Jyothsna Phanija
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दृष्टिबाधित महिला ने सबसे कम उम्र में की PHD, बना डाला रिकॉर्ड
- Wednesday January 8, 2020
- Written by: सुबोध आनंद गार्ग्य
दिव्यांगजनों को न सिर्फ रोजमर्रा की जिंदगी में आम लोगों से ज्यादा चुनौतियों का सामना करना पड़ता है बल्कि उन्हें उस पूर्वाग्रह से भी दो चार होना पड़ता है जो लोग उनके प्रति रखते हैं. ऐसे हालात में भी कुछ लोग ये साबित कर देते हैं कि वे अपने क्षेत्र के जीनियस हैं. ज्योत्सना फनिजा (Jyothsna Phanija) की कहानी भी कुछ ऐसी ही है. ज्योत्सना एक दृष्टिबाधित महिला हैं जो हैदराबाद की रहने वाली हैं. उन्होंने 25 साल की उम्र में ही पीएचडी पूरी कर ली है और ऐसा कर उन्होंने रिकॉर्ड कायम किया है. उनके नाम किसी भारतीय विश्वविद्यालय से अंग्रेजी में सबसे कम उम्र में पीएचडी करने का रिकॉर्ड बन गया है. ज्योत्सना ने अंग्रेजी साहित्य में पीएचडी की है.
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दृष्टिबाधित महिला ने सबसे कम उम्र में की PHD, बना डाला रिकॉर्ड
- Wednesday January 8, 2020
- Written by: सुबोध आनंद गार्ग्य
दिव्यांगजनों को न सिर्फ रोजमर्रा की जिंदगी में आम लोगों से ज्यादा चुनौतियों का सामना करना पड़ता है बल्कि उन्हें उस पूर्वाग्रह से भी दो चार होना पड़ता है जो लोग उनके प्रति रखते हैं. ऐसे हालात में भी कुछ लोग ये साबित कर देते हैं कि वे अपने क्षेत्र के जीनियस हैं. ज्योत्सना फनिजा (Jyothsna Phanija) की कहानी भी कुछ ऐसी ही है. ज्योत्सना एक दृष्टिबाधित महिला हैं जो हैदराबाद की रहने वाली हैं. उन्होंने 25 साल की उम्र में ही पीएचडी पूरी कर ली है और ऐसा कर उन्होंने रिकॉर्ड कायम किया है. उनके नाम किसी भारतीय विश्वविद्यालय से अंग्रेजी में सबसे कम उम्र में पीएचडी करने का रिकॉर्ड बन गया है. ज्योत्सना ने अंग्रेजी साहित्य में पीएचडी की है.
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