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This Article is From Aug 17, 2017

योगी सरकार 7,500 किसानों को देगी कर्ज माफी का प्रमाणपत्र, गृहमंंत्री राजनाथ सिंह करेंगे शुरुआत

योगी सरकार कर्ज माफी के वादे को अमलीजामा पहनाने के लिए शुरुआत करने जा रही है.

योगी सरकार 7,500 किसानों को देगी कर्ज माफी का प्रमाणपत्र, गृहमंंत्री राजनाथ सिंह करेंगे शुरुआत
गृहमंत्री राजनाथ सिंह किसानों को 17 अगस्त को प्रमाण पत्र देकर फसल ऋण मोचन योजना को आरंभ करेंगे.
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किसानों से किए गए कर्ज माफी के वादे को गुरुवार से अमलीजामा पहनाने के लिए शुरुआत करने जा रही है. लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व गृहमंत्री राजनाथ सिंह किसानों को 17 अगस्त को प्रमाण पत्र देकर फसल ऋण मोचन योजना को आरंभ करेंगे. यह जानकारी सूबे के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने दी.  

शाही ने कहा, "गुरुवार को मुख्यमंत्री व गृहमंत्री करीब 7,500 किसानों को कर्ज माफी का ऋणमोचन प्रमाण पत्र देंगे. योगी सरकार ने कैबिनेट की पहली बैठक में ही किसानों के फसली कर्ज माफ करने का फैसला किया था. ये सुविधा सिर्फ उन लघु और सीमांत किसानों को ही मिलेगी, जिनके पास पांच एकड़ खेती वाली जमीन है और जिन्होंने एक लाख रुपये तक का कर्ज ले रखा है." 

उन्होंने कहा, "लखनऊ के स्मृति उपवन में होने वाले कार्यक्रम में करीब 7,500 किसानों को कर्ज माफी के प्रमाण पत्र दिए जाएंगे. प्रथम चरण में उन 27.5 लाख किसानों के कर्ज माफ होंगे, जिनके खाते आधार से लिंक हो गए हैं. उप्र में ऐसे करीब 86 लाख किसान हैं, जिनके कर्ज की माफी के लिए सरकार ने बजट में 36 हजार करोड़ रुपये की व्यवस्था की है." 

पढ़ें: केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन बोले - कर्ज माफी की कोई योजना नहीं, इससे किसानों की समस्याएं खत्म नहीं होंगी

शाही ने कहा, "योजना की शुरुआत के बाद जिलों में मंत्री पांच सितंबर को कर्ज माफी के प्रमाण पत्र वितरित करेंगे. लखनऊ में किसानों को खुद योगी प्रमाण पत्र देंगे. वहीं बाकी 74 जिलों में वहां के प्रभारी मंत्री यही काम करेंगे." उन्होंने कहा कि करीब 27.5 लाख किसानों का आधार कार्ड खाते से लिंक कर दिया गया है. इसके साथ ही वेरीफिकेशन की कार्रवाई भी की जा रही है. यह कर्ज की माफी केवल फसली ऋण पर ही की जाएगी."

VIDEO : कर्ज़माफी ही है आखिरी रास्ता?​

उन्होंने बताया, "प्रदेश के 43 जिलों में एसएस मशीन लगाई गई है, जिसके बाद मृदा परीक्षण के काम में तेजी आई है. पिछली सरकार के कार्यकाल में करीब 47,70,399 मृदा सैंपल में से केवल 23,93,954 सैंपल ही जांचे गए थे. इस सरकार के मात्र चार माह के कार्यकाल में यह आंकड़ा 31,20,479 तक पहुंच गया है. इसके साथ ही सरकार ने 31 अक्टूबर तक पहली चक्र के कार्डो को वितरित करने का भी लक्ष्य रखा है."

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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