Bulandshahr Clashes
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बुलंदशहर हिंसा: इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह के हत्यारे की 25 दिन बाद हुई गिरफ्तारी, प्रशांत नट ने कबूला जुर्म
बुलंदशहर हिंसा (Bulandshahr Violence) के लगभग 25 दिन बाद मामले में नया खुलासा हुआ है. हिंसा में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह (Subodh Kumar Singh) की मौत हो गई थी वहीं, एक स्थानीय युवक की भी जान चली गई थी. पुलिस ने अब सुबोध कुमार को गोली मारने वाले और रिवॉल्वर चुराने वालों की पहचान कर ली है. पुलिस के आला सुत्रों के मुताबिक़ जॉनी ने नाम के शख़्स ने इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की रिवॉल्वर चुराई थी, वहीं, प्रशांत नट ने उन्हें गोली मारी थी. प्रशांत नट को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. वहीं, जॉनी की तलाश जारी है. वहीं, एफआईआर में जॉनी और प्रशांत नट दोनों के नाम FIR में नहीं है.
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बुलंदशहर हिंसा के 23 दिन बाद मुख्य आरोपी पुलिस की नाक के नीचे से पहुंचा कोर्ट
गौकशी की घटना के बाद बुलंदशहर में हुई हिंसा में भीड़ ने एसएचओ सुबोध कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी थी वहीं हिंसा में एक स्थानीय युवक की भी मौत हुई थी. गौकशी मामले में पुलिस ने अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, वहीं हिंसा के मामले में अब तक 25 लोग गिरफ्त में हैं, जिनमें से ज्यादातार ने पुलिस के नाक के नीचे कोर्ट में सरेंडर किया है.
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योगी सरकार के मंत्री बोले, बुलंदशहर की घटना प्रायोजित, वोट बैंक के लिए भड़काया गया दंगा
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर (Bulandshahr) में हुई हिंसा के मामले में योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने कहा कि दंगा कराने के लिए पहले से योजना बनाई गई थी. दंगे के लिए लोगों को भड़काया गया. सड़क जाम क्यों किया गया, यह बड़ा सवाल है".
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बुलंदशहर में जब इंस्पेक्टर की हत्या के बाद थी अराजक स्थिति, CM योगी आदित्यनाथ गोरखपुर में ले रहे थे लाइट एंड साउंड शो का आनंद
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर (Bulandshahr) में जिस वक्त गोकशी की अफवाह के बाद अराजक स्थिति पैदा हुई और पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह (Subodh Kumar Singh) की हत्या कर दी गई, उसके कुछ घंटों बाद प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ( Yogi Adityanath) गोरखपुर में लाइट और साउंड शो का आनंद ले रहे थे.
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बुलंदशहर में गोकशी के नाम पर 'खूनी खेल', जांबाज इंस्पेक्टर का 'दादरी कनेक्शन', 10 प्वाइंट में जानें पूरी स्टोरी
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले (Bulandshahr) में गोकशी के संदेह में भड़की हिंसा की आग में दो जिंदगियां बर्बाद हो गईं. गोकशी के शक के बाद भड़की हिंसा में भीड़ ने ऐसा बवाल काटा कि इस हिंसा में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह (Subodh Kumar Singh) और एक आम नागरिक की मौत हो गई. इतना ही नहीं, उपद्रवियों ने पुलिस चौकी फूंक दी और दर्जनों वाहनों को आग के हवाले कर दिया. बुलंदशहर हिंसा में तनाव के मद्देनजर जिले में धारा 144 लागू कर दी गई है. वहीं, शहीद इंस्पेक्टर को आज 10 बजे पुलिस लाइन में अंतिम सलामी दी जाएगी. श्रधांजलि के बाद पार्थिव शरीर को पैतृक घर एटा जिले के तरगवां गांव ले जाया जाएगा. प्रदेश सरकार ने इस मामले की जांच एडीजी इंटेलीजेंस को सौंपी है जो 48 घंटे के अंदर रिपोर्ट देंगे. इसके साथ ही मेरठ रेंज के महानिरीक्षक की अध्यक्षता में एक एसआईटी का भी गठन किया है. मुख्यमंत्री ने इस पूरे मामले पर दुख व्यक्त किया है. चलिए जानते हैं इस हिंसा मामले से जुड़ी अहम बातें....
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उत्तर प्रदेश : बुलंदशहर में गोकशी को लेकर हिंसक हुई भीड़, पुलिस इंस्पेक्टर और एक नागरिक की मौत; SIT करेगी जांच
यूपी के बुलंदशहर जिले में गोकशी के आरोपों के बाद भड़की हिंसा में एक पुलिस इंस्पेक्टर और एक आम नागरिक की मौत हो गई. उपद्रवियों ने एक पुलिस चौकी फूंक दी और दर्जनों वाहन जला दिए. यह सब ऐसे वक्त हुआ जब शहर में एक धार्मिक आयोजन में करीब 10 लाख मुसलमान मौजूद हैं.
