, संसद में वह किसे सुनना पसंद करते हैं? खुद खोला राज -
रुपये की गिरती कीमत पर RBI गवर्नर का बड़ा बयान, कोई फिक्स लेवल नहीं, जानिए क्या है रिजर्व बैंक का एक्शन प्लान -
टाटा संस की शेयर बाजार में लिस्टिंग अनिवार्य? RBI गवर्नर ने NDTV समिट में बताया ये क्यों है जरूरी -
मैं कर्म में विश्वास करता हूं... NDTV वर्ल्ड समिट में तुषार ने बताया किन वजहों से जीता यूके में मेयर का चुनाव -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
बिकिनी सीन करने में कृति सेनन को क्यों लगे 12 साल? बोलीं- 6-7 साल पहले ऐसा नहीं कर पातीं -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके? -
NDTV World Summit 2026: हॉकी चैंपियन नेहा गोयल का बड़ा खुलासा! दर्द में भी जीत का जश्न
Israel-Hamas War: PM नेतन्याहू ने कहा- अमेरिका ने अपना वादा निभाया, बाइडेन बोले- हम इज़रायल के साथ
व्हाइट हाउस के नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा कि अमेरिका और इजरायल युद्ध के नियमों का पालन कर रहे हैं. जबकि हमास जंग के नियमों को ताक पर रखकर हमले कर रहा है. गाजा में जो रिलीफ कैंप और अस्पतालों पर हमले हुए हैं, वो युद्ध के नियमों के खिलाफ हैं.
अमेरिका की दो बड़ी चिंताएं?
पहली- बड़ी संख्या में मरते आम लोग. अमेरिका ये मानता है कि इजरायल को अपनी सुरक्षा करने और हमास पर हमला करने का अधिकार है, लेकिन इन सबके बीच वह चाहता है कि इजरायल आम लोगों की जान की भी परवाह करे. हालांकि, इजरायल की तरफ से ऐसा नहीं होता दिख रहा है.
दूसरी- इस युद्ध में ईरान भी प्रॉक्सी आर्मी के साथ दक्षिणी लेबनान में हरकत करता दिख रहा है. इससे मिडिल ईस्ट में एक बड़े संघर्ष का डर बना हुआ है. आम लोगों की मौत उनकी पीड़ा की तस्वीरें सामने आएंगी, तो इजरायल के लिए समर्थन भी कमजोर पड़ सकता है.
गाजा पर की चढ़ाई तो इजरायली सेना के सामने क्या हैं बड़ी चुनौतियां?
क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स?
इन तमाम सवालों के जवाब के लिए NDTV ने एक्सपर्ट्स से बात की और उनकी राय जानी. बेन गुरियन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर खिवराज जांगिड़ ने कहा, "अरब के तीन देशों का अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन से मिलने से इनकार कर देना, चौंकाता जरूर है. लेकिन इससे मुझे नहीं लगता कि बाइडेन के मिशन में कोई असर पड़ेगा. गाजा के अस्पताल में हुए हमले के बाद से अरब देशों में इजरायल को लेकर जो आक्रोश बन रहा था, वो बुधवार शाम होते होते कुछ ठंडा पड़ गया. कम से कम अमेरिका की तरफ से इजरायल को क्लीनचिट दी गई, कि गाजा के अस्पताल में इजरायल ने हमला नहीं किया था. इस हमले में किसी दूसरी पार्टी का हाथ था. अगर हम इजरायल और हमास के नैरेटिव को छोड़ दें, तो अभी तक हमारे पास अलजजीरा है, जो गाजा में बहुत बड़ा मीडिया नेटवर्क है. बीबीसी न्यूज का भी गाजा में बड़ा नेटवर्क है. इनका भी इस हमले को लेकर इजरायल के खिलाफ कोई रिपोर्ट नहीं आता है. ऐसे में मेरा मानना है कि जिन तीन देशों ने बाइडेन से मिलने से इनकार कर दिया, वो सिर्फ एक बुरे घंटे की वजह से हुआ."
उन्होंने कहा, "जहां तक जो बाइडेन की मिडिल ईस्ट डिप्लोमेसी का सवाल है, उसमे सारे अरब देश बहुत ज्यादा साथ दिख रहे हैं. इसलिए वो अब तक इजरायल के कम से कम इस हमले में हमास के साथ नहीं हैं."
वेस्टर्न एशिया के एक्सपर्ट कमर आगा ने NDTV से कहा, "ये स्थिति अमेरिका के लिए काफी बड़ी चुनौती है. ये तो खैर बाद में पता चलेगा कि गाजा के अस्पताल में किसने हमला किया. अरब की जनता का मानना है कि इजरायल इसके पीछे है. वहां पर इजरायल को लेकर जिस तरह का गुस्सा है, उसके चलते ये मीटिंग भी कैंसिल हुई है. इस समय एक और बड़ी समस्या इन देशों के सामने है. वहां आम जनता में बहुत ज्यादा आक्रोश है. बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. बाइडेन के साथ मीटिंग से इनकार करने वाले देशों को इस बात का भी डर है कि अभी तक इजरायल के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं, कहीं ऐसा न हो कि उनके खिलाफ भी प्रदर्शन शुरू हो जाए. सऊदी अरब ने भी इसी डर से अपने पैर पीछे खींचे हैं."
रिश्ते बिगड़ने या बमबारी का डर? आखिर गाजा के लोगों को पनाह देने से क्यों कतरा रहा इजिप्ट
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं