बीजिंग:
पूर्वी चीनी सागर के द्वीपों को लेकर जापान से तीखे विवाद के बीच चीन ने तिब्बत में सैन्य अभ्यास बढ़ा दिया है। इनमें चीनी वायुसेना का हवाई और विशेष बलों का अभ्यास भी शामिल है।
सरकारी सीसीटीवी ने बताया कि चीनी सेना के विशेष ऑपरेशन बलों ने सालाना सैन्य अभ्यास शुरू कर दिया है। इन अभ्यासों का मकसद टोह लेने और युद्ध में टिकने की क्षमता का प्रशिक्षण देना है।
पूर्वी चीनी सागर में चीनी नौसेना ने द्वीपों को कब्जा करने का अभ्यास किया। वहीं, सरकारी मीडिया ने यहां हिमालय के ऊपर उड़ती वायुसेना के विमानों की तस्वीरें प्रकाशित की। सैन्य तस्वीरों की ‘साप्ताहिक समीक्षा’ के तहत तस्वीरें जारी की गई हैं।
बिना किसी अभ्यास का जिक्र करते हुए खबर में कहा गया, ‘चीनी युद्धक विमानों ने हिमालय के ऊपर युद्ध सामग्री लेकर उड़ान भरी।’ चीनी युद्धक जेटों ने जुलाई में तिब्बत में रात्रि अभ्यास किया था।
सरकारी टेलीविजन ने बताया कि जिनान सैन्य क्षेत्र के विशेष बलों ने येलो सी में अभ्यासों को अंजाम दिया।
सरकारी सीसीटीवी ने बताया कि चीनी सेना के विशेष ऑपरेशन बलों ने सालाना सैन्य अभ्यास शुरू कर दिया है। इन अभ्यासों का मकसद टोह लेने और युद्ध में टिकने की क्षमता का प्रशिक्षण देना है।
पूर्वी चीनी सागर में चीनी नौसेना ने द्वीपों को कब्जा करने का अभ्यास किया। वहीं, सरकारी मीडिया ने यहां हिमालय के ऊपर उड़ती वायुसेना के विमानों की तस्वीरें प्रकाशित की। सैन्य तस्वीरों की ‘साप्ताहिक समीक्षा’ के तहत तस्वीरें जारी की गई हैं।
बिना किसी अभ्यास का जिक्र करते हुए खबर में कहा गया, ‘चीनी युद्धक विमानों ने हिमालय के ऊपर युद्ध सामग्री लेकर उड़ान भरी।’ चीनी युद्धक जेटों ने जुलाई में तिब्बत में रात्रि अभ्यास किया था।
सरकारी टेलीविजन ने बताया कि जिनान सैन्य क्षेत्र के विशेष बलों ने येलो सी में अभ्यासों को अंजाम दिया।