वाशिंगटन:
इंट्रालीपीड नाम के एक कृत्रिम वसा का इस्तेमाल आजकल अन्त:शिरा पोषण के एक अवयव के रूप में किया जा रहा है, जो दिल का दौरा पड़ने के खतरे का सामना कर रहे लोगों को सुरक्षा की प्रदान कर सकता है। दिल का दौरा रोकने का मौजूदा उपचार इस्चेमिक अवधि सीमित करने पर केंद्रित है, जब उत्तकों तक रक्त का प्रवाह कम हो जाता है और इसके परिणामस्वरूप सामान्य चक्रीय रक्तप्रवाह बहाल करने के लिए धमनी खुल जाती है। कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के एक दल ने अब इस बात का पता लगाया है कि सोयाबीन के तेल, अंडा और ग्लिसरीन के मिश्रण से बनने वाला इंट्रालिकपिड हृदय को पहुंचने वाले व्यापक नुकसान को रोक सकता है और हृदय के कामकाज को सुचारू रखने में मदद कर सकता है। इस अध्ययन से पता चलता है कि इंट्रालिकपिड कोशिका की अखंडता और इसके कामकाज को उस वक्त बरकरार रखता है, जब शरीर तनाव में होता है, जैसा कि दिल का दौरा पड़ने के वक्त होता है।
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