- शिवपाल यादव ने अखिलेश यादव पर हमला बोला.
- अखिलेश ने चाचा और बाप से धोखा किया- शिवपाल
- मायावती आखिर अखिलेश की बुआ कैसे हो गईं? - शिवपाल यादव
लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections 2019) से ठीक पहले एक बार फिर से यूपी की सियासत गरमा गई है और इस बार फिर से इसके केंद्र में मुलायम सिंह यादव का परिवार ही है. प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के प्रमुख शिवपाल यादव (Shivpal Yadav) ने शनिवार को ऐलान कर दिया कि वह भतीजे अक्षय के खिलाफ फिरोजाबाद सीट से आगामी लोकसभा चुनाव लड़ेंगे. बता दें कि अक्षय अभी फिरोजाबाद सीट से ही सांसद हैं. शिवपाल यादव ने मायावती के साथ गठबंधन करने को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर भी हमला बोला. भतीजे अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) पर हमला बोलते हुए कहा कि न तो उन्होंने और न ही कभी मुलायम सिंह यादव ने मायावती को बहन जी बनाया तो आखिर अखिलेश यादव की बुआ वह कैसे बन गईं?.
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समाजवादी पार्टी से अलग होकर प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) बनाने वाले चाचा शिवपाल यादव ने शनिवार को कहा कि 'वही बहन जी हैं न? न नेता जी ने बहन जी बनाया, ना हमने बहन जी बनाया, तो अखिलेश की बुआ कहां से बन गईं? और बताओ, बुआ का कोई भरोसा है, कहां चली जाएं?'
Pragatisheel Samajwadi Party (Lohia) chief Shivpal Yadav: Vo hi behen ji hain, na Neta Ji ne behen Ji banaya, na humne behen ji banaya, toh Akhilesh ki bua kahan se ban gain? Aur batao bua ka koi bharosa hai kahan chali jayen? https://t.co/FOcX3m4InW
— ANI UP (@ANINewsUP) January 26, 2019
आगे उन्होंने कहा कि 'बताओ, ऐसे लोगों पर विश्वास किया जा सकता है? जो अपने बाप और चाचा को भी धोखा दे, बताओ क्या-क्या नहीं किया मैंने. पढ़ाई से लेकर के, क्या-क्या नहीं किया मैंने... नेता जी को कौन कहता था कि मुलायम यादव जी गुंडों के सरदार हैं, सपा में सारे लोग गुंडे हैं?'
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दरअसल, शिवपाल ने इटावा के धनुआंखेड़ा इण्टर कालेज में गणतंत्र दिवस पर एक समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि लखनऊ में लाखों लोगों के बीच हमने कहा था कि मुझे कुछ नहीं चाहिए, न मंत्री पद न कुछ और, सिर्फ सम्मान चाहिए. लेकिन षड्यंत्र कर उन्हें पार्टी से अलग किया गया. भतीजे अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें धोखा दिया गया और मजबूरी में उन्हें प्रगतिशील समाजवादी पार्टी का गठन करना पड़ा. शिवपाल ने सपा-बसपा गठबंधन पर कहा कि बसपा ने सपा को झटका देकर तीन बार भाजपा के सहयोग से सरकार बनाई. उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह को ‘‘गुण्डा'', सपा को गुंडों की पार्टीं तथा उन्हें दुराचारी बताने वाले दल के साथ गठबंधन पिता और चाचा का साफ अपमान है.
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फिरोजाबाद सीट से कौन?
फिरोजाबाद सीट से अक्षय यादव सांसद हैं. वह राम गोपाल यादव के बेटे हैं. वर्ष 2014 में फिरोजाबाद संसदीय सीट से चुनाव जीतने के दौरान अक्षय यादव की उम्र 27 साल रही. इस प्रकार वह यूपी के सबसे कम उम्र के सांसद रहे. शिवपाल सिंह यादव के अब फिरोजाबाद सीट से ही चुनाव लड़ने के ऐलान से लाजिमी है कि रामगोपाल यादव और उनके बेटे अक्षय मुश्किल में पड़ेंगे. वहीं अगर 2019 के लोकसभा चुनाव में इसी सीट से फिर अक्षय उतरेंगे तो चाचा शिवपाल से लड़ाई दिलचस्प होगी.
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