Holi Blog
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पहले भीतर की होलिका को जलाओ और फिर जानों होली क्यों मनाई जाती है : गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर
- Wednesday March 4, 2026
- Written by: गुरुदेव श्री श्री रविशंकर, Edited by: अनिता शर्मा
ऐसी कथा प्रचलित है कि हिरण्यकश्यप को प्रह्लाद की नारायण भक्ति पसंद नहीं थी. वह चाहता था कि प्रह्लाद नारायण की नहीं बल्कि उसकी ही भक्ति करे, उसे ही भगवान माने.
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संजय लीला भंसाली की फिल्मों में दिखने वाले इन 7 रंगों का अर्थ है गहरा, क्या आप जानते हैं इनका मतलब ?
- Wednesday March 4, 2026
- Edited by: प्रियंका तिवारी
संजय लीला भंसाली के लिए रंग सिर्फ देखने में अच्छे लगने वाले विकल्प नहीं हैं. वे कहानी के टूल्स हैं जो ड्रामा को गहरा करते हैं, रोमांस को बढ़ाते हैं, और कहानी को कला के स्तर पर ले जाते हैं.
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Delhi Me Akele Rehne Wali Ladki Ki Diary: बचपन वाली होली, जो आज भी रंगों से ज्यादा यादों में बसी है
- Monday March 2, 2026
- Written by: दीक्षा सिंह
Bachpan Ki Holi Wali Diary: यही थी मेरी असली होली. अब न तो हैंडपंप है, न वो 12 घरों वाली कॉलोनी, न बिना कुछ सोचे रंग लगाने की आजादी. अब लोग पहले पूछते हैं, रंग ऑर्गेनिक है न? स्किन पर रिएक्शन तो नहीं होगा? लेकिन सच कहूं, तब रंग सिर्फ चेहरे पर लगते थे… लेकिन आज यादें दिल पर लगी रहती हैं.
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होली का ये भी रंग, संस्कृति को सहेजता नैनीताल
- Monday March 25, 2024
- हिमांशु जोशी
कुमाऊं में होली के दो प्रचलित स्वरूप पर 'रंग डारि दियौ हो अलबेलिन में' नाम की किताब में विश्वम्भर नाथ साह 'सखा' लिखते हैं कुमाऊं में होली के दो प्रचलित स्वरूप हैं, एक ग्रामीण अंचल की होली, जिसे खड़ी होली कहते हैं. दूसरी नागर होली, जिसे शहरी क्षेत्रों में बैठ होली कहते हैं.
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जोगीरा सारारारा : भारतीय लोकतंत्र का प्रतिनिधि पर्व
- Wednesday March 6, 2024
- केयूर पाठक
ऐसा लगता है कि भारतीय लोकतंत्र का प्रतिनिधित्व अगर कोई त्योहार सबसे अधिक करता है, तो वह होली है. यह भारत की विविधता को स्वीकारने का बड़ा उत्सव है. अलग-अलग रंग, सब मिलकर एक.
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कमाल की बात : ''मदीने में मनाई होली...''
- Saturday March 3, 2018
- कमाल खान
सूफ़ी फ़क़ीर शाह नियाज़ लिखते हैं ,”होली होय रही है अहमद जियो के द्वार…हज़रत अली का रंग बनो है, हसन-हुसैन खिलाड़….'' उनके कलाम में तो पैगंबर मोहम्मद साहिब के नवासे हसन और हुसैन रंग खेल रहे हैं. और गुज़रे ज़माने की गायिका गौहर जान ने तो गाया है …”मेरे हज़रत ने मदीने में मनाई होली” होली को लेकर इससे बड़ी बात क्या हो सकती है.
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पहले भीतर की होलिका को जलाओ और फिर जानों होली क्यों मनाई जाती है : गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर
- Wednesday March 4, 2026
- Written by: गुरुदेव श्री श्री रविशंकर, Edited by: अनिता शर्मा
ऐसी कथा प्रचलित है कि हिरण्यकश्यप को प्रह्लाद की नारायण भक्ति पसंद नहीं थी. वह चाहता था कि प्रह्लाद नारायण की नहीं बल्कि उसकी ही भक्ति करे, उसे ही भगवान माने.
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संजय लीला भंसाली की फिल्मों में दिखने वाले इन 7 रंगों का अर्थ है गहरा, क्या आप जानते हैं इनका मतलब ?
- Wednesday March 4, 2026
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संजय लीला भंसाली के लिए रंग सिर्फ देखने में अच्छे लगने वाले विकल्प नहीं हैं. वे कहानी के टूल्स हैं जो ड्रामा को गहरा करते हैं, रोमांस को बढ़ाते हैं, और कहानी को कला के स्तर पर ले जाते हैं.
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Delhi Me Akele Rehne Wali Ladki Ki Diary: बचपन वाली होली, जो आज भी रंगों से ज्यादा यादों में बसी है
- Monday March 2, 2026
- Written by: दीक्षा सिंह
Bachpan Ki Holi Wali Diary: यही थी मेरी असली होली. अब न तो हैंडपंप है, न वो 12 घरों वाली कॉलोनी, न बिना कुछ सोचे रंग लगाने की आजादी. अब लोग पहले पूछते हैं, रंग ऑर्गेनिक है न? स्किन पर रिएक्शन तो नहीं होगा? लेकिन सच कहूं, तब रंग सिर्फ चेहरे पर लगते थे… लेकिन आज यादें दिल पर लगी रहती हैं.
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होली का ये भी रंग, संस्कृति को सहेजता नैनीताल
- Monday March 25, 2024
- हिमांशु जोशी
कुमाऊं में होली के दो प्रचलित स्वरूप पर 'रंग डारि दियौ हो अलबेलिन में' नाम की किताब में विश्वम्भर नाथ साह 'सखा' लिखते हैं कुमाऊं में होली के दो प्रचलित स्वरूप हैं, एक ग्रामीण अंचल की होली, जिसे खड़ी होली कहते हैं. दूसरी नागर होली, जिसे शहरी क्षेत्रों में बैठ होली कहते हैं.
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जोगीरा सारारारा : भारतीय लोकतंत्र का प्रतिनिधि पर्व
- Wednesday March 6, 2024
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ऐसा लगता है कि भारतीय लोकतंत्र का प्रतिनिधित्व अगर कोई त्योहार सबसे अधिक करता है, तो वह होली है. यह भारत की विविधता को स्वीकारने का बड़ा उत्सव है. अलग-अलग रंग, सब मिलकर एक.
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कमाल की बात : ''मदीने में मनाई होली...''
- Saturday March 3, 2018
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सूफ़ी फ़क़ीर शाह नियाज़ लिखते हैं ,”होली होय रही है अहमद जियो के द्वार…हज़रत अली का रंग बनो है, हसन-हुसैन खिलाड़….'' उनके कलाम में तो पैगंबर मोहम्मद साहिब के नवासे हसन और हुसैन रंग खेल रहे हैं. और गुज़रे ज़माने की गायिका गौहर जान ने तो गाया है …”मेरे हज़रत ने मदीने में मनाई होली” होली को लेकर इससे बड़ी बात क्या हो सकती है.
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