- गोरखपुर के कुसम्ही जंगल में एक इंजीनियर पति ने पत्नी की प्रताड़ना से व्यथित होकर आत्महत्या की है
- मृतक प्रद्युम्न कुमार यादव ने आत्महत्या से पहले एक भावुक वीडियो संदेश सोशल मीडिया पर साझा किया था
- प्रद्युम्न की शादी 2017 में हुई थी और दहेज उत्पीड़न के आरोपों पर परिवारिक न्यायालय में मुकदमा चल रहा था
Engineer Suicide Gorakhpur UP: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में पत्नी की प्रताड़ना से व्यथित एक इंजीनियर पति ने कुसम्ही जंगल में पेड़ से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली. आत्महत्या से पहले युवक ने एक अत्यंत भावुक वीडियो संदेश रिकॉर्ड किया, जिसमें उसने कहा, "मेरे मरने का समय नहीं था, परंतु पत्नी के अत्याचारों के कारण अब जीने की इच्छा शेष नहीं रह गई है. कोई यह न कहे कि मैं असमय मर गया."
माता-पिता से मांगी माफी, भाई को सौंपी जिम्मेदारी
वीडियो में मृतक ने अपने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि हर माता-पिता की उम्मीद होती है कि उनका बेटा बुढ़ापे का सहारा बनेगा, लेकिन पत्नी द्वारा दिए गए दुखों के आगे वह माता-पिता का दुख भूल गया. उसने अपने बड़े भाई से करबद्ध प्रार्थना की कि वह माता-पिता को कभी यह एहसास न होने दें कि उनका एक बेटा अब इस दुनिया में नहीं है.
सोशल मीडिया पर वीडियो देख पहुंची पुलिस
घटना गोरखपुर के एम्स थानाक्षेत्र अंतर्गत कुसम्ही जंगल की है. गुरुवार 14 मई 2026 की देर शाम बुढ़िया माता मंदिर के पास कुशीनगर निवासी प्रद्युम्न कुमार यादव (33) का शव पेड़ से लटकता मिला. प्रद्युम्न मध्य प्रदेश की एक निजी कंपनी में इंजीनियर के पद पर कार्यरत था. उसने खुदकुशी से पहले 1.46 मिनट का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया था, जिसे देख परिचितों ने पुलिस को सूचना दी. मौके पर पहुंची फॉरेंसिक टीम और पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.
वैवाहिक विवाद और अदालती कार्यवाही से था तनाव
जानकारी के अनुसार, प्रद्युम्न की शादी 2 जून 2017 को कुशीनगर के सोहाग गांव की अर्पिता यादव से हुई थी. शादी के कुछ समय बाद ही दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया, जो वर्ष 2020 में न्यायालय तक पहुंच गया. उनकी पांच साल की एक बेटी भी है जो मां के साथ रहती है. अर्पिता ने प्रद्युम्न पर दहेज उत्पीड़न और भरण-पोषण का मुकदमा दर्ज कराया था, जो पडरौना के पारिवारिक न्यायालय में विचाराधीन है.
तारीख पर फैसला न होने से गहराया अवसाद
इस मामले में 12 मई को न्यायालय में सुनवाई थी, लेकिन कोई फैसला नहीं हो सका. अगली तारीख 21 जुलाई तय की गई थी. प्रद्युम्न को अपनी नौकरी से बार-बार छुट्टी लेकर आने में कठिनाई हो रही थी, जिसके कारण वह गहरे अवसाद (डिप्रेशन) में था. इसी मानसिक दबाव और पत्नी के कथित उत्पीड़न से तंग आकर उसने कुसम्ही जंगल में गमछे के सहारे फंदा लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली.
पुलिस की कार्रवाई
सीओ गीडा योगेंद्र सिंह ने बताया कि वीडियो के माध्यम से सूचना मिलते ही पुलिस टीम सक्रिय हो गई थी. घटनास्थल से साक्ष्य संकलित कर लिए गए हैं. परिजनों को सूचित कर दिया गया है और शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है. पुलिस का कहना है कि साक्ष्यों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.
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