थिम्पू:
विदेश सचिव निरूपमा राव ने सोमवार को कहा कि पाकिस्तान के साथ वार्ता प्रक्रिया को लेकर भारत सतर्क लेकिन आशावादी है और वह इस प्रक्रिया को वास्तविकताओं के मद्देनजर परिपक्व होते देखना चाहता है। राव ने अपने पाकिस्तानी समकक्ष सलमान बशीर के साथ मुलाकात के एक दिन बाद यहां संवाददाताओं से कहा हमारी बैठक अच्छी और उपयोगी रही। हमने :भारत. पाक: संबंध के साथ कई प्रासंगिक मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि बशीर के साथ उनकी बातचीत में कोई मुद्दा नहीं छाया रहा। उन्होंने कहा हमने :वार्ता: प्रक्रिया के बारे में बातचीत की और बेहतर तौर तरीके कैसे हों, इस बारे में चर्चा की। राव ने कहा कुल मिला कर यह एक उपयोगी बैठक रही। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने खुला और रचनात्मक रवैया दिखाया। उन्होंने कहा मैं संतुष्ट हूं। अगले कदम के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा हमें इंतजार करने और देखने की जरूरत है। विदेश सचिव ने कहा हमें इस प्रक्रिया के परिपक्व होने का इंतजार करना होगा। हमें आशावादी, सतर्क आशावादी होना चाहिए क्योंकि कई मुद्दे ऐसे हैं जो सुलझने चाहिए। भारत पाकिस्तान संबंधों को जटिल प्रकृति का बताते हुए राव ने कहा हमें यथार्थवादी होना चाहिए। हमें वास्तविकताओं से अवगत होना चाहिए। उन्होंने संबंधों के भविष्य के लिए दूरदृष्टि की जरूरत पर जोर दिया और कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ऐसा महसूस करते हैं। राव ने कहा कि बशीर ने उनसे कहा कि उनकी सरकार भी रचनात्मक तरीके से प्रमुख मुद्दों पर वार्ता प्रक्रिया को आगे ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है। राव और बशीर की कल रात 90 मिनट की मुलाकात हुई जिसमें दोनों ने इस बात पर सहमति जताई कि सकारात्मक और गर्मजोशी भरे संबंध दोनों देशों के हित में हैं और उन्हें इस दिशा में काम करने की जरूरत है। बाद में दोनों पक्षों की ओर से प्रेस को जारी एक साझा बयान में कहा गया कि दोनों विदेश सचिव अपने अपने प्रधानमंत्रियों के आदेश के अनुसार, अप्रैल 2010 में थिम्पू में उनकी मुलाकात के बाद और गत जुलाई को विदेश मंत्रियों की इस्लामाबाद में बैठक के बाद मिले तथा उन्होंने प्रक्रिया को आगे बढ़ाया। दोनों पक्षों ने सभी प्रमुख मुद्दों के हल के लिए रचनात्मक वार्ता की जरूरत पर जोर दिया।