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Supreme Court Ayodhya Hearing

'Supreme Court Ayodhya Hearing' - 40 News Result(s)
  • अयोध्या पर फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर सभी पुनर्विचार याचिकाएं खारिज

    अयोध्या पर फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर सभी पुनर्विचार याचिकाएं खारिज

    Ayodhya Case: अयोध्या (Ayodhya) के राम जन्मभूमि - बाबरी मस्जिद जमीन विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के फैसले के खिलाफ दाखिल की गईं सभी पुनर्विचार याचिकाएं गुरुवार को सुनवाई के बाद खारिज कर दी गईं. सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या जमीन विवाद मामले में नौ नवंबर को अपना फैसला सुनाया था. अदालत ने विवादित जमीन रामलला को यानी राम मंदिर बनाने के लिए देने का फैसला किया था. अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की विशेष पीठ के 9 नवम्बर के फैसले पर पुनर्विचार के लिए कुल 18 याचिकाएं दाखिल की गई थीं. इनमें 9 याचिकाएं पक्षकारों की ओर से और बाकी नौ अन्य याचिकाकर्ताओं की थीं.

  • Ayodhya Case : शिया वक्फ बोर्ड और हिंदू महासभा ने मस्जिद के लिए जमीन देने का विरोध किया, 18 याचिकाएं; कल सुनवाई

    Ayodhya Case : शिया वक्फ बोर्ड और हिंदू महासभा ने मस्जिद के लिए जमीन देने का विरोध किया, 18 याचिकाएं; कल सुनवाई

    अयोध्या मामले (Ayodhya Case) में दाखिल पुनर्विचार याचिकाओं (Review Petition) पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में गुरुवार को सुनवाई होगी. यह सुनवाई चेंबर में होगी. सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या जमीन विवाद मामले में नौ नवंबर को अपना फैसला सुनाया था. अदालत ने विवादित जमीन रामलला को यानी राम मंदिर बनाने के लिए देने का फैसला किया था. अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की विशेष पीठ के 9 नवम्बर के फैसले पर पुनर्विचार के लिए कुल 18 याचिकाएं दाखिल की गई हैं. इनमें 9 याचिकाएं पक्षकारों की ओर से हैं और बाकी नौ अन्य याचिकाकर्ता हैं.

  • अयोध्‍या मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले की समीक्षा आप कैसे करेंगे?

    अयोध्‍या मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले की समीक्षा आप कैसे करेंगे?

    सुप्रीम कोर्ट का फैसला कैसा है, इससे पहले कि आप जवाब दें, लोग ख़ुद ही बोल देते हैं कि चलो बवाल ख़त्म हुआ. लेकिन तब भी पहला सवाल तो रह ही जाता है कि फैसला कैसा था. यह वाकई तारीफ की बात है कि जनता ने संयम और परिपक्वता के साथ सामना किया. वो जनता यह भी जानना चाहेगी कि फैसला कैसा है. फैसले की नुक्ताचीनी से वह नहीं घबराने वाली. आम सहमति से आए इस फैसले को जब कानून की क्लास में पढ़ाया जाएगा तब शायद ही छात्रों के बीच आम सहमति बन पाएगी. ऐतिहासिक फैसला है इसलिए इसकी समीक्षा आज ही नहीं, लंबे समय तक होती रहेगी.

  • Ayodhya Case: सुप्रीम कोर्ट में पूरी हुई अयोध्या मामले की सुनवाई, अब फैसले का इंतजार

    Ayodhya Case: सुप्रीम कोर्ट में पूरी हुई अयोध्या मामले की सुनवाई, अब फैसले का इंतजार

    Ayodhya verdict today:  सुप्रीम कोर्ट ने राजनीतिक रूप से संवेदनशील अयोध्या में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले की सुनवाई पूरी कर ली, फैसला नवंबर महीने में सुनाया जाएगा. CJI रंजन गोगोई की अगुवाई वाली पांच जंजों की बेंच ने इस मामले में 40 दिन तक सुनवाई करने के बाद दलीलें पूरी कर लीं