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बुलंदशहर पालिका बोर्ड की बैठक में जमकर बवाल, सड़क तक पहुंची मारपीट
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में पालिका बोर्ड की मासिक बैठक में जमकर बवाल हुआ। कुछ सभासदों ने एग्ज़िक्यूटिव ऑफ़िसर और पालिका अध्यक्ष पर घोटाले के आरोप लगाए, जिसके बाद सभासद और पालिका के कर्मचारी आपस में भिड़ गए।
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बुलंदशहर हिंसा: इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह के हत्यारे की 25 दिन बाद हुई गिरफ्तारी, प्रशांत नट ने कबूला जुर्म
बुलंदशहर हिंसा (Bulandshahr Violence) के लगभग 25 दिन बाद मामले में नया खुलासा हुआ है. हिंसा में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह (Subodh Kumar Singh) की मौत हो गई थी वहीं, एक स्थानीय युवक की भी जान चली गई थी. पुलिस ने अब सुबोध कुमार को गोली मारने वाले और रिवॉल्वर चुराने वालों की पहचान कर ली है. पुलिस के आला सुत्रों के मुताबिक़ जॉनी ने नाम के शख़्स ने इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की रिवॉल्वर चुराई थी, वहीं, प्रशांत नट ने उन्हें गोली मारी थी. प्रशांत नट को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. वहीं, जॉनी की तलाश जारी है. वहीं, एफआईआर में जॉनी और प्रशांत नट दोनों के नाम FIR में नहीं है.
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बुलंदशहर हिंसा के 23 दिन बाद मुख्य आरोपी पुलिस की नाक के नीचे से पहुंचा कोर्ट
गौकशी की घटना के बाद बुलंदशहर में हुई हिंसा में भीड़ ने एसएचओ सुबोध कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी थी वहीं हिंसा में एक स्थानीय युवक की भी मौत हुई थी. गौकशी मामले में पुलिस ने अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, वहीं हिंसा के मामले में अब तक 25 लोग गिरफ्त में हैं, जिनमें से ज्यादातार ने पुलिस के नाक के नीचे कोर्ट में सरेंडर किया है.
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योगी सरकार के मंत्री बोले, बुलंदशहर की घटना प्रायोजित, वोट बैंक के लिए भड़काया गया दंगा
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर (Bulandshahr) में हुई हिंसा के मामले में योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने कहा कि दंगा कराने के लिए पहले से योजना बनाई गई थी. दंगे के लिए लोगों को भड़काया गया. सड़क जाम क्यों किया गया, यह बड़ा सवाल है".
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बुलंदशहर में जब इंस्पेक्टर की हत्या के बाद थी अराजक स्थिति, CM योगी आदित्यनाथ गोरखपुर में ले रहे थे लाइट एंड साउंड शो का आनंद
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर (Bulandshahr) में जिस वक्त गोकशी की अफवाह के बाद अराजक स्थिति पैदा हुई और पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह (Subodh Kumar Singh) की हत्या कर दी गई, उसके कुछ घंटों बाद प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ( Yogi Adityanath) गोरखपुर में लाइट और साउंड शो का आनंद ले रहे थे.
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बुलंदशहर में गोकशी के नाम पर 'खूनी खेल', जांबाज इंस्पेक्टर का 'दादरी कनेक्शन', 10 प्वाइंट में जानें पूरी स्टोरी
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले (Bulandshahr) में गोकशी के संदेह में भड़की हिंसा की आग में दो जिंदगियां बर्बाद हो गईं. गोकशी के शक के बाद भड़की हिंसा में भीड़ ने ऐसा बवाल काटा कि इस हिंसा में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह (Subodh Kumar Singh) और एक आम नागरिक की मौत हो गई. इतना ही नहीं, उपद्रवियों ने पुलिस चौकी फूंक दी और दर्जनों वाहनों को आग के हवाले कर दिया. बुलंदशहर हिंसा में तनाव के मद्देनजर जिले में धारा 144 लागू कर दी गई है. वहीं, शहीद इंस्पेक्टर को आज 10 बजे पुलिस लाइन में अंतिम सलामी दी जाएगी. श्रधांजलि के बाद पार्थिव शरीर को पैतृक घर एटा जिले के तरगवां गांव ले जाया जाएगा. प्रदेश सरकार ने इस मामले की जांच एडीजी इंटेलीजेंस को सौंपी है जो 48 घंटे के अंदर रिपोर्ट देंगे. इसके साथ ही मेरठ रेंज के महानिरीक्षक की अध्यक्षता में एक एसआईटी का भी गठन किया है. मुख्यमंत्री ने इस पूरे मामले पर दुख व्यक्त किया है. चलिए जानते हैं इस हिंसा मामले से जुड़ी अहम बातें....
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उत्तर प्रदेश : बुलंदशहर में गोकशी को लेकर हिंसक हुई भीड़, पुलिस इंस्पेक्टर और एक नागरिक की मौत; SIT करेगी जांच
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बुलंदशहर पालिका बोर्ड की बैठक में जमकर बवाल, सड़क तक पहुंची मारपीट
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में पालिका बोर्ड की मासिक बैठक में जमकर बवाल हुआ। कुछ सभासदों ने एग्ज़िक्यूटिव ऑफ़िसर और पालिका अध्यक्ष पर घोटाले के आरोप लगाए, जिसके बाद सभासद और पालिका के कर्मचारी आपस में भिड़ गए।