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होर्मुज में 7 तेल टैंकरों पर हुए हमले; ईरान ने किया दावा, युद्ध फिर शुरू होने का बढ़ा डर

शिपिंग डेटा और विश्लेषण कंपनी 'लॉयड्स लिस्ट इंटेलिजेंस' के अनुसार, हाल के समय में हमलों में हुई बढ़ोतरी के बावजूद, अमेरिकी सेना की सुरक्षा में तेल टैंकर अभी भी इस जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) से तेल लेकर गुजर रहे हैं.

होर्मुज में 7 तेल टैंकरों पर हुए हमले; ईरान ने किया दावा, युद्ध फिर शुरू होने का बढ़ा डर
होर्मुज में लगातार तेल टैंकरों पर अभी भी हमले हो रहे हैं. (फोटो-AFP)
  • तेहरान ने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य में सात तेल टैंकरों में आग लगी या वे क्षतिग्रस्त हो गए हैं
  • ब्रिटिश निगरानी संस्था के अनुसार कुछ जहाज कंपनियां अब हमलों की रिपोर्ट करने में हिचकिचा रही हैं
  • शिपिंग डेटा से पता चलता है कि अमेरिकी सुरक्षा के तहत तेल टैंकर होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे हैं

तेहरान ने बृहस्पतिवार को बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य में रात के दौरान सात तेल टैंकरों में आग लग गई या वे क्षतिग्रस्त हो गए. ये टैंकर या तो ईरान के हमलों का शिकार हुए या फिर नौसैनिक बारूदी सुरंगों (नेवल माइन्स) से टकरा गए. पूर्ण युद्ध फिर से शुरू होने की चिंताओं के बीच तनाव बढ़ रहा है, और ऐसे में इतनी बड़ी संख्या में टैंकरों का प्रभावित होना एक गंभीर बात है.

इजरायल में कुछ ही दिनों में चुनाव होने वाले हैं, जिसमें प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू कड़ी मशक्कत कर रहे हैं. वहीं, अगले महीने अमेरिका में मध्यावधि चुनाव (मिडटर्म इलेक्शन) होने हैं, जहां युद्ध के कारण बढ़ी कीमतों को लेकर मतदाताओं में गुस्सा है. ऐसे में यह चिंता जताई जा रही है कि अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमले फिर से शुरू हो सकते हैं.

नेतन्याहू जीते तो हमला तय

इजरायल के 'इंस्टीट्यूट फॉर नेशनल सिक्योरिटी स्टडीज़' के शोधकर्ता और इजरायली सेना व खुफिया सेवाओं में ईरान मामलों के पूर्व विशेषज्ञ डैनी सिट्रिनोविच ने 'द एसोसिएटेड प्रेस' (AP) से कहा, "नेतन्याहू ईरान पर हमला करना चाहते हैं, इसमें तो कोई सवाल ही नहीं है." उन्होंने इजरायल पर आरोप लगाया कि वह अपनी रणनीति में कोई बदलाव किए बिना ही ईरान के साथ एक और टकराव की ओर बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि अगर 27 अक्टूबर के चुनाव में नेतन्याहू की स्पष्ट जीत होती है, तो ईरान पर हमला होना लगभग तय है.

मुख्य विपक्षी उम्मीदवार संभवतः पहले घरेलू मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करेंगे, लेकिन सिट्रिनोविच का मानना ​​है कि यह क्षेत्र "एक और सैन्य टकराव" की ओर बढ़ रहा है. ईरानी सरकारी टेलीविजन ने जहाजों पर हुए इन ताजा हमलों के बारे में जानकारी दी है, जिसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि AP नहीं कर सका. रिपोर्ट में 'रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स' की नौसेना का हवाला दिया गया है. उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका इस जलमार्ग से व्यावसायिक जहाजों को गुज़रने में मदद करना जारी रखता है, तो वे क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला करेंगे.

रिपोर्ट में किसी के हताहत होने का जिक्र नहीं है. ईरान अभी भी इस जलमार्ग पर अपना नियंत्रण बनाए हुए है, जो अमेरिका के साथ युद्ध से जुड़ी किसी भी बातचीत में उसके लिए एक अहम दबाव बनाने का जरिया है.

जहाज कंपनियां अब हमले की सूचना नहीं दे रही 

ब्रिटिश सैन्य निगरानी संस्था 'यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस' (UKMTO) के अनुसार, युद्ध के शुरुआती हफ्तों (मार्च) के बाद से अक्टूबर में व्यावसायिक जहाजों पर सबसे ज़्यादा हमले दर्ज किए गए हैं. UKMTO ने इन ताजा हमलों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है, लेकिन उसने यह गौर किया है कि कुछ जहाज कंपनियों ने अब ऐसी घटनाओं की रिपोर्ट करने में हिचकिचाहट दिखानी शुरू कर दी है. विशेषज्ञों का कहना है कि तेल उत्पादकों ने कच्चे तेल की आपूर्ति जारी रखने के तरीके तो खोज लिए हैं, लेकिन इसकी लागत लगातार बढ़ती जा रही है.

शिपिंग डेटा और विश्लेषण कंपनी 'लॉयड्स लिस्ट इंटेलिजेंस' के अनुसार, हाल के समय में हमलों में हुई बढ़ोतरी के बावजूद, अमेरिकी सेना की सुरक्षा में तेल टैंकर अभी भी इस जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) से तेल लेकर गुजर रहे हैं.

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