  • Ayodhya Case: कैसा है अयोध्या का माहौल, 10 प्वाइंट्स में जानिए

    Ayodhya Case: कैसा है अयोध्या का माहौल, 10 प्वाइंट्स में जानिए

    सुप्रीम कोर्ट, अयोध्या मामले (Ayodhya Case Hearing) में बुधवार को आखिरी सुनवाई करेगा. मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान एक हिन्दू पक्ष ने दलील दी कि भारत विजय के बाद मुगल शासक बाबर द्वारा करीब 433 साल पहले अयोध्या में भगवान राम के जन्म स्थान पर मस्जिद का निर्माण कर ‘ऐतिहासिक भूल' की गयी थी और अब उसे सुधारने की आवश्यकता है. अयोध्या मामले अभी तक 39 दिन सुनवाई चली है. बता दें, सीजेआई रंजन गोगोई ने उम्मीद जताई थी कि 17 अक्टूबर तक इस मामले में सुनवाई पूरी कर ली जाएगी और 17 नवंबर को अयोध्या मसले पर फैसला सुना दिया जाएगा. 17 नवंबर को ही सीजेआई रंजन गोगोई रिटायर हो रहे हैं.

  • Ayodhya Case Updates: राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद जमीन विवाद में नवंबर में आएगा फैसला

    Ayodhya Case Updates: राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद जमीन विवाद में नवंबर में आएगा फैसला

    अयोध्या मामले (Ayodhya Case) में सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ आखिरी सुनवाई बुधवार को शाम चार बजे पूरी कर ली. सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने अयोध्या के राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद जमीन विवाद मामले की सुनवाई पूरी करने के पश्चात अपना फैसला सुरक्षित रख लिया.

  • Ayodhya Case: मुस्लिम पक्ष के वकील बोले- हमारी मांग है कि 5 दिसंबर 1992 में जैसा ढांचा था, वैसी ही हालत में मस्जिद सौंपी जाए

    Ayodhya Case: मुस्लिम पक्ष के वकील बोले- हमारी मांग है कि 5 दिसंबर 1992 में जैसा ढांचा था, वैसी ही हालत में मस्जिद सौंपी जाए

    धवन ने माना कि पुरातात्विक साक्ष्य को प्रमाणित किया जा सकता है. हालांकि, इससे पहले पुरातत्व को मुस्लिम पक्षकारों ने एक सामाजिक विज्ञान के रूप में माना था और उसे खारिज कर दिया था. धवन ने कहा कि ASI रिपोर्ट में कभी ये नहीं कहा गया कि मंदिर को तोडकर मस्जिद बनाई गई. इस जगह पर हमेशा मुस्लिमों का कब्जा रहा. हिंदुओं ने बहुत बाद में जमीन के टाइटल का दावा किया लेकिन उसे खारिज कर दिया गया. उन्होंने 1934 से प्रतिकूल कब्जे का दावा किया जिसके लिए कोई सबूत नहीं है.

  • Ayodhya Case : मुस्लिम पक्ष के वकील ने सुप्रीम कोर्ट में कहा- मस्जिद तो मीर बाकी ने बनवाई...

    Ayodhya Case : मुस्लिम पक्ष के वकील ने सुप्रीम कोर्ट में कहा- मस्जिद तो मीर बाकी ने बनवाई...

    अयोध्या मामले की सुनवाई कर रहे प्रधान न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा है कि पीठ शनिवार को सुनवाई नहीं करेगी. आज इस केस की लगातार 37वें दिन सुनवाई हुई. मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन ने दलील दी कि सुप्रीम कोर्ट अनुच्छेद 142 के तहत मिली अपरिहार्य शक्तियों के तहत दोनों ही पक्षों कि गतिविधियों को ध्यान में रखकर इस मामले का निपटारा करे. उन्होंने कहा कि इस मामले में मस्जिद पर जबरन कब्जा किया गया. लोगों को धर्म के नाम पर उकसाया गया, रथयात्रा निकाली गई, लंबित मामले में दबाव बनाया गया.  धवन ने कहा कि मस्जिद ध्वस्त की गई और उस समय मुख्यमंत्री रहे कल्याण सिंह ने एक दिन कि जेल अवमानना के चलते काटी थी. अदालत से गुजारिश है कि तमाम घटनाओं को ध्यान में रखे.

