- देश में सभी प्रमुख आपातकालीन सेवाएं राष्ट्रीय इमरजेंसी नंबर 112 के तहत एकीकृत की गई हैं.
- 112 नंबर पुलिस, फायर ब्रिगेड, स्वास्थ्य और महिला सुरक्षा जैसी सेवाओं के लिए कॉल किया जा सकता है.
- पुलिस सहायता के लिए 100, आग लगने पर 101 और गंभीर मेडिकल इमरजेंसी के लिए 108 नंबर डायल करें.
Emergency Helpline Numbers List: जीवन में किसी भी अप्रिय घटना, दुर्घटना या आपातकाल के समय हर सेकंड की कीमत होती है. ऐसे में अगर आपको सही समय पर सही हेल्पलाइन नंबर की जानकारी हो, तो समय रहते मदद पहुंचाई जा सकती है. इसी के मद्देनजर केंद्र सरकार ने अमेरिका की तर्ज पर देश की सभी प्रमुख आपातकालीन सेवाओं को एक राष्ट्रीय इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम (ERSS) नंबर 112 के तहत जोड़ दिया है. हालांकि, इसके अलावा नागरिकों की सुविधा के लिए पहले से चले आ रहे स्पेशल नंबर्स भी पूरी तरह काम कर रहे हैं. आइए जानते हैं अलग-अलग आपात स्थितियों में कौन से हेल्पलाइन नंबर का इस्तेमाल कर मदद लेनी चाहिए.
112-राष्ट्रीय इमरजेंसी नंबर
- कब डायल करें: यह भारत का एकमात्र ऑल इन वन राष्ट्रीय आपातकालीन नंबर है. पुलिस (100), फायर (101), स्वास्थ्य (102/108) और महिला सुरक्षा जैसी सभी आपात सेवाएं इसके अंतर्गत जुड़े हैं.
- मदद पाने का तरीका: किसी भी मोबाइल या लैंडलाइन से सीधे 112 डायल या एसएमएस कर सकते हैं. स्मार्टफोन में पावर बटन को लगातार 3 बार दबाकर या सामान्य फोन में 5 या 9 नंबर बटन दबाकर सीधे इमरजेंसी अलर्ट भेजा जा सकता है. इसके अलावा 112 India App के जरिए लाइव लोकेशन भी शेयर की जा सकती है.

100-पुलिस सहायता
- कब डायल करें: चोरी, डकैती, लड़ाई-झगड़ा, सड़क दुर्घटना या सुरक्षा से जुड़े किसी भी खतरे के समय डायल 100 का इस्तेमाल करना चाहिए.
- मदद पाने का तरीका: कॉल करते ही शिकायत सीधे पीसीआर (PCR) में दर्ज होती है और नजदीकी पुलिस वाहन को शिकायतकर्ता की लोकेशन पर भेजा जाता है.
101-फायर ब्रिगेड
- कब डायल करें: घर, दुकान, वाहन या शॉर्ट सर्किट के कारण कहीं भी आग लगने की दुर्घटना होने पर 101 पर कॉल कर मदद लेनी चाहिए.
- मदद पाने का तरीका: कॉल पर आग लगने का सटीक पता और पास का लैंडमार्क स्पष्ट बताएं, ताकि दमकल गाड़ियां तुरंत रवाना हो सकें.
108-आपातकालीन चिकित्सा सेवा
- कब डायल करें: गंभीर सड़क दुर्घटना, दिल का दौरा, सांस लेने में गंभीर तकलीफ या जीवन के लिए जोखिम भरी किसी भी मेडिकल इमरजेंसी में यह सेवा पूरी तरह फ्री है.
- मदद पाने का तरीका: इस नंबर पर कॉल करने पर वेंटिलेटर और ऑक्सीजन से लैस एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस भेजी जाती है.
102 राष्ट्रीय एम्बुलेंस सेवा
- कब डायल करें: मुख्य रूप से गर्भवती महिलाओं के प्रसव के वक्त, नवजात शिशुओं की चिकित्सा और सामान्य मरीजों को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल ले जाने के लिए 102 डायल कर मदद लें सकते हैं.
181 या 1091-महिला हेल्पलाइन
- कब डायल करें: घरेलू हिंसा, मानसिक या शारीरिक उत्पीड़न, छेड़खानी या किसी भी संकट में फंसी महिलाओं की त्वरित सहायता के लिए 181 या 1091 महिला हेल्पलाइन नंबर है. किसी भी संकट के वक्त महिलाएं इन नंबरों पर डायल कर मदद ले सकती हैं.
1098-चाइल्ड हेल्पलाइन
- कब डायल करें: बाल श्रम, बाल विवाह, बाल शोषण या किसी अनाथ या लावारिस बच्चे की सुरक्षा और रेस्क्यू के लिए 1098 का सहारा लिया जा सकता है.
14567-एल्डर लाइन
कब डायल करें: बुजुर्गों के साथ दुर्व्यवहार, पेंशन से जुड़ी समस्याओं, कानूनी सहायता या भावनात्मक सहयोग के लिए बुजुर्ग 14567 नंबर का सहारा ले सकते हैं.
1930-राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन
कब डायल करें: ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड, यूपीआई धोखाधड़ी, क्रेडिट या डेबिट कार्ड फ्रॉड या सोशल मीडिया हैकिंग के समय इसकी मदद ली जा सकती है. वित्तीय धोखाधड़ी होने के 1 घंटे के भीतर इस नंबर पर कॉल करने से पैसे वापस मिलने की संभावना सबसे अधिक होती है.
139-रेलवे सुरक्षा और सहायता
- कब डायल करें: ट्रेन यात्रा के दौरान सुरक्षा, चिकित्सा सहायता, कोच की साफ सफाई या किसी भी यात्री शिकायत के हल के लिए 139 डायल कर मदद हासिल की जा सकती है.
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14416 या 1926- मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन
कब डायल करें: अत्यधिक तनाव, डिप्रेशन, एंग्जायटी या मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी किसी भी समस्या में मुफ्त मनोवैज्ञानिक परामर्श के लिए 14416 या 1926 किए गए हैं, जहां से फ्री में सहायता ली जा सकती है.
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