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घर नहीं, अस्पताल में जन्म! 96% Institutional Delivery ने बदली दिल्ली की हेल्थ तस्वीर
- Friday January 16, 2026
- Edited by: सुभाषिनी त्रिपाठी
दिल्ली में सेफ डिलीवरी की दिशा में बड़ी उपलब्धि सामने आई है. Annual Report on Registration of Births and Deaths in Delhi 2024 के अनुसार, राजधानी में करीब 96 प्रतिशत डिलीवरी घर पर नहीं, बल्कि अस्पतालों और मान्यता प्राप्त हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन में हुए हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स इसे मातृ और शिशु सेहत के लिए बेहद पॉजिटिव संकेत मान रहे हैं.
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दिल्ली में मौतों का आंकड़ा बढ़ा! 2024 में हर दिन औसतन 381 मौतें, जानिए वजह
- Friday January 16, 2026
- Edited by: दीक्षा सिंह
सरकार की Annual Report on Registration of Births and Deaths in Delhi 2024 के मुताबिक, राजधानी दिल्ली में मौतों का आंकड़ा बढ़ा है. साल 2024 में कुल 1,39,480 मौतें दर्ज की गईं, जो 2023 के मुकाबले ज्यादा हैं.
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25–29 साल की उम्र में मां बनना क्यों माना जाता है सबसे सुरक्षित? रिपोर्ट ने खोले राज
- Friday January 16, 2026
- Written by: सुभाषिनी त्रिपाठी
आपको बता दें कि सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (CRS) 2024 की रिपोर्ट में यह साफ हो गया है कि दिल्ली की महिलाएं अब अपनी सेहत और करियर के बीच एक बहुत ही समझदारी भरा बैलेंस बनाकर चल रही हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कि आखिर दिल्ली में किस उम्र में मां बनना सबसे ज्यादा पसंद किया जा रहा है और इसके पीछे की वजह क्या है.
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Annual Delhi Birth Report 2024: निरक्षर महिलाएं कम और 10वीं पास महिलाएं पैदा कर रहीं ज्यादा बच्चे
- Thursday January 15, 2026
- Written by: सुभाषिनी त्रिपाठी
रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में साल 2024 में कुल 3,06,459 बच्चों का जन्म हुआ. इसमें सबसे ज्यादा चौंकाने वाला आंकड़ा 'मैट्रिक' यानी 10वीं पास लेकिन ग्रेजुएट से कम पढ़ी-लिखी मांओं का है. कुल जन्म लेने वाले बच्चों में से करीब 41.47% बच्चे ऐसी मांओं के हैं जो 10वीं या 12वीं पास हैं. वहीं, 31.14% बच्चे उन मांओं के हैं जो ग्रेजुएट या उससे ज्यादा पढ़ी-लिखी हैं.
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बिहार और मध्यप्रदेश सहित सात राज्यों में जन्म पंजीकरण में बड़ा लैंगिक अंतर
- Wednesday May 4, 2022
- Reported by: भाषा
भारत के महापंजीयक (RGI) द्वारा तैयार किए गए आंकड़े के अनुसार बिहार, मध्य प्रदेश, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, महाराष्ट्र और राजस्थान में 2020 में लड़कियों की तुलना में लड़कों के जन्म के पंजीकरण में बहुत अधिक अंतर दर्ज किया गया. पंजीकृत जन्म के लैंगिक वर्गीकरण से पता चलता है कि उक्त वर्ष में जन्म के बाद पंजीकृत की गई लड़कियों की संख्या पंजीकृत किए गए लड़कों से लगभग 4 प्रतिशत कम हैं.
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घर नहीं, अस्पताल में जन्म! 96% Institutional Delivery ने बदली दिल्ली की हेल्थ तस्वीर
- Friday January 16, 2026
- Edited by: सुभाषिनी त्रिपाठी
दिल्ली में सेफ डिलीवरी की दिशा में बड़ी उपलब्धि सामने आई है. Annual Report on Registration of Births and Deaths in Delhi 2024 के अनुसार, राजधानी में करीब 96 प्रतिशत डिलीवरी घर पर नहीं, बल्कि अस्पतालों और मान्यता प्राप्त हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन में हुए हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स इसे मातृ और शिशु सेहत के लिए बेहद पॉजिटिव संकेत मान रहे हैं.
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दिल्ली में मौतों का आंकड़ा बढ़ा! 2024 में हर दिन औसतन 381 मौतें, जानिए वजह
- Friday January 16, 2026
- Edited by: दीक्षा सिंह
सरकार की Annual Report on Registration of Births and Deaths in Delhi 2024 के मुताबिक, राजधानी दिल्ली में मौतों का आंकड़ा बढ़ा है. साल 2024 में कुल 1,39,480 मौतें दर्ज की गईं, जो 2023 के मुकाबले ज्यादा हैं.
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25–29 साल की उम्र में मां बनना क्यों माना जाता है सबसे सुरक्षित? रिपोर्ट ने खोले राज
- Friday January 16, 2026
- Written by: सुभाषिनी त्रिपाठी
आपको बता दें कि सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (CRS) 2024 की रिपोर्ट में यह साफ हो गया है कि दिल्ली की महिलाएं अब अपनी सेहत और करियर के बीच एक बहुत ही समझदारी भरा बैलेंस बनाकर चल रही हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कि आखिर दिल्ली में किस उम्र में मां बनना सबसे ज्यादा पसंद किया जा रहा है और इसके पीछे की वजह क्या है.
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Annual Delhi Birth Report 2024: निरक्षर महिलाएं कम और 10वीं पास महिलाएं पैदा कर रहीं ज्यादा बच्चे
- Thursday January 15, 2026
- Written by: सुभाषिनी त्रिपाठी
रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में साल 2024 में कुल 3,06,459 बच्चों का जन्म हुआ. इसमें सबसे ज्यादा चौंकाने वाला आंकड़ा 'मैट्रिक' यानी 10वीं पास लेकिन ग्रेजुएट से कम पढ़ी-लिखी मांओं का है. कुल जन्म लेने वाले बच्चों में से करीब 41.47% बच्चे ऐसी मांओं के हैं जो 10वीं या 12वीं पास हैं. वहीं, 31.14% बच्चे उन मांओं के हैं जो ग्रेजुएट या उससे ज्यादा पढ़ी-लिखी हैं.
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बिहार और मध्यप्रदेश सहित सात राज्यों में जन्म पंजीकरण में बड़ा लैंगिक अंतर
- Wednesday May 4, 2022
- Reported by: भाषा
भारत के महापंजीयक (RGI) द्वारा तैयार किए गए आंकड़े के अनुसार बिहार, मध्य प्रदेश, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, महाराष्ट्र और राजस्थान में 2020 में लड़कियों की तुलना में लड़कों के जन्म के पंजीकरण में बहुत अधिक अंतर दर्ज किया गया. पंजीकृत जन्म के लैंगिक वर्गीकरण से पता चलता है कि उक्त वर्ष में जन्म के बाद पंजीकृत की गई लड़कियों की संख्या पंजीकृत किए गए लड़कों से लगभग 4 प्रतिशत कम हैं.
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