  • Ayodhya Case: रामलला विराजमान ने सुप्रीम कोर्ट में कहा- SC को फैसला लेने दें, हम मध्यस्थता में भाग नहीं लेंगे

    Ayodhya Case: रामलला विराजमान ने सुप्रीम कोर्ट में कहा- SC को फैसला लेने दें, हम मध्यस्थता में भाग नहीं लेंगे

    उन्होंने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज ने 1885 के फैसले को भी माना. हिन्दू पक्षकारों ने सीमित अधिकार माना था, उन्होंने अपने अधिकार बढ़ाने की कोशिश की और सीता रसोई पर दावा भी किया. जबकि हिन्दुओं  का अंदरूनी आंगन में कोई अधिकार नहीं था. इस बात को ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट ने भी माना था. जिरह के दौरान नाफड़े ने कहा कि हिंदुओं का वहां पर सीमित अधिकार था, और उस जगह पर मस्जिद मौजूद थी. अंदरूनी आंगन मस्जिद का हिस्सा था.

  • अयोध्या केस : सुप्रीम कोर्ट में दलील, बाबर के वंशज किसी इमारत के मालिक हो सकते हैं लेकिन मस्जिद के नहीं

    अयोध्या केस : सुप्रीम कोर्ट में दलील, बाबर के वंशज किसी इमारत के मालिक हो सकते हैं लेकिन मस्जिद के नहीं

    अयोध्या विवाद मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में आज भी जारी रही. सुनवाई के दौरान श्रीरामजन्मभूमि पुनरोद्धार समिति के वकील पीएन मिश्रा ने हदीस के हवाले से इस्लामी कानून के ज़रिए ज़मीन के खरीद और इस्तेमाल के नियमों का जिक्र किया. उन्होंने हज़रत मोहम्मद साहब, उनके अनुयायियों हजरत उमर, सईद बुखारी और यहूदियों के बीच हुए वाकयों का बयान किया. उन्होंने कहा कि मस्जिद के लिए कई कायदे नियम और बुनियादी चीज़े होती हैं.

'Supreme Court Ayodhya Hearing' - 18 Video Result(s)
'Supreme Court Ayodhya Hearing' - 40 News Result(s)
  • अयोध्या पर फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर सभी पुनर्विचार याचिकाएं खारिज

    अयोध्या पर फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर सभी पुनर्विचार याचिकाएं खारिज

    Ayodhya Case: अयोध्या (Ayodhya) के राम जन्मभूमि - बाबरी मस्जिद जमीन विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के फैसले के खिलाफ दाखिल की गईं सभी पुनर्विचार याचिकाएं गुरुवार को सुनवाई के बाद खारिज कर दी गईं. सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या जमीन विवाद मामले में नौ नवंबर को अपना फैसला सुनाया था. अदालत ने विवादित जमीन रामलला को यानी राम मंदिर बनाने के लिए देने का फैसला किया था. अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की विशेष पीठ के 9 नवम्बर के फैसले पर पुनर्विचार के लिए कुल 18 याचिकाएं दाखिल की गई थीं. इनमें 9 याचिकाएं पक्षकारों की ओर से और बाकी नौ अन्य याचिकाकर्ताओं की थीं.

  • Ayodhya Case : शिया वक्फ बोर्ड और हिंदू महासभा ने मस्जिद के लिए जमीन देने का विरोध किया, 18 याचिकाएं; कल सुनवाई

    Ayodhya Case : शिया वक्फ बोर्ड और हिंदू महासभा ने मस्जिद के लिए जमीन देने का विरोध किया, 18 याचिकाएं; कल सुनवाई

    अयोध्या मामले (Ayodhya Case) में दाखिल पुनर्विचार याचिकाओं (Review Petition) पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में गुरुवार को सुनवाई होगी. यह सुनवाई चेंबर में होगी. सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या जमीन विवाद मामले में नौ नवंबर को अपना फैसला सुनाया था. अदालत ने विवादित जमीन रामलला को यानी राम मंदिर बनाने के लिए देने का फैसला किया था. अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की विशेष पीठ के 9 नवम्बर के फैसले पर पुनर्विचार के लिए कुल 18 याचिकाएं दाखिल की गई हैं. इनमें 9 याचिकाएं पक्षकारों की ओर से हैं और बाकी नौ अन्य याचिकाकर्ता हैं.

