
फिल्म 'काबिल' का दृश्य....
लाहौर:
पाकिस्तान के निजी चैनलों पर अब भारतीय फिल्में दिखाई जा सकेंगी. दरअसल, पाकिस्तान की कोर्ट ने वैध लाइसेंसधारी निजी टेलीविजन चैनलों को देश के नियामक प्राधिकरण के साथ उनके समझौते की शर्तों के अनुरूप भारतीय फिल्में दिखाने की अनुमति दे दी है.पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रेग्यूलेट्री अथॉरिटी (पीईएमआरए) ने लाहौर उच्च न्यायालय के सामने रिपोर्ट पेश की थी जिसके मद्देनजर अदालत के मुख्य न्यायाधीश सैयद मंसूद अली शाह ने निजी टेलीविजन चैनलों को सोमवार मंजूरी दे दी.
लियो कम्युनिकेशन ने केबल टेलीविजन नेटवर्क पर भारतीय कार्यक्रम प्रसारित करने पर लगे प्रतिबंध को चुनौती देते हुए याचिका दायर की थी जिस पर अदालत ने अंतरिम आदेश पारित किया. रिपोर्ट में कहा गया है कि टेलीविजन चैनलों को लाइसेंस एस्टैबलिश एंड ऑपरेट सैटेलाइट टीवी ब्रॉडकास्ट चैनल स्टेशन के उपबंध 7.2 (दो) के तहत भारतीय फिल्में प्रसारित करने की अनुमति होनी चाहिए.
याचिकाकर्ता के वकील तफ्फजुल रिजवी ने अदालत में दलील दी कि चैनलों को भारतीय नाटक प्रसारित करने की भी अनुमति होनी चाहिए क्योंकि वे भी पीईएमआरए के साथ हुए लाइसेंस समझौते के तहत ‘मनोरंजन’ की परिभाषा में शामिल हैं.
हाल ही में पाकिस्तान में ऋतिक रोशन की काबिल रिलीज हुई थी. पाकिस्तानी सेंसर बोर्ड ने फिल्म को बिना किसी कट के पास किया था. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने हाल ही में बॉलीवुड फिल्मों पर लगे रोक को हटा दिया है. रोक हटने के बाद 'काबिल' पाकिस्तान में रिलीज हुई पहली बॉलीवुड फिल्म है. वहीं शाहरुख खान और माहिरा खान की 'रईस' को पाकिस्तान में बैन कर दिया गया. कहा गया कि इस फिल्म में मुसलमानों का 'अनुचित चित्रण' किया गया है. डॉन न्यूज के मुताबिक, फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की वजह यह है कि 'इसमें इस्लाम की गलत छवि है, मुसलमानों के एक विशेष संप्रदाय को गलत तरीके से पेश किया गया है और मुसलमानों को अपराधी और आतंकवादी के रूप में दिखाया गया है.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
लियो कम्युनिकेशन ने केबल टेलीविजन नेटवर्क पर भारतीय कार्यक्रम प्रसारित करने पर लगे प्रतिबंध को चुनौती देते हुए याचिका दायर की थी जिस पर अदालत ने अंतरिम आदेश पारित किया. रिपोर्ट में कहा गया है कि टेलीविजन चैनलों को लाइसेंस एस्टैबलिश एंड ऑपरेट सैटेलाइट टीवी ब्रॉडकास्ट चैनल स्टेशन के उपबंध 7.2 (दो) के तहत भारतीय फिल्में प्रसारित करने की अनुमति होनी चाहिए.
याचिकाकर्ता के वकील तफ्फजुल रिजवी ने अदालत में दलील दी कि चैनलों को भारतीय नाटक प्रसारित करने की भी अनुमति होनी चाहिए क्योंकि वे भी पीईएमआरए के साथ हुए लाइसेंस समझौते के तहत ‘मनोरंजन’ की परिभाषा में शामिल हैं.
हाल ही में पाकिस्तान में ऋतिक रोशन की काबिल रिलीज हुई थी. पाकिस्तानी सेंसर बोर्ड ने फिल्म को बिना किसी कट के पास किया था. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने हाल ही में बॉलीवुड फिल्मों पर लगे रोक को हटा दिया है. रोक हटने के बाद 'काबिल' पाकिस्तान में रिलीज हुई पहली बॉलीवुड फिल्म है. वहीं शाहरुख खान और माहिरा खान की 'रईस' को पाकिस्तान में बैन कर दिया गया. कहा गया कि इस फिल्म में मुसलमानों का 'अनुचित चित्रण' किया गया है. डॉन न्यूज के मुताबिक, फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की वजह यह है कि 'इसमें इस्लाम की गलत छवि है, मुसलमानों के एक विशेष संप्रदाय को गलत तरीके से पेश किया गया है और मुसलमानों को अपराधी और आतंकवादी के रूप में दिखाया गया है.
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