Naga Sadhu Tradition
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महामंडलेश्वर बनने वाली पहली लेडी नागा किन्नर! तंत्र साधना में PhD, 70 खोपड़ी लेकर घूमना, 18 भाषाओं का ज्ञान
- Sunday March 15, 2026
- Written by: Lalit Jain, Edited by: धीरज आव्हाड़
उज्जैन में किन्नर अखाड़े ने पहली बार एक नागा किन्नर, मां काली नंद गिरी, को महामंडलेश्वर बनाकर इतिहास रच दिया है. 18 भाषाओं का ज्ञान रखने वाली और तंत्र साधना में पीएचडी कर चुकी काली नंद गिरी अपनी 70 सिद्ध खोपड़ियों और अघोरी परंपरा के लिए जानी जाती हैं.
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ndtv.in
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नागा साधु अपने पास क्यों रखते हैं अस्त्र-शस्त्र, क्यों नहीं पहनते कपड़े, जानिए इसके पीछे का रहस्य
- Tuesday February 25, 2025
- Edited by: सुभाषिनी त्रिपाठी
Why Naga Sadhus Carry Weapons : नागा साधुओं के पास मौजूद अस्त्र, जैसे- त्रिशूल, तलवार और भाला का गहरा धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है. विशेष रूप से त्रिशूल भगवान शिव का प्रिय अस्त्र माना जाता है, जो शक्ति, सृष्टि और विनाश का प्रतीक है.
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उज्जैन में किन्नर अखाड़े ने पहली बार एक नागा किन्नर, मां काली नंद गिरी, को महामंडलेश्वर बनाकर इतिहास रच दिया है. 18 भाषाओं का ज्ञान रखने वाली और तंत्र साधना में पीएचडी कर चुकी काली नंद गिरी अपनी 70 सिद्ध खोपड़ियों और अघोरी परंपरा के लिए जानी जाती हैं.
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