  • अयोध्‍या मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले की समीक्षा आप कैसे करेंगे?

    अयोध्‍या मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले की समीक्षा आप कैसे करेंगे?

    सुप्रीम कोर्ट का फैसला कैसा है, इससे पहले कि आप जवाब दें, लोग ख़ुद ही बोल देते हैं कि चलो बवाल ख़त्म हुआ. लेकिन तब भी पहला सवाल तो रह ही जाता है कि फैसला कैसा था. यह वाकई तारीफ की बात है कि जनता ने संयम और परिपक्वता के साथ सामना किया. वो जनता यह भी जानना चाहेगी कि फैसला कैसा है. फैसले की नुक्ताचीनी से वह नहीं घबराने वाली. आम सहमति से आए इस फैसले को जब कानून की क्लास में पढ़ाया जाएगा तब शायद ही छात्रों के बीच आम सहमति बन पाएगी. ऐतिहासिक फैसला है इसलिए इसकी समीक्षा आज ही नहीं, लंबे समय तक होती रहेगी.

  • Ayodhya Case: सुप्रीम कोर्ट में पूरी हुई अयोध्या मामले की सुनवाई, अब फैसले का इंतजार

    Ayodhya Case: सुप्रीम कोर्ट में पूरी हुई अयोध्या मामले की सुनवाई, अब फैसले का इंतजार

    Ayodhya verdict today:  सुप्रीम कोर्ट ने राजनीतिक रूप से संवेदनशील अयोध्या में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले की सुनवाई पूरी कर ली, फैसला नवंबर महीने में सुनाया जाएगा. CJI रंजन गोगोई की अगुवाई वाली पांच जंजों की बेंच ने इस मामले में 40 दिन तक सुनवाई करने के बाद दलीलें पूरी कर लीं

  • Ayodhya Case: कैसा है अयोध्या का माहौल, 10 प्वाइंट्स में जानिए

    Ayodhya Case: कैसा है अयोध्या का माहौल, 10 प्वाइंट्स में जानिए

    सुप्रीम कोर्ट, अयोध्या मामले (Ayodhya Case Hearing) में बुधवार को आखिरी सुनवाई करेगा. मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान एक हिन्दू पक्ष ने दलील दी कि भारत विजय के बाद मुगल शासक बाबर द्वारा करीब 433 साल पहले अयोध्या में भगवान राम के जन्म स्थान पर मस्जिद का निर्माण कर ‘ऐतिहासिक भूल' की गयी थी और अब उसे सुधारने की आवश्यकता है. अयोध्या मामले अभी तक 39 दिन सुनवाई चली है. बता दें, सीजेआई रंजन गोगोई ने उम्मीद जताई थी कि 17 अक्टूबर तक इस मामले में सुनवाई पूरी कर ली जाएगी और 17 नवंबर को अयोध्या मसले पर फैसला सुना दिया जाएगा. 17 नवंबर को ही सीजेआई रंजन गोगोई रिटायर हो रहे हैं.

  • Ayodhya Case Updates: राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद जमीन विवाद में नवंबर में आएगा फैसला

    Ayodhya Case Updates: राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद जमीन विवाद में नवंबर में आएगा फैसला

    अयोध्या मामले (Ayodhya Case) में सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ आखिरी सुनवाई बुधवार को शाम चार बजे पूरी कर ली. सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने अयोध्या के राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद जमीन विवाद मामले की सुनवाई पूरी करने के पश्चात अपना फैसला सुरक्षित रख लिया.

