Pv Ramana
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जब पीवी सिंधु ने कोविड 19 के खतरे के बावजूद ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप में खेलने का फैसला किया
- Friday March 20, 2020
- भाषा
पीवी सिंधु के पिता पीवी रमन्ना (PV Ramana) ने कहा,‘‘11 मार्च की रात को जब परामर्श जारी किया गया. अगले दिन सुबह गोपी (पुलेला गोपीचंद) ने हमसे कहा कि मैच नहीं खेलते हैं और वापिस जाते हैं. क्या ख्याल है.’’उन्होंने कहा,‘‘सिर्फ सिंधु, लक्ष्य सेन, सिक्की रेड्डी और अश्विनी पोनप्पा दूसरे दौर में थे. हमने खेलने का फैसला किया.
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sports.ndtv.com/hindi
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पुलेला गोपीचंद : बैडमिंटन का 'द्रोणाचार्य', जिसने अपने शिष्यों को 'अर्जुन' बनाया
- Friday August 19, 2016
- Reported by: सुशील कुमार महापात्र, Edited by: Chaturesh Tiwari
“जब मैं संन्यास लूंगा तब मैं बहुत खुशी महसूस करूंगा, मैं जो करना चाहता था, वह मैं कर चुका हूं. इन बच्चों के अंदर वह काबिलियत है कि वे आगे जाकर मेडल जीत सकते हैं. जब मेरा कोई तारीफ करता है तो मैं खुश होता हूं और जब मेरी कोई आलोचना करता है तो मैं उसे चुनौती के रूप में लेता हूं और अपने काम के जरिये जवाब देता हूं.”
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ndtv.in
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बैडमिंटन कोचिंग के लिए रोज लगभग 120 किलोमीटर सफर करती थी पीवी सिंधु
- Friday August 19, 2016
- सुशील कुमार महापात्र
साक्षी मलिक के बाद अब पीवी सिंधु ने भारत के लिए एक पदक पक्का कर दिया है. सिंधु सेमीफाइनल में जापान की नोजोमी ओकुहारा को सीधे सेटों में 21-19 और 21-10 से हराकर फाइनल में पहुंची हैं. अब सिंधु का मुकाबला दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी स्पेन के कैरोलिना मरीन से होगा.
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जब पीवी सिंधु ने कोविड 19 के खतरे के बावजूद ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप में खेलने का फैसला किया
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पीवी सिंधु के पिता पीवी रमन्ना (PV Ramana) ने कहा,‘‘11 मार्च की रात को जब परामर्श जारी किया गया. अगले दिन सुबह गोपी (पुलेला गोपीचंद) ने हमसे कहा कि मैच नहीं खेलते हैं और वापिस जाते हैं. क्या ख्याल है.’’उन्होंने कहा,‘‘सिर्फ सिंधु, लक्ष्य सेन, सिक्की रेड्डी और अश्विनी पोनप्पा दूसरे दौर में थे. हमने खेलने का फैसला किया.
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पुलेला गोपीचंद : बैडमिंटन का 'द्रोणाचार्य', जिसने अपने शिष्यों को 'अर्जुन' बनाया
- Friday August 19, 2016
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“जब मैं संन्यास लूंगा तब मैं बहुत खुशी महसूस करूंगा, मैं जो करना चाहता था, वह मैं कर चुका हूं. इन बच्चों के अंदर वह काबिलियत है कि वे आगे जाकर मेडल जीत सकते हैं. जब मेरा कोई तारीफ करता है तो मैं खुश होता हूं और जब मेरी कोई आलोचना करता है तो मैं उसे चुनौती के रूप में लेता हूं और अपने काम के जरिये जवाब देता हूं.”
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बैडमिंटन कोचिंग के लिए रोज लगभग 120 किलोमीटर सफर करती थी पीवी सिंधु
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साक्षी मलिक के बाद अब पीवी सिंधु ने भारत के लिए एक पदक पक्का कर दिया है. सिंधु सेमीफाइनल में जापान की नोजोमी ओकुहारा को सीधे सेटों में 21-19 और 21-10 से हराकर फाइनल में पहुंची हैं. अब सिंधु का मुकाबला दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी स्पेन के कैरोलिना मरीन से होगा.
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