यूपी की राजधानी लखनऊ के विकास और यातायात व्यवस्था में आज एक नया अध्याय जुड़ जाएगा. आज शुक्रवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ को ग्रीन कॉरिडोर का वो 'अनमोल तोहफा' देने जा रहे हैं, जो शहर की यातायात व्यवस्था की तस्वीर बदल देगा. 1519 करोड़ रुपये की लागत वाली 'ग्रीन कॉरिडोर' परियोजना के दूसरे चरण का लोकार्पण न केवल यातायात को सुगम बनाएगा, बल्कि पुराने और नए लखनऊ के बीच की दूरी को भी कम करेगा.
परियोजना की मुख्य विशेषताएं और लाभ
लखनऊ की लाइफ लाइन मानी जाने वाली गोमती नदी के किनारे बना यह कॉरिडोर 5 लाख से अधिक लोगों के दैनिक आवागमन को आसान बनाएगा. समतामूलक चौराहे से निशातगंज, हनुमान सेतु, डालीगंज और पक्का पुल तक ब्रिज और आरओबी (ROB) का निर्माण किया गया है. हनुमान सेतु से निशातगंज मार्ग तक सड़क की चौड़ाई 10 मीटर से बढ़ाकर 18 मीटर कर दी गई है, जिससे जाम से मुक्ति मिलेगी. कॉरिडोर के किनारे हार्टीकल्चर (बागवानी) और सौंदर्यीकरण के विशेष कार्य किए गए हैं, जो शहर की हरियाली को बढ़ाएंगे.

भविष्य की योजना: तीसरे और चौथे चरण का शिलान्यास
लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) आईआईएम रोड से किसान पथ तक कुल 28 किलोमीटर लंबे ग्रीन कॉरिडोर का निर्माण करा रहा है. आज के कार्यक्रम में आगामी चरणों की आधारशिला भी रखी जाएगी. तीसरा चरण समतामूलक चौक से शहीद पथ तक निर्माण होगा और चौथा चरण शहीद पथ से किसान पथ तक विस्तार किया जाएगा. लोकार्पण के बाद दोनों दिग्गज नेता झूलेलाल वाटिका में एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे.

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