कासगंज हिंसा के मुख्य आरोपी सलीम को यूपी पुलिस ने गिरफ्तार किया (फाइल फोटो)
- सलीम पर चंदन को गोली मारने का आरोप है.
- चंदन गुप्ता एक स्थानीय गैर लाभकारी संस्था से जुड़ा था.
- गणतंत्र दिवस पर वीएचपी और एबीवीपी ने निकाली थी तिरंगा रैली
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लखनऊ:
कासगंज हिंसा के मुख्य आरोपी सलीम को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. सलीम पर चंदन को गोली मारने का आरोप है. इस हमले के बाद चंदन की मौत हो गई थी. यूपी पुलिस के लॉ एंड ऑर्डर एडीजी आनंद कुमार ने बताया कि एफआईआर और बयान के आधार पर सलीम ही वह शख्स है जिसने अपने घर की बालकनी से चंदन पर गोली चलाई थी. उन्होंने कहा कि पिछले दो दिनों में उन्होंने कई हथियार बरामद किए हैं. वह अब चंदन के शरीर से मिली गोली का उन हथियारों से मिलान कर रहे हैं.
कासगंज हिंसा से जुड़ा अहम VIDEO मिला, युवाओं के हाथ में दिख रही गन और तलवारें
गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) के मौके पर विश्व हिन्दू परिषद (वीएचपी) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के छात्रों ने निकाली थी. इस तिरंगा-यात्रा को मुस्लिम बहुल इलाके से निकालने के दौरान भड़की हिंसा में चंदन की मौत हो गई थी.
एक स्थानीय कॉलेज से कॉमर्स की पढ़ाई करने वाला चंदन गुप्ता एक स्थानीय गैर लाभकारी संस्था से जुड़ा था. उसके माता-पिता का कहना है कि वह कंबल बांटने और रक्दान जैसी मुहिमों में हिस्सा लिया करता था.
कासगंज हिंसा के पीड़ित अकरम ने कहा, मैंने सबको माफ किया
NDTV को मिले एक मोबाइल वीडियो में दिख रहा है कि सैकड़ों की संख्या में युवक हाथों में भगवा झंडे लिए एक गली में खड़े हैं. रिपोर्टों के अनुसार उन्हें स्थानीय लोगों ने वहां से हटने को कहा, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया. वीडियो में उन्हें कहते हुए सुना जा सकता है कि वो अपना रास्ता नहीं बदलेंगे. वहां नारे लगाए गए, जिसमें कहा गया कि जो कोई भी भारत में रहना चाहता है उसे 'वंदे मातरम्' बोलना ही होगा.
VIDEO: कासगंज हिंसा का नया वीडियो
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गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) के मौके पर विश्व हिन्दू परिषद (वीएचपी) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के छात्रों ने निकाली थी. इस तिरंगा-यात्रा को मुस्लिम बहुल इलाके से निकालने के दौरान भड़की हिंसा में चंदन की मौत हो गई थी.
एक स्थानीय कॉलेज से कॉमर्स की पढ़ाई करने वाला चंदन गुप्ता एक स्थानीय गैर लाभकारी संस्था से जुड़ा था. उसके माता-पिता का कहना है कि वह कंबल बांटने और रक्दान जैसी मुहिमों में हिस्सा लिया करता था.
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NDTV को मिले एक मोबाइल वीडियो में दिख रहा है कि सैकड़ों की संख्या में युवक हाथों में भगवा झंडे लिए एक गली में खड़े हैं. रिपोर्टों के अनुसार उन्हें स्थानीय लोगों ने वहां से हटने को कहा, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया. वीडियो में उन्हें कहते हुए सुना जा सकता है कि वो अपना रास्ता नहीं बदलेंगे. वहां नारे लगाए गए, जिसमें कहा गया कि जो कोई भी भारत में रहना चाहता है उसे 'वंदे मातरम्' बोलना ही होगा.
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