सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव. (फाइल फोटो)
- सपा अध्यक्ष ने दिए पत्नी की सीट पर चुनाव लड़ने के संकेत
- कहा-कन्नौज लोहिया जी का है, मेरी इच्छा होगी कि मैं भी वहीं से लड़ूं
- अखिलेश यादव की पत्नी डिम्पल यादव इस वक्त कन्नौज से सांसद हैं
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लखनऊ:
समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अगला लोकसभा चुनाव अपनी पत्नी की सीट कन्नौज से लड़ने के संकेत दिए. अखिलेश ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान अगले लोकसभा चुनाव लड़ने के संबंध में एक सवाल पर कहा, 'नेताजी (सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव) तो मैनपुरी से लड़ेंगे. हमारी पार्टी तय करेगी कि किसको कहां से लड़ना है. कन्नौज लोहिया जी का है, मेरी इच्छा होगी कि मैं भी वहीं से लड़ूं.'
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अखिलेश की पत्नी डिम्पल यादव इस वक्त कन्नौज से सांसद हैं. पूर्व मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी पिछले साल सितंबर में छत्तीसगढ़ के रायपुर में दिए गए बयान के लिहाज से खासी महत्वपूर्ण मानी जा रही है. मालूम हो कि अखिलेश ने पिछले साल 24 सितंबर को रायपुर में राजनीतिक दलों में परिवारवाद के बारे में पूछे जाने पर कहा था, 'अगर हमारा परिवारवाद है तो हम तय करते हैं कि अगले चुनाव में हमारी पत्नी चुनाव नहीं लड़ेंगी. भाजपा का भी परिवारवाद होगा. उसके परिवारवाद की भी बात करनी चाहिए.'
VIDEO : अखिलेश यादव सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने गए
डिम्पल ने साल 2009 में फिरोजाबाद लोकसभा उपचुनाव में पहली बार अपनी किस्मत आजमाई थी, लेकिन उन्हें पराजय का सामना करना पड़ा था. साल 2012 में अखिलेश ने प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने के बाद कन्नौज से सांसद पद से इस्तीफा दिया था. उसके बाद हुए उपचुनाव में डिम्पल पहली बार निर्विरोध निर्वाचित हुई थीं. साल 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में डिम्पल एक बार फिर इस सीट से जीती थीं. डिम्पल ने पिछले विधानसभा चुनाव में पार्टी के लिए जमकर प्रचार किया था.
(इनपुट : भाषा)
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अखिलेश की पत्नी डिम्पल यादव इस वक्त कन्नौज से सांसद हैं. पूर्व मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी पिछले साल सितंबर में छत्तीसगढ़ के रायपुर में दिए गए बयान के लिहाज से खासी महत्वपूर्ण मानी जा रही है. मालूम हो कि अखिलेश ने पिछले साल 24 सितंबर को रायपुर में राजनीतिक दलों में परिवारवाद के बारे में पूछे जाने पर कहा था, 'अगर हमारा परिवारवाद है तो हम तय करते हैं कि अगले चुनाव में हमारी पत्नी चुनाव नहीं लड़ेंगी. भाजपा का भी परिवारवाद होगा. उसके परिवारवाद की भी बात करनी चाहिए.'
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डिम्पल ने साल 2009 में फिरोजाबाद लोकसभा उपचुनाव में पहली बार अपनी किस्मत आजमाई थी, लेकिन उन्हें पराजय का सामना करना पड़ा था. साल 2012 में अखिलेश ने प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने के बाद कन्नौज से सांसद पद से इस्तीफा दिया था. उसके बाद हुए उपचुनाव में डिम्पल पहली बार निर्विरोध निर्वाचित हुई थीं. साल 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में डिम्पल एक बार फिर इस सीट से जीती थीं. डिम्पल ने पिछले विधानसभा चुनाव में पार्टी के लिए जमकर प्रचार किया था.
(इनपुट : भाषा)
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