  • Ayodhya Case: मुस्लिम पक्ष के वकील बोले- हमारी मांग है कि 5 दिसंबर 1992 में जैसा ढांचा था, वैसी ही हालत में मस्जिद सौंपी जाए

    Ayodhya Case: मुस्लिम पक्ष के वकील बोले- हमारी मांग है कि 5 दिसंबर 1992 में जैसा ढांचा था, वैसी ही हालत में मस्जिद सौंपी जाए

    धवन ने माना कि पुरातात्विक साक्ष्य को प्रमाणित किया जा सकता है. हालांकि, इससे पहले पुरातत्व को मुस्लिम पक्षकारों ने एक सामाजिक विज्ञान के रूप में माना था और उसे खारिज कर दिया था. धवन ने कहा कि ASI रिपोर्ट में कभी ये नहीं कहा गया कि मंदिर को तोडकर मस्जिद बनाई गई. इस जगह पर हमेशा मुस्लिमों का कब्जा रहा. हिंदुओं ने बहुत बाद में जमीन के टाइटल का दावा किया लेकिन उसे खारिज कर दिया गया. उन्होंने 1934 से प्रतिकूल कब्जे का दावा किया जिसके लिए कोई सबूत नहीं है.

  • Ayodhya Case : मुस्लिम पक्ष के वकील ने सुप्रीम कोर्ट में कहा- मस्जिद तो मीर बाकी ने बनवाई...

    Ayodhya Case : मुस्लिम पक्ष के वकील ने सुप्रीम कोर्ट में कहा- मस्जिद तो मीर बाकी ने बनवाई...

    अयोध्या मामले की सुनवाई कर रहे प्रधान न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा है कि पीठ शनिवार को सुनवाई नहीं करेगी. आज इस केस की लगातार 37वें दिन सुनवाई हुई. मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन ने दलील दी कि सुप्रीम कोर्ट अनुच्छेद 142 के तहत मिली अपरिहार्य शक्तियों के तहत दोनों ही पक्षों कि गतिविधियों को ध्यान में रखकर इस मामले का निपटारा करे. उन्होंने कहा कि इस मामले में मस्जिद पर जबरन कब्जा किया गया. लोगों को धर्म के नाम पर उकसाया गया, रथयात्रा निकाली गई, लंबित मामले में दबाव बनाया गया.  धवन ने कहा कि मस्जिद ध्वस्त की गई और उस समय मुख्यमंत्री रहे कल्याण सिंह ने एक दिन कि जेल अवमानना के चलते काटी थी. अदालत से गुजारिश है कि तमाम घटनाओं को ध्यान में रखे.

  • Ayodhya Case: रामलला विराजमान ने सुप्रीम कोर्ट में कहा- SC को फैसला लेने दें, हम मध्यस्थता में भाग नहीं लेंगे

    Ayodhya Case: रामलला विराजमान ने सुप्रीम कोर्ट में कहा- SC को फैसला लेने दें, हम मध्यस्थता में भाग नहीं लेंगे

    उन्होंने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज ने 1885 के फैसले को भी माना. हिन्दू पक्षकारों ने सीमित अधिकार माना था, उन्होंने अपने अधिकार बढ़ाने की कोशिश की और सीता रसोई पर दावा भी किया. जबकि हिन्दुओं  का अंदरूनी आंगन में कोई अधिकार नहीं था. इस बात को ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट ने भी माना था. जिरह के दौरान नाफड़े ने कहा कि हिंदुओं का वहां पर सीमित अधिकार था, और उस जगह पर मस्जिद मौजूद थी. अंदरूनी आंगन मस्जिद का हिस्सा था.

  • अयोध्या केस : सुप्रीम कोर्ट में दलील, बाबर के वंशज किसी इमारत के मालिक हो सकते हैं लेकिन मस्जिद के नहीं

    अयोध्या केस : सुप्रीम कोर्ट में दलील, बाबर के वंशज किसी इमारत के मालिक हो सकते हैं लेकिन मस्जिद के नहीं

    अयोध्या विवाद मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में आज भी जारी रही. सुनवाई के दौरान श्रीरामजन्मभूमि पुनरोद्धार समिति के वकील पीएन मिश्रा ने हदीस के हवाले से इस्लामी कानून के ज़रिए ज़मीन के खरीद और इस्तेमाल के नियमों का जिक्र किया. उन्होंने हज़रत मोहम्मद साहब, उनके अनुयायियों हजरत उमर, सईद बुखारी और यहूदियों के बीच हुए वाकयों का बयान किया. उन्होंने कहा कि मस्जिद के लिए कई कायदे नियम और बुनियादी चीज़े होती हैं.

'Supreme Court Ayodhya Hearing' - 18 Video Result(s)