बीजिंग:
चीन ने शुक्रवार को अपने करीबी सहयोगी देश पाकिस्तान के लिए संचार उपग्रह पाकसैट-1आर का प्रेक्षपण किया। इस संचार उपग्रह का प्रक्षेपण तड़के चीन के दक्षिण पश्चिम सिचुआन प्रांत में जिचांग उपग्रह प्रक्षेपण केंद्र से किया गया। चीन की आधिकारिक एजेंसी 'सिन्हुआ' के अनुसार, उपग्रह का प्रक्षेपण मार्च-3बी रॉकेट से किया गया। पाकसैट-1आर उपग्रह से ब्रॉडबैंड इंटरनेट, दूरसंचार और प्रसारण समेत कई तरह की सेवाओं के आधार को बढ़ाने में मदद मिलेगी और इसके दायरे में यूरोप, दक्षिण एशिया, पश्चिम एशिया और पूर्वी अफ्रीका के कुछ क्षेत्र आ जाएंगे। इसका कई तरह के रक्षा कार्यो में उपयोग किया जा सकेगा। यह उपग्रह पाकसैट-1 का स्थान लेगा। इस उपग्रह का जीवन 15 साल बताया जा रहा है। केंद्र के नियंत्रण कक्ष ने प्रक्षेपण को सफल बताया है। उपग्रह प्रक्षेपण के 26 मिनट बाद रॉकेट से अलग हो गया। पाकिस्तान के आधिकारिक समाचार एजेंसी एपीपी के अनुसार, पाकसैट-1आर उपग्रह का डिजाइन और निर्माण चीन की अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी अकादमी ने किया है। पाकसैट-1आर के प्रक्षेपण के समय पाकिस्तान के वरिष्ठ अधिकारियों का एक दल भी मौजूद था। उपग्रह पर संचार पेलोड लगा हुआ है, जिससे कई तरह की नई सेवाएं संभव होंगी, जिसमें डिजीटल टेलीविजन प्रसारण, रिमोट और ग्रामीण टेलीफोनी, आपात संचार सेवाएं, टेली शिक्षा एवं टेली चिकित्सा सेवा शामिल हैं। उपग्रह का परिचालन लाहौर और कराची स्थित सुपारको उपग्रह स्टेशन से होगा। उपग्रह में 30 ट्रांसपांडर लगे हैं, जिसमें 12 सी बैंड और 18 केयू बैंड ट्रांसपांडर शामिल हैं। 'सिन्हुआ' के अनुसार, यह प्रक्षेपण एशियाई उपभोक्ता के लिए पहला कक्षा प्रक्षेपण है। साथ ही इस वर्ष यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहला व्यावसायिक उपग्रह निर्यात है।
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चीन, पाकिस्तान, संचार उपग्रह