Tarun Sagar Dies
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जानें क्यों जैन मुनि तरुण सागर की देह को डोली पर बिठाकर निकाली गई अंतिम यात्रा
- Tuesday February 12, 2019
पिछले दो दिनों से सोशल मीडिया पर तमाम तरह की चर्चाएं चल रही हैं. खासकर जैन मुनि की देह को लकड़ी की डोली पर बिठाकर अंतिम यात्रा निकाले जाने पर विमर्श चल रहा है, लेकिन यह पहली बार नहीं हुआ है.
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5 बड़ी खबर: बीजेपी से अलग होने की तैयारी में फिर नीतीश कुमार, दिल्ली वालों को 10 सितंबर से केजरीवाल सरकार का तोहफा
- Saturday September 1, 2018
- NDTVKhabar News Desk
विख्यात जैन मुनि तरुण सागर का आज निधन हो गया है. वह बीते कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे. वहीं, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को कहा कि ड्राइविंग लाइसेंस, विवाह प्रमाणपत्र और राशन कार्ड समेत विभिन्न सरकारी सेवाएं राजधानीवासियों को 10 सितम्बर से उनके घरों पर ही मिलने लगेगी. वहीं, बिहार से खबर है कि सीट को लेकर हो रही खींचतान की वजह से अब जेडीयू आगामी लोकसभा चुनाव में अकेले ही चुनाव लड़ने का मन बना रही है. इधर, दिल्ली-एनसीआर में आज सुबह से ही झमाझम बारिश देखने को मिली. और शोभा डे की उनकी एक ट्वीट की वजह से सोशल मीडिया पर आलोचना हो रही है.
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Jain Muni Tarun Sagar: देश के कई मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखने वाले जैन मुनि तरुण सागर से जुड़ी 8 बातें
- Saturday September 1, 2018
- NDTVKhabar News Desk
बीते कुछ दिनों से बीमार चल रहे जैन मुनि तरुण सागर (Jain Muni Tarun Sagar) का आज 51 साल की उम्र में निधन हो गया. दरअसल, जैन मुनि तुरुण सागर पिछले कुछ दिनों से पीलिया से पीड़ित थे, जिसकी वजह से उनका इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा था और उन्होंने दिल्ली के शाहदरा के कृष्णानगर में शनिवार सुबह 3:18 बजे अंतिम सांस ली. दरअसल, मुनि तरुण सागर एक दिगंबर भिक्षु थे. तरुण सागर ने 'कड़वे प्रवचन' के नाम से एक बुक सीरीज स्टार्ट की थी, जिसके लिए वो काफी चर्चित रहे. क्योंकि वह अपने प्रवचन में अंधविश्वासों, मान्यताओं और गलत अभ्यासों की आलोचना किया करते थे.
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जैन मुनि तरुण सागर का 51 साल की उम्र में निधन, 3 बजे होगा अंतिम संस्कार
- Saturday September 1, 2018
- NDTVKhabar News Desk
विख्यात जैन मुनि तरुण सागर का निधन हो गया है. वे 51 साल के थे और पिछले कुछ दिनों से पीलिया से पीड़ित थे. जैन मुनि का एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था.
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जानें क्यों जैन मुनि तरुण सागर की देह को डोली पर बिठाकर निकाली गई अंतिम यात्रा
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पिछले दो दिनों से सोशल मीडिया पर तमाम तरह की चर्चाएं चल रही हैं. खासकर जैन मुनि की देह को लकड़ी की डोली पर बिठाकर अंतिम यात्रा निकाले जाने पर विमर्श चल रहा है, लेकिन यह पहली बार नहीं हुआ है.
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विख्यात जैन मुनि तरुण सागर का आज निधन हो गया है. वह बीते कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे. वहीं, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को कहा कि ड्राइविंग लाइसेंस, विवाह प्रमाणपत्र और राशन कार्ड समेत विभिन्न सरकारी सेवाएं राजधानीवासियों को 10 सितम्बर से उनके घरों पर ही मिलने लगेगी. वहीं, बिहार से खबर है कि सीट को लेकर हो रही खींचतान की वजह से अब जेडीयू आगामी लोकसभा चुनाव में अकेले ही चुनाव लड़ने का मन बना रही है. इधर, दिल्ली-एनसीआर में आज सुबह से ही झमाझम बारिश देखने को मिली. और शोभा डे की उनकी एक ट्वीट की वजह से सोशल मीडिया पर आलोचना हो रही है.
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बीते कुछ दिनों से बीमार चल रहे जैन मुनि तरुण सागर (Jain Muni Tarun Sagar) का आज 51 साल की उम्र में निधन हो गया. दरअसल, जैन मुनि तुरुण सागर पिछले कुछ दिनों से पीलिया से पीड़ित थे, जिसकी वजह से उनका इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा था और उन्होंने दिल्ली के शाहदरा के कृष्णानगर में शनिवार सुबह 3:18 बजे अंतिम सांस ली. दरअसल, मुनि तरुण सागर एक दिगंबर भिक्षु थे. तरुण सागर ने 'कड़वे प्रवचन' के नाम से एक बुक सीरीज स्टार्ट की थी, जिसके लिए वो काफी चर्चित रहे. क्योंकि वह अपने प्रवचन में अंधविश्वासों, मान्यताओं और गलत अभ्यासों की आलोचना किया करते थे.
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