Rbi Treasury
-
{
- सब
- ख़बरें
-
RBI के खजाने से 8.70 करोड़ की सेंधमारी... नोट बक्सों में भरकर ले गया कर्मचारी, एक चूक पड़ गई भारी
- Monday May 25, 2026
- Reported by: NDTV इंडिया, Edited by: प्रियंक द्विवेदी
गुजरात के अहमदाबाद में RBI के खजाने में चोरी का मामला सामने आया है. चोरी करने वाला बैंक का ही एक कर्मचारी निकला, जो 15 साल से यहां काम कर रहा था.
-
ndtv.in
-
149 KG सोना, 184 KG चांदी, Jagannath Mandir का रत्न भंडार 48 साल बाद खुला, कैसे हो रही गणना, क्या अलग?
- Wednesday March 25, 2026
- Written by: Dev Kumar, Edited by: उदित दीक्षित
Jagannath Temple: अधिकारियों का कहना है कि गणना के दौरान पूजा और दर्शन व्यवस्था सामान्य रूप से जारी रहेगी. हालांकि, भीतरी कक्ष (भीतरा कथा) से दर्शन पर रोक है. श्रद्धालु को केवल बाहरी कक्ष (बाहरा कथा) से ही दर्शन कर सकते हैं.
-
ndtv.in
-
बैंकों की FD से ज्यादा रिटर्न और सुरक्षित निवेश का यह विकल्प कभी आपने चुना
- Friday February 3, 2023
- Written by: राजीव मिश्र
केंद्र सरकार अपने फाइनेंशियल दायित्वों के लिए फंड जुटाने के लिए कई प्रकार के वित्तीय साधनों का इस्तेमाल करती है. सामान्य लोग इन साधनों के माध्यम से पैसे कमा सकते हैं और दूसरी तरफ सरकार की मदद भी कर सकते हैं. इन माध्यमों में डेट सिक्योरिटीज़, बॉन्ड, मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट आदि शामिल हैं. इन्हीं में से एक मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट है ट्रेजरी बिल. इसका प्रयोग सरकार अपनी अल्पकालिक आवश्यकताओं के लिए फंड जुटाने के लिए करती है.
-
ndtv.in
-
नरेंद्र मोदी सरकार को RBI से मिलेगा 1.76 लाख करोड़ रुपये का पेआउट : 10 खास बातें
- Tuesday August 27, 2019
- Reported by: NDTVProfit.com, Translated by: विवेक रस्तोगी
भारतीय रिज़र्व बैंक, यानी रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने पूर्व अध्यक्ष बिमल जालान की अध्यक्षता वाली एक विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों को मानते हुए सोमवार को अपने सरप्लस तथा रिज़र्व भंडार में से 1.76 लाख करोड़ रुपये केंद्र सरकार को दिए जाने को मंज़ूरी दे दी. इस रिकॉर्ड ट्रांसफर, जिसमें वर्ष 2018-19 के लिए 1.23 लाख करोड़ रुपये का सरप्लस शामिल है, से सरकार की वित्तीय स्थिति ऐसे समय में मज़बूत हो पाएगी, जब वह लगभग पांच साल में सबसे कम आर्थिक वृद्धि का सामना कर रही है और लगभग हर क्षेत्र में लाखों नौकरियां खत्म हो जाने की आशंका सिर पर झूल रही है. इसके अलावा, इस भुगतान की मदद से सरकार वित्तीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 3.3 फीसदी तक सीमित रखने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को भी पूरा कर पाएगी. अर्थशास्त्रियों का मानना है कि इस भुगतान से सरकार को कर राजस्व में कमी से निपटने में भी मदद मिलेगी, और वह अपने बढ़े खर्चों के लिए भी राशि जुटा पाएगी.
-
ndtv.in
-
RBI के खजाने से 8.70 करोड़ की सेंधमारी... नोट बक्सों में भरकर ले गया कर्मचारी, एक चूक पड़ गई भारी
- Monday May 25, 2026
- Reported by: NDTV इंडिया, Edited by: प्रियंक द्विवेदी
गुजरात के अहमदाबाद में RBI के खजाने में चोरी का मामला सामने आया है. चोरी करने वाला बैंक का ही एक कर्मचारी निकला, जो 15 साल से यहां काम कर रहा था.
-
ndtv.in
-
149 KG सोना, 184 KG चांदी, Jagannath Mandir का रत्न भंडार 48 साल बाद खुला, कैसे हो रही गणना, क्या अलग?
- Wednesday March 25, 2026
- Written by: Dev Kumar, Edited by: उदित दीक्षित
Jagannath Temple: अधिकारियों का कहना है कि गणना के दौरान पूजा और दर्शन व्यवस्था सामान्य रूप से जारी रहेगी. हालांकि, भीतरी कक्ष (भीतरा कथा) से दर्शन पर रोक है. श्रद्धालु को केवल बाहरी कक्ष (बाहरा कथा) से ही दर्शन कर सकते हैं.
-
ndtv.in
-
बैंकों की FD से ज्यादा रिटर्न और सुरक्षित निवेश का यह विकल्प कभी आपने चुना
- Friday February 3, 2023
- Written by: राजीव मिश्र
केंद्र सरकार अपने फाइनेंशियल दायित्वों के लिए फंड जुटाने के लिए कई प्रकार के वित्तीय साधनों का इस्तेमाल करती है. सामान्य लोग इन साधनों के माध्यम से पैसे कमा सकते हैं और दूसरी तरफ सरकार की मदद भी कर सकते हैं. इन माध्यमों में डेट सिक्योरिटीज़, बॉन्ड, मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट आदि शामिल हैं. इन्हीं में से एक मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट है ट्रेजरी बिल. इसका प्रयोग सरकार अपनी अल्पकालिक आवश्यकताओं के लिए फंड जुटाने के लिए करती है.
-
ndtv.in
-
नरेंद्र मोदी सरकार को RBI से मिलेगा 1.76 लाख करोड़ रुपये का पेआउट : 10 खास बातें
- Tuesday August 27, 2019
- Reported by: NDTVProfit.com, Translated by: विवेक रस्तोगी
भारतीय रिज़र्व बैंक, यानी रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने पूर्व अध्यक्ष बिमल जालान की अध्यक्षता वाली एक विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों को मानते हुए सोमवार को अपने सरप्लस तथा रिज़र्व भंडार में से 1.76 लाख करोड़ रुपये केंद्र सरकार को दिए जाने को मंज़ूरी दे दी. इस रिकॉर्ड ट्रांसफर, जिसमें वर्ष 2018-19 के लिए 1.23 लाख करोड़ रुपये का सरप्लस शामिल है, से सरकार की वित्तीय स्थिति ऐसे समय में मज़बूत हो पाएगी, जब वह लगभग पांच साल में सबसे कम आर्थिक वृद्धि का सामना कर रही है और लगभग हर क्षेत्र में लाखों नौकरियां खत्म हो जाने की आशंका सिर पर झूल रही है. इसके अलावा, इस भुगतान की मदद से सरकार वित्तीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 3.3 फीसदी तक सीमित रखने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को भी पूरा कर पाएगी. अर्थशास्त्रियों का मानना है कि इस भुगतान से सरकार को कर राजस्व में कमी से निपटने में भी मदद मिलेगी, और वह अपने बढ़े खर्चों के लिए भी राशि जुटा पाएगी.
-
ndtv.in