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ट्रंप ने अमेरिका ही नहीं दुनिया का भी दिल तोड़ दिया

Takeaways from Trump's address on Iran War: डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी जनता के मन के सबसे बड़े सवाल का कोई नया उत्तर नहीं दिया कि वास्तव में युद्ध कब समाप्त होगा.

ट्रंप ने अमेरिका ही नहीं दुनिया का भी दिल तोड़ दिया
US Iran War: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान जंग पर अमेरिकी जनता को संबोधित किया
  • ट्रंप ने ईरान युद्ध पर पहली बार राष्ट्रीय संबोधन में स्पष्ट रणनीति या युद्ध समाप्ति की योजना नहीं दी
  • ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को नष्ट करने का दावा किया लेकिन पिछले और वर्तमान बयानों में विरोधाभास है
  • पूर्व राजदूत इवो डालडर बोले- ट्रंप ने युद्ध के उद्देश्य और सैन्य कार्रवाई जारी रखने के कारण स्पष्ट नहीं किए
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Donald Trump Address to Nation on Iran War: मिडिल ईस्ट में महीने से चल रही जंग के बाद पहली बार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपनी जनता के सामने आए थे. दुनिया को उम्मीद थी कि या तो जंग खत्म करने का ऐलान होगा या फिर सीजफायर का कोई प्लान सामने रखा जाएगा. अमेरिकी जनता उम्मीद में थी कि ट्रंप उनका कंफ्यूजन दूर करेंगे. ट्रंप ने बिना संसद की मंजूरी के ईरान में जंग छेड़ रखी है, पता नहीं कि लक्ष्य क्या है, अगर लक्ष्य पूरा हो रखा है तो फिर जंग क्यों चल रही है. सवाल बहुत थे और इंतजार जवाब का था. हालांकि लगभग 19 मिनट में इस भाषण में जवाब कम थे, कंफ्यूजन बढ़ाने वाले बयान अधिक थे. चलिए समझते हैं कि ऐसा क्यों है.

ट्रंप अभी झूठ बोल रहे हैं या पिछले साल बोला था?

याद कीजिए कि जब पिछले साल अमेरिका ने इजरायल के साथ मिलकर ईरान पर हमला किया था तब ट्रंप ने इस बात पर जोर दिया था कि हमलों में ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया. हालांकि अब ट्रंप ने कहा ईरान परमाणु बम बनाने के बिल्कुल दहलीज पर थी. ट्रंप का दावा है कि अब उसे वापस नष्ट कर दिया गया है. तो अभी वाले ट्रंप सच्चे हैं या एक साल पहले वाले.

बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका के पूर्व राजदूत इवो डालडर का कहना है कि ट्रंप के भाषण में कई महत्वपूर्ण सवालों का जवाब नहीं दिया गया, जिसमें यह भी शामिल है कि अगर ट्रंप कहते हैं कि ईरान की परमाणु क्षमताएं, नौसेना और मिसाइलें नष्ट हो गई हैं तो अमेरिका अभी भी ईरान में सैन्य कार्रवाई क्यों कर रहा है. रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा, "मुझे समझ नहीं आता कि हम क्यों सोचते हैं कि हमें सेफ फील करना चाहिए... और मुझे लगता है कि अमेरिकी जनता में भी इसी तरह का संदेह है." 

उनका कहना है कि भले ट्रंप ने अपने संबोधन में नाटो सहयोगियों की खुलकर कड़ी आलोचना नहीं की, उन्हें निशाने पर नहीं लिया सामने नहीं आए और न इस भाषण में गठबंधन से बाहर निकलने की धमकियों को दोहराया, लेकिन बाद में सोशल मीडिया पर उनके ऐसा करने की संभावना है.

जंग कब खत्म होगा? एक स्पष्ट जवाब नहीं 

ट्रंप ने अमेरिकी जनता के मन के सबसे बड़े सवाल का कोई नया उत्तर नहीं दिया कि वास्तव में युद्ध कब समाप्त होगा. ट्रंप ने कहा कि मुझे यह कहते हुए खुशी हो रही है कि ये मुख्य रणनीतिक उद्देश्य पूरे होने वाले हैं." उन्होंने अगले दो से तीन हफ्तों में ईरान पर "पाषाण युग में वापस" भेजने वाली बमबारी करने की अपनी प्रतिज्ञा को दोहराने के अलावा जंग खत्म करने की कोई प्लानिंग, कोई एक टारगेट का डिटेल्स देने से इनकार कर दिया.

सवाल है कि क्या हासिल हो जाए तो अमेरिका जंग से बाहर निकल जाएगा, उसका एंडगेम क्या है... यही जवाब तो अमेरिकी जनता ट्रंप से मांग रही है  लेकिन उन्होंने इसके बारे में कोई जवाब नहीं दिया. क्या उन्होंने ईरान के एनरिच या शुद्ध किए गए यूरेनियम को जब्त करने के लिए जमीनी सेना भेजने की योजना बनाई है या होर्मुज को नियंत्रित करने की ईरान की क्षमता को कम करने की योजना बनाई है.

जहां तक ​​कूटनीतिक चर्चाओं का सवाल है, उन्होंने कोई पॉजिटिव संकेत नहीं दिया है. इसके बजाय, उन्होंने केवल ईरान के बिजली संयंत्रों पर हमला करके आगे बढ़ने की अपनी धमकियों को दोहराया है. अगर ट्रंप और उनकी सेना ऐसा करती है तो यह युद्ध को और अधिक व्यापक बनाने का जोखिम उठाने जैसा होगा. 

एक तरफ ट्रंप कहते हैं कि ईरानी नेतृत्व का नया समूह कम कट्टरपंथी और अधिक तर्कसंगत है तो दूसरी तरफ यह कहते हैं कि अगर जल्द कोई डील नहीं होता है, तो हमारी नजर प्रमुख लक्ष्यों पर है. अमेरिका ईरान के बिजली संयंत्रों को तबाह कर देगी.

कंफ्यूजन बढ़ा रहे ट्रंप?

वहीं यूके में पूर्व विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन की वरिष्ठ सलाहकार मेलिसा तूफानियन ने बीबीसी को बताया कि उन्हें लगता है कि ट्रंप के भाषण के बाद अमेरिकी जनता ईरान युद्ध के बारे में "अधिक भ्रमित" हो सकती है. उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि आज का भाषण देखने वाला एक भी अमेरिकी ऐसा होगा जिसे ऐसा लगे कि कोई स्पष्ट योजना है, जैसे कोई स्पष्ट समयरेखा है, कि हम अधिक सुरक्षित हैं.

यह भी पढ़ें: ट्रंप के भाषण की वो पांच बातें, जो बताती हैं युद्ध से निकलने की तैयारी में है अमेरिका

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