Donald Trump- Xi Jinping Meeting in Beijing: चीन दौरे पर गए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ बड़ी कूटनीतिक मुलाकात के दौरान एक ऐसा बयान सामने आया है जिसने दुनिया भर का ध्यान खींच लिया. चीन के राष्ट्रपति ने अमेरिका को “गिरता हुआ देश” बताया था. अब डोनाल्ड ट्रंप ने एक तरह से चीनी राष्ट्रपति को डिफेंड करते हुए कहा है कि शी जिनपिंग का इशारा उनके शासन की तरफ नहीं, बल्कि पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन सरकार के समय अमेरिका को हुए “नुकसान” की तरफ था. ट्रंप ने दावा किया कि उनके दोबारा सत्ता में आने के बाद अमेरिका फिर से दुनिया की सबसे ताकतवर आर्थिक और सैन्य शक्ति बन गया है. दोनों नेताओं की मुलाकात के बीच अमेरिका-चीन रिश्ते, ताइवान, व्यापार और वैश्विक तनाव जैसे मुद्दे भी चर्चा में हैं.
ट्रंप ने क्या कहा है?
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को शी जिनपिंग के बयान को नए तरीके से पेश करने की कोशिश की. ट्रंप ने कहा कि शी जिनपिंग जब अमेरिका को “शायद गिरता हुआ देश” बता रहे थे, तो उनका इशारा बाइडेन सरकार के दौरान हुए “नुकसान” की तरफ था. ट्रंप ने यह भी दावा किया कि उनके कार्यकाल में अमेरिका फिर से दुनिया की सबसे बड़ी आर्थिक और सैन्य ताकत बन गया है.
ट्रंप ने यह बातें अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखीं. उन्होंने कहा कि अगर बात बाइडेन सरकार के असर की हो, तो अमेरिका के गिरने वाला आकलन “100 प्रतिशत सही” था. ट्रंप ने बाइडेन सरकार पर आरोप लगाया कि उसकी वजह से सीमाएं कमजोर हुईं, टैक्स बढ़े, सामाजिक मुद्दों से जुड़ी नीतियां बदलीं और अर्थव्यवस्था को गलत तरीके से संभाला गया.
ट्रंप ने अपने पोस्ट में कहा कि शी जिनपिंग का इशारा उस “शानदार उभार” की तरफ नहीं था, जो ट्रंप सरकार के पिछले 16 शानदार महीनों में अमेरिका ने दुनिया को दिखाया है. उन्होंने कई बातों का जिक्र किया, जैसे- “रिकॉर्ड ऊंचाई पर शेयर बाजार और 401K, सैन्य जीत और वेनेजुएला के साथ मजबूत संबंध, ईरान की सैन्य ताकत को तबाह करना (यह आगे भी जारी रहेगा!), दुनिया की सबसे मजबूत सेना, फिर से आर्थिक महाशक्ति बनना, दूसरे देशों द्वारा अमेरिका में रिकॉर्ड 18 ट्रिलियन डॉलर का निवेश, अमेरिका के इतिहास का सबसे अच्छा नौकरी बाजार, अभी तक के मुकाबले सबसे ज्यादा लोगों का काम करना, देश को नुकसान पहुंचाने वाली डीईआई नीतियों को खत्म करना, और ऐसी कई दूसरी चीजें जिन्हें तुरंत गिनाना भी मुश्किल है.”
उन्होंने कहा कि शी जिनपिंग ने इतने कम समय में मिली इन सफलताओं के लिए उन्हें बधाई दी. अपने पोस्ट के अंत में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका गिरावट की स्थिति से निकलकर फिर से दुनिया में मजबूत और प्रभावशाली देश बन गया है. उन्होंने उम्मीद जताई कि चीन के साथ अमेरिका के रिश्ते पहले से ज्यादा मजबूत और बेहतर होंगे. ट्रंप ने लिखा, “दो साल पहले हम सच में एक गिरता हुआ देश थे. इस बात पर मैं पूरी तरह राष्ट्रपति शी से सहमत हूं! लेकिन अब अमेरिका दुनिया का सबसे ‘हॉट' देश बन चुका है और उम्मीद है कि चीन के साथ हमारे रिश्ते पहले से ज्यादा मजबूत और बेहतर होंगे!”
ट्रंप का यह बयान चीन यात्रा के बीच आया है. शी जिनपिंग पिछले कुछ सालों में कह चुके हैं, “पूरब उभर रहा है और पश्चिम गिर रहा है.” वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक, हालांकि इस बयान में पूरे “पश्चिम” की बात होती है, लेकिन चीन की सरकार, सरकारी मीडिया और राजनीतिक विश्लेषक इसे खास तौर पर अमेरिका के लिए इस्तेमाल करते हैं. बीजिंग का मानना है कि अमेरिका में बढ़ती राजनीतिक लड़ाई, सामाजिक बंटवारा और आर्थिक बदलाव इस बात के साफ संकेत हैं कि अमेरिका लंबे समय में कमजोर हो रहा है.
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