Terminate Pregnancy
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नाबालिग लड़की के गर्भपात का मामला! 16 हजार रुपये लेकर नर्सिंग अफसर ने करवा दिया अबॉर्शन
छतरपुर जिले के बड़ामलहरा सिविल अस्पताल में नाबालिग और अविवाहित लड़की के गर्भपात का मामला सामने आया है. जांच में आरोप है कि एक नर्सिंग अफसर ने नियमों को नजरअंदाज कर अवैध तरीके से अबॉर्शन कराया और पीड़िता से 16 हजार रुपये भी लिए.
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सुप्रीम कोर्ट ने लड़की को 30 हफ्ते के गर्भ को हटाने की दी अनुमति, जानें क्या है पूरा मामला
जस्टिस बीवी नागरत्ना की पीठ ने बॉम्बे हाई कोर्ट के उस आदेश को पलट दिया है, जिसमें गर्भ जारी रखने और जन्म के बाद बच्चे को गोद देने का विकल्प सुझाया गया था. साथ ही कहा कि यदि कोई महिला गर्भ जारी नहीं रखना चाहती है तो अदालत उसे ऐसा करने के लिए बाध्य नहीं कर सकती है.
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29 हफ्ते के अनचाहे गर्भ को हटाने की परमिशन, इलाहाबाद हाईकोर्ट के इस फैसले के बारे में जानिए
अदालत ने कहा कि भविष्य में गर्भावस्था की मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (Allahabad HC On Medical Termination of Pregnancy) से संबंधित ऐसे सभी मामलों में पीड़िता या उसके परिवार के सदस्यों का नाम का जिक्र नहीं किया जाना चाहिए.
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 13 साल की बच्ची को गर्भ खत्म करने की इजाजत नहीं दी
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक 13 वर्षीय बच्ची की याचिका पर सुनवाई करते हुए 32 हफ्ते के उसके गर्भ को समाप्त करने की अनुमति नहीं दी. इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देश पर गठित मेडिकल बोर्ड ने अपनी रिपोर्ट कोर्ट में पेश की और कहा कि बच्ची को प्रेग्नेंसी अवधि पूरा करने की तुलना में प्रेग्नेंसी को खत्म करना अधिक जोखिम भरा है. हाईकोर्ट ने कहा कि 13 वर्षीय बच्ची गर्भपात और गर्भावस्था जारी रखने के बीच चयन करने की स्थिति में नहीं हो सकती.
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मेडिकल बोर्ड बनाने को कहा, डॉक्टरों ने रेप पीड़िता का गर्भपात करा दिया; हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी
डॉक्टरों की एक टीम ने एक बलात्कार पीड़िता की गर्भावस्था को चिकित्सकीय रूप से खत्म (गर्भपात) कर दिया. इस पर कलकत्ता हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई. हाईकोर्ट ने डॉक्टरों की टीम से स्पष्टीकरण मांगा है कि केवल फायदे और नुकसान का पता लगाने के लिए एक मेडिकल बोर्ड गठित करने का आदेश दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद ऐसा क्यों किया गया?
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"इसे मिसाल के तौर पर न देखा जाए...": दिल्ली HC ने महिला को दी प्रेग्नेंसी खत्म करने की परमिशन
जस्टिस प्रसाद ने कहा, "एम्स की मनोरोग मूल्यांकन रिपोर्ट (Delhi HC On Abortion Permission) से पता चलता है कि याचिकाकर्ता अपने पति की मौत की वजह से बहुत ही आघात में है. वह अपना मानसिक संतुलन खोकर खुद को नुकसान पहुंचा सकती है."
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"कौन-सी अदालत धड़कते दिल वाले भ्रूण को खत्म करना चाहेगी...?", अबॉर्शन ऑर्डर पर सुप्रीम कोर्ट
मंगलवार को गर्भ को गिरा देने की अनुमति देने वाले सुप्रीम कोर्ट को इस बात से नाराज़गी थी कि AIIMS की मेडिकल रिपोर्ट इतनी देर से क्यों दाखिल की गई, और कोर्ट ने यह भी जानना चाहा कि रिपोर्ट पहले क्यों पेश नहीं की गई थी.
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यौन उत्पीड़न की शिकार 13-वर्षीया नाबालिग को 24 सप्ताह का गर्भ समाप्त करने की कोर्ट ने दी अनुमति
न्यायाधीश ने उसकी याचिका को स्वीकार करते हुए दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण को लागू नीति के अनुरूप याचिकाकर्ता को मुआवजा देने के मुद्दे पर विचार करने के लिए भी कहा.
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कलकत्ता HC का फैसला, महिला को 35 हफ्ते का गर्भ गिराने की मिली अनुमति
अदालत ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा संचालित एसएसकेएम अस्पताल के नौ सदस्यीय मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ है कि मौजूदा गर्भावस्था से जन्मे बच्चे के जीवित रहने या सामान्य जीवन जीने की संभावना बहुत कम है.
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अब प्रेग्नेंसी के 24 हफ्ते तक हो सकेगा गर्भपात, केंद्र सरकार का नया नियम
नये नियम मार्च में संसद में पारित गर्भ का चिकित्सकीय समापन (संशोधन) विधेयक, 2021 के तहत अधिसूचित किए गए हैं. पुराने नियमों के तहत, 12 सप्ताह (तीन महीने) तक के भ्रूण का गर्भपात कराने के लिए एक डॉक्टर की सलाह की जरुरत होती थी और 12 से 20 सप्ताह (तीन से पांच महीने) के गर्भ के मेडिकल समापन के लिए दो डॉक्टरों की सलाह आवश्यक होती थी.
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छतरपुर जिले के बड़ामलहरा सिविल अस्पताल में नाबालिग और अविवाहित लड़की के गर्भपात का मामला सामने आया है. जांच में आरोप है कि एक नर्सिंग अफसर ने नियमों को नजरअंदाज कर अवैध तरीके से अबॉर्शन कराया और पीड़िता से 16 हजार रुपये भी लिए.
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जस्टिस बीवी नागरत्ना की पीठ ने बॉम्बे हाई कोर्ट के उस आदेश को पलट दिया है, जिसमें गर्भ जारी रखने और जन्म के बाद बच्चे को गोद देने का विकल्प सुझाया गया था. साथ ही कहा कि यदि कोई महिला गर्भ जारी नहीं रखना चाहती है तो अदालत उसे ऐसा करने के लिए बाध्य नहीं कर सकती है.
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अदालत ने कहा कि भविष्य में गर्भावस्था की मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (Allahabad HC On Medical Termination of Pregnancy) से संबंधित ऐसे सभी मामलों में पीड़िता या उसके परिवार के सदस्यों का नाम का जिक्र नहीं किया जाना चाहिए.
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 13 साल की बच्ची को गर्भ खत्म करने की इजाजत नहीं दी
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक 13 वर्षीय बच्ची की याचिका पर सुनवाई करते हुए 32 हफ्ते के उसके गर्भ को समाप्त करने की अनुमति नहीं दी. इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देश पर गठित मेडिकल बोर्ड ने अपनी रिपोर्ट कोर्ट में पेश की और कहा कि बच्ची को प्रेग्नेंसी अवधि पूरा करने की तुलना में प्रेग्नेंसी को खत्म करना अधिक जोखिम भरा है. हाईकोर्ट ने कहा कि 13 वर्षीय बच्ची गर्भपात और गर्भावस्था जारी रखने के बीच चयन करने की स्थिति में नहीं हो सकती.
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