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This Article is From Sep 09, 2017

मथुरा में पांच सौ शिक्षामित्रों ने दी गिरफ्तारी, बीएसए दफ्तर में डाला ताला

यूपी में शिक्षामित्रों ने अपने दूसरे चरण के अभियान में ‘जेल भरो’ आंदोलन किया, बेसिक शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में ताला डालकर काम ठप कर दिया

मथुरा में पांच सौ शिक्षामित्रों ने दी गिरफ्तारी, बीएसए दफ्तर में डाला ताला
मथुरा में 500 शिक्षामित्रों ने आंदोलन करने के बाद गिरफ्तारी दी.
  • आगरा-दिल्ली राजमार्ग को जाने वाली लिंक रोड जाम की
  • प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर की नारेबाजी
  • शिक्षामित्रों को निजी मुचलके भरवाने के बाद रिहा किया गया
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मथुरा: उत्तर प्रदेश सरकार के शिक्षामित्रों ने शुक्रवार को अपने दूसरे चरण के अभियान में ‘जेल भरो’ आंदोलन के तहत पांच सौ की तादाद में गिरफ्तारियां दीं, जिनमें पुरुष एवं महिला शिक्षामित्र शामिल थे.

सरकारी सूत्रों ने बताया कि धौलीप्याऊ स्थित बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) के कार्यालय पर बड़ी तादाद में जमा हुए शिक्षामित्रों ने पहले तो कार्यालय में ताला डालकर सब काम ठप कर दिया. उसके पश्चात आगरा-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग को जाने वाले लिंक रोड को पूरी तरह से जाम कर दिया.

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उन्होंने बताया कि भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति से भी न डरे शिक्षामित्रों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे. शिक्षामित्रों द्वारा शुक्रवार को गिरफ्तारी देने का अल्टीमेटम दिए जाने के चलते प्रशासन ने भी उन्हें ले जाने के लिए कई सरकारी बसों की व्यवस्था कर रखी थी.

सिटी मजिस्ट्रेट डॉ बसंत लाल अग्रवाल ने बताया, ‘गिरफ्तार किए गए सभी शिक्षामित्रों को सिविल लाइंस ले जाया गया. जहां सभी से निजी मुचलके भरवाने के पश्चात रिहा कर दिया गया.’ उन्होंने बताया, ‘सभी शिक्षामित्रों के खिलाफ शांतिभंग करने के अंदेशे के तहत कार्रवाई की गई है.’

VIDEO : बेमियाद आंदोलन

आदर्श शिक्षामित्र (सहायक अध्यापक) वेलफेयर एवं संघर्ष समिति के संयोजक खेमसिंह ने बताया, ‘जब तक सरकार उन लोगों के संबंध में कोई सकारात्मक उपाय नहीं लागू करती, तब तक वे संघर्ष जारी रखेंगे.’ उन्होंने कहा, ‘पिछली बार शिक्षामित्रों ने राज्य सरकार द्वारा कोई सर्वमान्य हल निकाल लेने का वादा करने पर ही अपना आंदोलन स्थगित किया था. लेकिन सरकार ने वादे के अनुसार कोई सम्मानजनक निर्णय करने के बजाय शिक्षामित्रों को 10 हजार रुपए माह मानदेय देने का फरमान सुना दिया, जो हमें कतई मान्य नहीं है.’
(इनपुट भाषा से)

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