भारत ने पाकिस्तान को सीमा पार आतंकवाद को लेकर कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर वह आतंकवाद को समर्थन देना जारी रखता है, तो उसे इसके परिणाम भुगतने होंगे. संयुक्त राष्ट्र यानी UN में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने मंगलवार को सुरक्षा परिषद में कहा, ''पाकिस्तान को हर तरह के आतंकवाद को समर्थन देना पूरी तरह और हमेशा के लिए बंद करना होगा.'' उन्होंने कहा, ''पाकिस्तान को यह स्वीकार करना होगा कि सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने के परिणाम होते हैं. भारत को ऐसे सीमा पार आतंकवाद से अपनी रक्षा करने का पूरा अधिकार है.''
उन्होंने यह बयान पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि आसिम इफ्तिखार अहमद के उस भाषण के जवाब में दिया, जिसमें उन्होंने सुरक्षा परिषद की बैठक के दौरान भारत के खिलाफ टिप्पणी की थी. यह बैठक संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों और सिद्धांतों को मजबूत करने को लेकर आयोजित की गई थी.
-
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
बिकिनी सीन करने में कृति सेनन को क्यों लगे 12 साल? बोलीं- 6-7 साल पहले ऐसा नहीं कर पातीं -
AI एक्ट्रेस टिली नॉरवुड को पसंद है ये बॉलीवुड फिल्म, कृति सेनन के सामने सुनाया फेमस डायलॉग -
‘AI एक्टर्स इंसानी एक्टर्स की जगह नहीं ले सकते’, बोलीं एलाइन वैन डेर वेल्डन -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
नो इंडियंस अलाउड से मेयर तक का सफर, NDTV समिट में रोहतक से लंदन गई मां-बेटे की जोड़ी ने बताई अपनी जर्नी -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके? -
NDTV World Summit 2026: हॉकी चैंपियन नेहा गोयल का बड़ा खुलासा! दर्द में भी जीत का जश्न -
Ashwini Vaishnaw के ऑफिस में कुर्सी के पीछे क्यों लगी है कील? NDTV World Summit में खोला राज
हरीश ने पाकिस्तान के संयुक्त राष्ट्र चार्टर का सम्मान करने के दावे पर भी निशाना साधा.
उन्होंने कहा, ''पाकिस्तान द्वारा सीमा पार आतंकवाद का इस्तेमाल और भारत को 'हजार घाव देकर कमजोर करने' की नीति उसके खोखले दावों और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के प्रति उसकी कथित प्रतिबद्धता को उजागर करती है. पाकिस्तान अपने गठन के समय से ही आतंकवाद, धार्मिक कट्टरता, हिंसक उग्रवाद और भारत विरोधी बयानबाजी को लगातार बढ़ावा देता रहा है.''
"जम्मु-कश्मीर भारत का है और रहेगा"
इस दौरान आसिम इफ्तिखार अहमद ने दावा किया कि कश्मीर मुद्दा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के बावजूद अब तक हल नहीं हो पाया है और इसके लिए उन्होंने भारत की ओर इशारा किया. उन्होंने कहा, ''करीब आठ दशक से जम्मू-कश्मीर मुद्दा अनसुलझा है, जबकि सुरक्षा परिषद के कई प्रस्ताव कश्मीरी लोगों को आत्मनिर्णय का अधिकार देने की बात करते हैं.''
हालांकि, सुरक्षा परिषद की मूल शर्तों का पालन पाकिस्तान ने खुद नहीं किया. 21 अप्रैल 1948 को पारित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 47 में पाकिस्तान से कहा गया था कि वह कश्मीर से अपने सभी कबायली लड़ाकों, छिपे हुए सैनिकों और नागरिकों को हटाए, लेकिन पाकिस्तान ने इन मांगों का पालन नहीं किया. इसके कारण कश्मीर पर संयुक्त राष्ट्र की भूमिका धीरे-धीरे खत्म हो गई.
कश्मीर को लेकर अपने पुराने रुख पर कायम पाकिस्तान ने बैठक खत्म होने से ठीक पहले फिर जवाब देने के अधिकार का इस्तेमाल किया और पहले से तैयार बयान पढ़ा, जिसमें उसने 'हिंदुत्व' पर भी हमला बोला. भारत ने इन टिप्पणियों को कोई महत्व नहीं दिया और उनका जवाब देना जरूरी नहीं समझा.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं