यूपी के इटावा शहर से सटे अमृतपुर गांव में टॉयलेट भगवा रंग से रंगे गए हैं.
- स्वच्छ भारत मिशन में अमृतपुर गांव में 350 टॉयलेट बन रहे
- गांव में भगवा रंग में रंगे जा रहे हैं टॉयलेट
- अखिलेश ने कहा- भगवा बाथरूम में कोई जाएगा तो किसका अपमान?
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लखनऊ:
यूपी में स्वच्छ भारत मिशन के तहत बन रहे टॉयलेट भगवा रंगे जा रहे हैं. इटावा के अमृतपुर गांव में 350 शौचालय बनने हैं. सब गेरुआ रंगे जा रहे हैं. अखिलेश यादव ने कहा है कि टॉयलेट को भगवा रंगना धर्म का अपमान है. इसके पहले सीएम ऑफिस…थाने, सरकारी स्कूल और कई नगर निगमों की इमारतें भगवा रंगी जा चुकी हैं.
स्वच्छ भारत मिशन में इटावा शहर से सटे हुए गांव अमृतपुर में 350 टॉयलेट बनने हैं. सारे टॉयलेट को भगवा पैंट करने का फ़ैसला किया गया है.100 टॉयलेट बनकर तैयार हो गए हैं, जिन पर भगवा पुताई हो चुकी है. गांव के प्रधान वेदपाल ने एनडीटीवी से कहा कि,”भगवा कलर इसलिए चूज़ किया कि जब सरकार केन्द्र में उनकी है, राज्य में उनकी है तो गांव पंचायत में भी यह कलर आ जाए तो यह अच्छी बात है.”
यह भी पढ़ें : यूपी हज समिति कार्यालय की चाहरदीवारी पर फिर से की गई पुताई, भगवा रंग को लेकर हुआ था विवाद
प्रधान जी बताते हैं कि आज सबके अंदर हिंदुत्व जाग गया है. इसलिए भी शौचालय को भगवा कर दिया गया है. वे कहते हैं कि ”लोगों के दिमाग में हिंदुत्व की बात…अब यह सारी चीज़ें विस्तार से नहीं जाना चाहता हूं. अगर कोई विरोध करता है तो मैं खुले में उससे डिबेट करने के लिए तैयार हूं.”
इटावा में जिला पंचायत विभाग के अफसर भी भगवा टॉयलेट देखकर खुश हैं. जिला पंचायत राज अधिकारी रामबरन सिंह ने एनडीटीवी से कहा कि ”इस रंग में लोगों की रुचि बढ़ रही है, यह बहुत अच्छी बात है. इससे स्वच्छता की प्रेरणा मिलेगी.और यह शौचालय औरों से अलग भी दिखेंगे.”
यूपी में भगवा रंगने की शुरुआत लखनऊ में सीएम ऑफिस से हुई. फिर अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहसिन रज़ा ने अपना दफ़्तर भगवा पैंट करवा दिया…फिर बहुत सारे थाने…नगर निगम और स्कूलों की इमारतें भगवा कर दी गईं. हज कमेटी के दफ़्तर को भगवा करने पर काफ़ी विवाद हुआ….और अब पेश किए गए हैं भगवा टॉयलेट.
VIDEO : योगी राज में भगवा शौचालय
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस पर एतराज़ किया है. उन्होंने कहा कि ”भगवा वाले बाथरूम में कोई जाएगा तो सोचो किसका अपमान होगा? यह अपमान करने वाली सरकार है. यह धर्म का अपमान करने का काम कर रहे हैं. दीवार का रंग बदलने से विकास नहीं होगा. विकास करो तो जनता के चेहरे का रंग बदल जाएगा.”
स्वच्छ भारत मिशन में इटावा शहर से सटे हुए गांव अमृतपुर में 350 टॉयलेट बनने हैं. सारे टॉयलेट को भगवा पैंट करने का फ़ैसला किया गया है.100 टॉयलेट बनकर तैयार हो गए हैं, जिन पर भगवा पुताई हो चुकी है. गांव के प्रधान वेदपाल ने एनडीटीवी से कहा कि,”भगवा कलर इसलिए चूज़ किया कि जब सरकार केन्द्र में उनकी है, राज्य में उनकी है तो गांव पंचायत में भी यह कलर आ जाए तो यह अच्छी बात है.”
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प्रधान जी बताते हैं कि आज सबके अंदर हिंदुत्व जाग गया है. इसलिए भी शौचालय को भगवा कर दिया गया है. वे कहते हैं कि ”लोगों के दिमाग में हिंदुत्व की बात…अब यह सारी चीज़ें विस्तार से नहीं जाना चाहता हूं. अगर कोई विरोध करता है तो मैं खुले में उससे डिबेट करने के लिए तैयार हूं.”
इटावा में जिला पंचायत विभाग के अफसर भी भगवा टॉयलेट देखकर खुश हैं. जिला पंचायत राज अधिकारी रामबरन सिंह ने एनडीटीवी से कहा कि ”इस रंग में लोगों की रुचि बढ़ रही है, यह बहुत अच्छी बात है. इससे स्वच्छता की प्रेरणा मिलेगी.और यह शौचालय औरों से अलग भी दिखेंगे.”
यूपी में भगवा रंगने की शुरुआत लखनऊ में सीएम ऑफिस से हुई. फिर अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहसिन रज़ा ने अपना दफ़्तर भगवा पैंट करवा दिया…फिर बहुत सारे थाने…नगर निगम और स्कूलों की इमारतें भगवा कर दी गईं. हज कमेटी के दफ़्तर को भगवा करने पर काफ़ी विवाद हुआ….और अब पेश किए गए हैं भगवा टॉयलेट.
VIDEO : योगी राज में भगवा शौचालय
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस पर एतराज़ किया है. उन्होंने कहा कि ”भगवा वाले बाथरूम में कोई जाएगा तो सोचो किसका अपमान होगा? यह अपमान करने वाली सरकार है. यह धर्म का अपमान करने का काम कर रहे हैं. दीवार का रंग बदलने से विकास नहीं होगा. विकास करो तो जनता के चेहरे का रंग बदल जाएगा.”
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