Uttar Pradesh Ke Mausam ka Haal: उत्तर प्रदेश में तेज आंधी और बारिश का दौर जारी है. कहीं-कहीं ओले भी गिर रहे हैं. दो दिन से उत्तर पश्चिम भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ की वजह से यूपी में मौसम का मिजाज बदला हुआ सा है. प्रदेश के कई हिस्सों में पिछले 48 घंटों से बारिश का दौर बना हुआ है. मौसम विभाग (IMD Weather Update) के अनुसार, आज यानी 5 अप्रैल को भी यूपी के कई जिलों में बारिश की संभावना है. हालांकि, मौसम बदलने से गर्मी से जरूर राहत मिली है, लेकिन किसानों की भी चिंता बढ़ी हुई है.
उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में ज्यादा बारिश हो रही है. इसके अलावा अवध भी भीगता रहा है. लखनऊ में शनिवार को 16 मिमी, कानपुर में 21.4 मिमी और झांसी में 6.3 मिमी बारिश दर्ज की गई.
8 अप्रैल तक रह सकता है ऐसा मौसम
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ का असर प्रदेश में 8 अप्रैल तक बना रह सकता है. इससे आम जनजीवन के साथ-साथ किसानों की चिंता भी बढ़ गई है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, दिनभर आसमान में बादल छाए रहने और बीच-बीच में बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है.
दो दिन बाद तेज बारिश की फिर संभावना
5 और 6 अप्रैल को मौसम कुछ हद तक साफ रहने की संभावना है. हालांकि, बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने जारी किया है. आज तापमान 32 से 33 डिग्री तक पहुंच सकता है, लेकिन इसके बाद 7 और 8 अप्रैल को फिर से आंशिक बादल छाने और बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारों का दौर लौट सकता है और ओले भी गिर सकते हैं. 50 से 60 किमी. प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की भी आशंका है. राज्य के पूर्वी हिस्सों में बिजली गिरने के साथ-साथ आंधी-तूफान आने की चेतावनी भी जारी की गई है.
वहीं, लखनऊ में अधिकतम तापमान 35.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22.2 डिग्री दर्ज किया गया. इसके अलावा 4 अप्रैल को नोएडा क्षेत्र में न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है.
यूपी में बारिश से प्रभावित किसानों की मदद अधिकारी: योगी आदित्यनाथ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे लगातार हो रही बारिश से प्रभावित किसानों तक अपनी समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करें. मुख्यमंत्री ने प्रदेश के कई गांवों में हुई आम बारिश से किसानों को हो रही परेशानी के बारे में बताया है. उन्होंने कहा कि हर हाल में आपदा का असर किसानों पर न्यूनतम रखा जाएगा. जनहानि, पशुहानि और विनाश को 24 घंटे के लिए स्टॉक स्टॉक में रखा जाएगा और इसमें किसी भी प्रकार का प्रवेश नहीं किया जाएगा.
बदले मौसम की वजह क्या है?
इस बदले मौसम की वजह एक बहुत सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ है.इसे ऐसे समझिए जैसे भूमध्य सागर से आने वाली नमी से भरी एक विशाल हवा की पट्टी.जब यह भारत की ओर बढ़ती है, तो यह मैदानों से उठने वाली गर्म हवा से टकराती है.इससे प्री‑मानसून गतिविधियां शुरू हो जाती हैं. जब सूरज जमीन को गर्म करता है, तो गर्म हवा ऊपर की ओर तेजी से उठती है.अगर यह ठंडी और नम पश्चिमी विक्षोभ वाली हवा से मिल जाए, तो बड़े‑बड़े घने बादल बन जाते हैं, जिन्हें क्यूम्यूलोनिंबस बादल कहा जाता है.
ये बादल वातावरण के ऐसी ताकतवर सिस्टम हैं जो अचानक और तेज बारिश पैदा करते हैं.इस खास मौसम प्रणाली की बनावट बहुत कम देखने को मिलती है. यह हजारों किलोमीटर तक एक सीधी रेखा में फैली हुई है, इसी वजह से आज इतने बड़े इलाके में मौसम का असर दिखाई दे रहा है.
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