विश्व युवा कौशल दिवस पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने राज्य के युवाओं के नाम 'योगी की पाती' लिखी है. जिसमें उन्होंने प्रदेश को कौशल में तेजी से आगे बढ़ाने के लिए युवाओं के नाम संदेश दिया है. सीएम योगी ने लिखा 'कौशल से ही उत्तर प्रदेश विकसित होगा और वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का मार्ग बनेगा. कर्म और कौशल हमारी सनातन संस्कृति की पहचान है. जिसे हमें आगे बढ़ाना है. उन्होंने प्रदेश के सभी युवाओं से कम से कम एक कौशल जरूर सीखने के लिए कहा है, क्योंकि यही कौशल उन्हें नौकरी पाने के साथ-साथ रोजगार देने वाला भी बनाएगा.'
सीएम योगी ने रामसेतु और हेमा का किया जिक्र
सीएम योगी ने अपनी पाती में रामसेतु का जिक्र करते हुए लिखा 'रामसेतु निर्माण कार्यकुशलता और नवाचार का श्रेष्ठ उदाहरण है. उन्होंने सोनभद्र की हेमा की सफलता का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने लिखा 20 हजार रुपए से शुरू हुआ हेमा का फर्नीचर व्यवसाय आज लाखों के टर्नओवर तक पहुंचा है. सरकार ने 9 सालों में उत्तर प्रदेश को कौशल प्रदेश के रूप में स्थापित किया है, विश्व युवा कौशल दिवस पर कौशल सेतु और कौशल सारथी का शुभारंभ, युवाओं को इससे नई दिशा मिलेगी. यूपी आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स और एआई हब के रूप में तेजी से उत्तर प्रदेश अपनी पहचान बना रहा है.'
मेरे सम्मानित प्रदेशवासियों,
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) July 20, 2026
देश की सर्वाधिक युवा शक्ति वाला अपना प्रदेश कौशल से जुड़कर न केवल विकसित उत्तर प्रदेश, अपितु वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के निर्माण का पथ भी प्रशस्त करेगा।
पारंपरिक कौशल एवं आधुनिक तकनीक के मध्य समन्वय स्थापित करते हुए सरकार ने विगत 9 वर्षों में… pic.twitter.com/zgOgWx1KJ0
'एक जनपद, एक उत्पाद योजना'
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पाती में एक जनपद, एक उत्पाद योजना का भी जिक्र किया, उन्होंने लिखा कि इस योजना से भी पारंपरिक हुनर को वैश्विक पहचान मिली है. इसी तरह से टेक युवा-समर्थ युवा पहल से नई पीढ़ी को भविष्य की तकनीकों से जोड़ा जा रहा है. वहीं सीएम युवा उद्यमी विकास अभियान से कौशल को स्वरोजगार और उद्यमिता की नई शक्ति मिल रही है. प्रोजेक्ट प्रवीण के तहत विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ दिया जा रहा फ्री में व्यावसायिक कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है. जिसमें स्किल फॉर जीरो पॉवर्टी पहल से गरीब परिवारों के एक सदस्य को कौशल प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है.
सीएम योगी ने प्रदेश के सभी युवाओं से आह्वान किया है कि पढ़ाई के साथ कम से कम एक कौशल अवश्य सीखना चाहिए. क्योंकि यही कौशल आपको रोजगार देने वाला बनाएगा. प्रदेश के MSME सेक्टर में तेजी से काम किया जा रहा है, जहां लगभग 4 करोड़ युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित हुए है. योजनाओं से लाभान्वित युवा दूसरों को भी करें जागरूक, अधिक से अधिक युवा सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं. कौशल ही आत्मनिर्भरता का आधार, स्वाभिमान का संबल और विकसित उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी पूंजी है.
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